Chhattisgarh: बाईक पर सवार होकर जंगल से गुजरे SP - Collector, पहुंचे गांव, बच्चों को बांटी चॉकलेट

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों से बस्तर में बदलाव की बयार बहने लगी है। ताज़ा उदाहरण कोंडागांव जिले का है,जहां अंतिम छोर पर बसे दो गांवों में पहली बार कलेक्टर और एसपी एक साथ पहुंचे और जनता से उनकी समस्याए

कोंडागांव, 15 सितम्बर। एक समय था,जब छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के जिलों में जंगलो के भीतर अंतिम छोर पर बसे गांवों तक सरकार की पहुंच नहीं थी,लेकिन अब धीरे-धीरे सब बदलने लगा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों से बस्तर में बदलाव की बयार बहने लगी है। ताज़ा उदाहरण कोंडागांव जिले का है,जहां अंतिम छोर पर बसे दो गांवों में पहली बार कलेक्टर और एसपी एक साथ पहुंचे और जनता से उनकी समस्याएं जानी।

ग्रामीणों की लगाईं चौपाल

ग्रामीणों की लगाईं चौपाल

एक तरफ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात अभियान के तहत राज्य की ग्रामीण अंचलों में पहुंच रहे हैं। वहीं प्रशासन भी अब प्रदेश के संवेदनशील और अंदरूनी इलाकों तक पहुंच रहा है। सीएम भूपेश बघेल से प्रेरणा लेते हुए बुधवार को बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर विकासखण्ड के अंतिम छोर पर बसे संवेदनशील ग्राम बस्तरबुडरा और भालूपानी में जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक पहुंचे। जहां जिला कलेक्टर और एसपी ने ग्रामीणों के साथ वक्त बिताया साथ ही उन्हें उपहार दिये।

मोटरसाइकिल चलाते हुए पहुंचे थे गांव

मोटरसाइकिल चलाते हुए पहुंचे थे गांव

नक्सल प्रभावित कोण्डागांव के बड़ेराजपुर विकासखण्ड के अंतिम छोर पर बसे संवेदनशील ग्राम बस्तरबुडरा और भालूपानी में सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 'मावा गिरदा कोंडानार' कार्यक्रम में शामिल होने कलेक्टर दीपक सोनी और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल पहुंचे। क्योंकि इस इलाके तक पहुंचना आसान नहीं था, इसीलिए दोनों अधिकारी मोटरसाइकिल पर सवार होकर एक साथ जंगल के रास्ते से होते हुए इन गाँवो में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने इलाके में हो रहे सड़क निर्माण के सर्वेक्षण भी किया। दोनों ही अधिकाकारियों ने खाट पर बैठकर चौपाल का आयोजन किया।

बच्चो को दिए तोहफे

बच्चो को दिए तोहफे

पहली बार जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को अपने बीच पाकर ग्रामीणों की खुशी देखते बन रही थी। जिला कलेक्टर एवं एसपी ने भी ग्रामीणों की भावनाओं को समझते हुए उनके साथ वक्त बिताया। इसके अलावा स्थानीय युवाओं और स्कूली बच्चों को खेलने के लिए व्हॉलीबॉल, क्रिकेट किट का वितरण करते हुए सभी युवाओं को टी-शर्ट बांटे। वहीं स्कूली बच्चों को चॉकलेट एवं नोटबुक भी गिफ्ट में दिए। इसके अलावा गांव में सड़क ,बिजली और पानी जैसी मुलभुत सुविधाओं पर भी जानकारी ली। दोनों ही अधिकारियों ने ग्रामीणों की हर समस्या को बेहद ही इत्मीनान से सुना और उन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त करने का आश्वासन दिया।

किया प्रोत्साहित ,दी सरकारी योजनाओ की जानकारी

किया प्रोत्साहित ,दी सरकारी योजनाओ की जानकारी

ग्रामीणों से मुलाकात करते हुए कोंडगांव कलेक्टर सोनी ने ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याओं के संबंध में जाना और ग्रामीणों से गांव में चल रहे विकास कार्यों के संबंध में जानकारी लेते हुए समस्याओं के निदान हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। कोंडागांव जिले के पुलिस कप्तान एसपी दिव्यांग पटेल ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन लोगों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। मावा गिरदा कोंडानार यानि मेरा खुशहाल कोण्डागांव कार्यक्रम का मकसद विश्वास, विकास एवं सुरक्षा प्रदान करना है। जिसके तहत उन्होंने बच्चों को पुलिस के पास जाने से होने वाले संकोच को दूर करने के लिए शिक्षकों को स्कूली बच्चों को निकटतम थाने में शैक्षणिक भ्रमण कराने को कहा। उन्होंने यहां के युवाओं को पुलिस सेवा, थल सेना, सीमा सुरक्षा बल एवं सीआरपीएफ से जुड़कर देश की सेवा करने को प्रोत्साहित किया।

यह भी पढ़ें Chhattisgarh में आज भी है Dinosaur का भोजन, लाखों साल पहले धरती पर थे Tree Fern Plant

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+