Indian Ralilways: ट्रेन के AC कोच में क्या ओढ़े-बिछाए?, WCR में बेडरोल की नहीं हो रही भरपाई, शिकायतों का अंबार
पश्चिम मध्य रेल जोन से चलने वाली यात्री ट्रेनों में एसी कोच तो बढ़ गए लेकिन बेडरोल की भरपाई नहीं हो पा रही। रेल प्रशासन खरीदी का इंतजार कर रहा है और यात्रा करने वाले यात्री परेशानी से जूझ रहे हैं।

What to wear in AC coach of train: यात्री ट्रेनों में एसी कोच की अक्सर डिमांड रहती हैं। त्यौहार या समर विकेशन के वक्त लंबी वेटिंग के वक्त रेलवे ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने का इंतजाम करता हैं। एसी कोच मुहैया तो हो रहे है लेकिन अब सबसे बड़ी समस्या बेडरोल की आ रही है। अकेले पश्चिम मध्य रेल जोन में 60 हजार से ज्यादा बेड रोल की किल्लत बनी हुई हैं। इसके अलावा यात्रा के दौरान मैले-कुचेले बेडरोल को लेकर भी हर रोज शिकायतें आती है और बदलना पड़ते है। जब तक इसकी भरपाई नहीं हो रही, तो कहा जा रहा है कि यात्रियों को बेडरोल का खुद इंतजाम करके चलना होगा।

पश्चिम मध्य रेल जोन इन दिनों यात्री ट्रेनों में अतिरिक्त एसी कोच की डिमांड फुलफिल करने के साथ बेड रोल की समस्या से जूझ रहा है। ट्रेनों में AC कोच तो बढ़ गए, लेकिन उसमे बेड रोल की व्यवस्था नहीं है। जबलपुर, भोपाल और कोटा रेल मंडल से लगभग 150 ट्रेने संचालित हैं। इनमें करीब एक हजार एसी कोच है। किसी सीजन के वक्त एससी कोच में जब लंबी वेटिंग रहती है तो अतिरिक्त कोच भी लगाए जाते है। पहले से चले आ रहे बेडरोल अब उपयोग लायक नहीं बचे। इसके लिए 1 लाख 20 हजार बेड रोल तो खरीदें गए लेकिन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या के हिसाब से अभी भी लगभग 60 हजार बेडरोल की और जरुरत है।

पश्चिम मध्य रेल जोन के सीपीआरओ राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि आवश्यकता को देखते हुए स्टोर विभाग बेडरोल की भरपाई करने का प्रयास कर रहा है। जल्द ही कमी को दूर कर लिया जाएगा। आपको बता दें कि बीते दिनों केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी बेडरोल की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को लेकर आपत्ति जताई थी। गोंडवाना एक्सप्रेस में सफ़र के दौरान मंत्री पटेल ने अटेंडर को भी फटकार लगाई थी। उनको दाग लगे और गंदे बेडरोल दिए गए थे। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि ठेकेदार के खिलाफ तक कार्रवाई हुई।












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