EOW: क्या उत्कृष्ट भ्रष्टाचार का संतोष पॉल को ईनाम? सस्पेंशन की बजाय सिर्फ अटैचमेंट..

जबलपुर, 24 अगस्त: आय से 650 गुना ज्यादा करोड़ों की प्रॉपर्टी जुटाने वाले जबलपुर ARTO संतोष पॉल पर अभी भी मेहरबानी बरस ही रही है। ईओडब्ल्यू छापे के हफ़्ते भर बाद जो विभागीय कार्रवाई हुई, उस पर सवालों की झड़ी लग गई हैं। पत्नी रेखा पॉल अभी भी कुर्सी पर डटी है और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे संतोष को सस्पेंड करने की बजाय उसका सिर्फ दफ्तर ही बदला गया है। पूर्व मंत्री पहले ही इस बात का खुलासा कर चुके है कि एआरटीओ के खिलाफ बोलने से उन्हें BJP ने मना किया था।

पद से हटाया, सस्पेंड क्यों नहीं ?

पद से हटाया, सस्पेंड क्यों नहीं ?

मप्र के परिवहन विभाग में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। जबलपुर के प्रभारी आरटीओ संतोष पॉल के खिलाफ जिस ढंग से कार्रवाई की रस्म अदा की जा रही है, उससे तो यही लगता है। EOW की रेड के बाद विभाग को उसके खिलाफ, एक तो एक्शन लेने में हफ़्ते भर का वक्त लगा वो भी सिर्फ रस्म अदायगी के रूप में। यानी RTO के पद से हटाकर पॉल को शहर में ही संभागीय परिवहन उपायुक्त कार्यालय में अटैच कर दिया गया। मंत्रालय से जारी यह आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है।

आरोपी क्लर्क पत्नी चाहे जो करें...

आरोपी क्लर्क पत्नी चाहे जो करें...

ईओडब्ल्यू द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज की गई FIR में संतोष की क्लर्क पत्नी रेखा पॉल को भी आरोपी बनाया गया है। लेकिन विभाग ने रेखा को उसी दफ्तर में बैठने की छूट दे रखी है। मतलब साफ़ है कि उनकी मर्जी में चाहे जो आए, वो करें.. । जबकि हर रोज इस पॉल दंपत्ति के घर से लेकर दफ्तर तक के कारनामों के काले चिट्ठे खुल रहे है। रेखा को अभी तक, न तो पद से हटाया है और न ही सस्पेंड किया गया।

ये मेहरबानी विभाग की या सत्ता?

ये मेहरबानी विभाग की या सत्ता?

अकूट दौलत कमाने के आरोपों की लंबी फेहरिस्त के बीच यह सवाल लाजमी है कि पॉल दंपत्ति पर इतनी मेहरबानी क्यों? क्या संतोष की करतूतों का गठजोड़ राजधानी भोपाल के विभागीय मंत्रालय के आकाओं से भी रहा? क्या काली कमाई के हिस्से से आचमन करने अफसरों की कलम चलने में कांप रही है? नतीजतन दस साल से दोनों के बीच बने याराना को भी अभी निभाया जा रहा है। प्रदेश की सत्ता की इस अफसर पर मेहरबानी के किस्से का पूर्व मंत्री हरेन्द्रजीत बब्बू पहले ही खुलासा कर चुके है, किस तरह उनकी ही पार्टी के नेताओं ने संतोष पॉल के खिलाफ कुछ भी बोलने पर पाबंदी लगा दी थी।

अंधी कमाई का उत्कृष्टता पुरुस्कार !

अंधी कमाई का उत्कृष्टता पुरुस्कार !

संतोष पॉल के सस्पेंड न होने के पीछे कई क़ानूनी दलीलें दी जा रही हैं। यह वही अफसर है जिसे सरकार गाहे-बगाहे उत्कृष्टता पुरूस्कार भी देती रही। जबलपुर समेत अन्य जिलों में सरकार, संतोष को बेहद काबिल अफसर मानती रही, जिसके शील्ड, सर्टिफिकेट सिर पर उठाकर संतोष खुद को वह पाक साफ़ साबित करने की कोशिश कर रहा है। पब्लिक और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग यही कह रहे है, कि सरकार ने उसे उत्कृष्ट भ्रष्टाचार करने का फिर से ईनाम दिया है, वो भी जबलपुर में ही अटैच करके...।

जिस जमीन पर आलीशान बंगला कैसे हथियाई ?

जिस जमीन पर आलीशान बंगला कैसे हथियाई ?

आरोपी संतोष पॉल का शहर की जिस जगह पर आलीशान बंगला है, वह जगह जबलपुर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आती है। ईओडब्ल्यू की चल रही जांच के साथ लोगों ने मांग की है कि 10 हजार वर्ग फुट की JDA की जमीन इस अधिकारी को कैसे मिली, इसकी भी जांच होना चाहिए। जेडीए अपनी संपत्ति विक्रय के लिए जिस प्रक्रिया को अपनाता है, उसमें भी कारिस्तानी की बूं आने की बात कही जा रही हैं। टेंडर ऑफ़र के बाद जमीन अलॉट होने की लंबी प्रक्रिया है। आशंका जताई जा रही है कि इस जमीन को हथियाने में भी संतोष ने खूब काला-पीला किया होगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+