Jabalpur : परिजन तलाश रहे थे उसके लिए दुल्हन और वो पुलवामा अटैक में वतन पर मर मिटा, 30 की उम्र में हुआ शहीद
Jabalpur News, जबलपुर। जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले (Pulwama Attack) ने मध्यप्रदेश से भी एक लाल छीन लिया है। शहीद अश्वनी कुमार काछी महज 30 साल के थे। वे पुलवामा अटैक में शहीद हुए CRPF के 44 जवानों में सबसे कम उम्र के जवानों में से एक थे। जम्मू कश्मीर में अश्वनी की पहली पोस्टिंग थी।

सीआरपीएफ की 35वीं बटालियन में तैनात (Ashwani Kumar Kachi) अश्वनी कुमार काछी के परिजन उसके सिर सेहरा सजाने का ख्वाब देख रहे थे। उसकी शादी की भी बात चल रही थी, मगर इस बीच गुरुवार शाम को Ashwani Kumar Kachhi के शहीद होने की खबर आ गई। परिवार में जिसने अश्वनी कुमार की शहादत के बारे में सुना वो आंसू नहीं रोक पाया।
बता दें कि अश्वनी कुमार काछी मध्यप्रदेश के जलबपुर जिले के मझौली के खुड़ावल गांव के रहने वाले थे। सुकरू काछी और कौशल्या के पांच बच्चों में से सबसे छोटे अश्वनी कुमार पिछले नवरात्र में घर आए थे और अगली बार चैत्र नवरात्र में आने वाले थे। शुक्रवार को शहीद परिवार को सांत्वना देने के लिए हजारों लोग उनके घर पहुंचे।
मां बीड़ी मजदूर, परिवार बेहद गरीब
जानकारी के अनुसार अश्वनी कुमार के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। मां बीड़ी मजदूर है। पिता की भी मजदूरी करते हैं। परिवार में अश्वनी अकेला ही नौकरी लगा हुआ था। राजस्थान में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद छह माह पूर्व ही जम्मू कश्मीर में पोस्टिंग मिली थी। जल्द ही उसकी शादी होने वाली थी। परिवार उसके लिए लड़की भी तलाश कर रहा था। मध्यप्रदेश सरकार ने शहीद अश्वनी कुमार के परिवार को एक करोड़ रुपए, आवास व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।












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