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Railway News: चाचा हो या फूफा, रिश्तेदार की आईडी से बनी रेलवे की E-Ticket तो पहुंच जाओगे जेल

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यदि आप किसी यात्रा के लिए रेल का ई-टिकट अपने रिश्तेदार की आईडी से बनवाते है, तो आप किसी भी वक्त बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगे। हो सकता है कि पकड़े जाने के बाद संबंधित यात्री और उसकी टिकट बनाने वाला रिश्तेदार को जेल की हवा खाना पड़ जाए। दरअसल मप्र के पश्चिम मध्य रेल जोन जबलपुर समेत पूरे देश में RPF ने 'ऑपरेशन उपलब्ध' अभियान शुरू किया है। जिसमें बड़े स्तर पर कार्रवाई हो रही हैं।

घर बैठे ये सहूलियत कही परेशानी न बन जाए?

घर बैठे ये सहूलियत कही परेशानी न बन जाए?

सहूलियत के लिए यदि आप घर बैठे किसी रिश्तेदार की आईडी से रेल यात्रा का ई-टिकट बनवा रहे है, तो अब सावधान हो जाए। दरअसल इस तरह से आपकी यात्रा का बन रहा टिकट अवैध हैं। रेल नियमों के मुताबिक आपकी यात्रा आप अपनी यूजर आईडी से ऑनलाइन यानि ईटिकट सिर्फ परिवार के ही लोगों का बना सकते हैं। अन्य किसी का टिकट बनवाना रेल एक्ट के उल्लंघन की श्रेणी में माना जाएगा।

कार्रवाई की यह है मुख्य वजह

कार्रवाई की यह है मुख्य वजह

काफी समय से रेलवे के पास ऐसी शिकायते मिल रही है कि अधिकृत ट्रेवेल एजेंसी या वेंडर के अलावा ई-टिकट बनाने का कारोबार कर रहे है। जिसमें कुछ लोग व्यक्तिगत या अन्य लोगों के ईमेल के जरिए रेलवे की IRCTC की वेबसाईट पर यूजर आईडी क्रियेट कर टिकट बनाने का धंधा कर रहे हैं। कुछ मामलों में फ़ेक टिकट के साथ यात्री पकड़े गए। ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने और आम यात्रियों को परेशानियों से बचाने रेलवे ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है।

पश्चिम मध्य रेलवे से देशभर में हड़कंप

पश्चिम मध्य रेलवे से देशभर में हड़कंप

पश्चिम मध्य रेल जोन जबलपुर मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जोन के भोपाल, कोटा मंडल में ऐसे टिकट लेकर यात्रा कर रहे कई यात्रियों को पकड़ा गया है। जिसमें कई चौकाने वाले मामले भी सामने आए है। इन कार्रवाई को रेलवे ने गंभीरता से लेते पूरे देश में बड़े स्तर पर ऐसा अभियान चलाने का फैसला लिया है। सीपीआरओ का कहना है कि आम यात्रियों को भी जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है कि यदि उनकी खुद की यूजर आईडी नहीं है तो वे या तो अधिकृत एजेंट से टिकट बनवाये या फिर ऑफ़लाइन आरक्षित टिकट रेलवे के काउंटर से खरीदे।

‘ऑपरेशन उपलब्ध’ नाम से RPF ने चलाया अभियान

‘ऑपरेशन उपलब्ध’ नाम से RPF ने चलाया अभियान

पश्चिम मध्य रेल जोन में जारी इस कार्रवाई को आरपीएफ ने 'ऑपरेशन उपलब्ध' नाम दिया है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार पकड़े जा रहे ऐसे कई यात्री पकड़े गए जिन्होंने अपने चाचा या फिर फूफा की यूजर आईडी से टिकट ई-टिकट का आरक्षण कराया था। जिनके खिलाफ रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। फिर उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।

सॉफ्टवेयर साबित हो रहा मददगार

सॉफ्टवेयर साबित हो रहा मददगार

ऑनलाइन टिकट सुविधा की आड़ में रेल टिकटों का गोरखधंधा करने वालों में हड़कंप मचा हैं। ई-टिकट का आरक्षण होने के बाद यदि आपके मोबाइल पर टिकट का मैसेज है या फिर उसका प्रिंट आउट है। उसकी जांच एक सॉफ्टवेयर से की जा रही है। जिससे पीएनआर से तत्काल यह पता लग जाता है कि संबंधित टिकट किस यूजर आईडी से बनी और वह व्यक्ति कौन है?

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English summary
Jabalpur indian Railway e-ticket made from relative's ID will reach jail rpf started campaign
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