MP News Jabalpur: जबलपुर में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सोमती नदी में गिरी, चार की मौत, दो गंभीर घायल
MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर सोमती नदी पर बने पुल से एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो एसयूवी नीचे जा गिरी।
इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

चरगंवा से जबलपुर लौट रहे थे सभी सवार
हादसे में शामिल सभी लोग चरगंवा क्षेत्र के चौकीताल गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ये सभी स्कॉर्पियो वाहन (नंबर MP04 BA 6954) से किसी निजी कार्य के लिए जबलपुर जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी सोमती नदी के पुल पर पहुंची, तेज रफ्तार के कारण वाहन अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी और गाड़ी के गिरते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई।
रेस्क्यू में जुटी पुलिस और ग्रामीणों की टीम
हादसे की सूचना मिलते ही चरगंवा थाना प्रभारी अभिषेक प्यासी तत्काल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया। स्कॉर्पियो की बॉडी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, जिसमें लोग फंसे हुए थे। सब्बल और अन्य औजारों की मदद से गाड़ी को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।

रेस्क्यू टीम को दो घायल जीवित मिले, जिनकी हालत गंभीर थी और वे बोलने तक की स्थिति में नहीं थे।
घायलों की पहचान
- दोनों गंभीर रूप से घायलों की पहचान इस प्रकार हुई:
- मनोज प्रताप (35 वर्ष), पुत्र गोविंद पटेल, निवासी चौकीताल
- जितेंद्र लोधी (36 वर्ष), पुत्र नारायण पटेल, निवासी चौकीताल
दोनों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

मृतकों की भी पुष्टि, गांव में पसरा मातम
हादसे में जान गंवाने वाले चारों युवकों की पहचान चौकीताल गांव के ही निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया है। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। एक ही गांव के छह युवक सड़क हादसे का शिकार हो जाएं, यह पूरे इलाके के लिए गहरा आघात है।
गांव में हर घर में सन्नाटा पसरा है और हर आंख नम है। पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक घटना पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन की कार्रवाई और सवाल
पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है। फिलहाल माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और पुल पर सुरक्षा अव्यवस्था इस हादसे का मुख्य कारण है। यह कोई पहला मामला नहीं है, जब सोमती नदी का यह पुल हादसों का कारण बना हो।
स्थानीय लोग पहले भी कई बार इस पुल पर रेलिंग और संकेतकों की कमी को लेकर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जानलेवा लापरवाही या दुर्भाग्य?
इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं - क्या यह केवल एक हादसा था या फिर प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा? तेज रफ्तार तो एक कारण हो सकता है, लेकिन क्या पुल की सुरक्षा उचित थी? जिन परिवारों ने आज अपनों को खोया है, उनके लिए यह सवाल हमेशा के लिए खुला रह जाएगा।












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