दीपावली में पटाखे हवा में फिर घोलेंगे जहर ! एनजीटी के निर्देशों के पालन की फिर उठी मांग

जबलपुर, 27 सितंबर: देश के कई मेट्रो शहरों में वायु प्रदूषण बहस का बड़ा मुद्दा रहा हैं। खासकर राजधानी दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत पुअर रहा, जिसकी वजह से कई कड़े फैसले भी लिए गए। एक बार फिर दीपावली करीब आते हुए प्रदूषण को लेकर NGT के आदेशों के पालन की मांग उठने लगी हैं । जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की याचिका पर करीब दो साल पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पटाखे जलाने को लेकर कई निर्देश जारी किए थे।

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राजधानी दिल्ली में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का हवाला देते हुए सरकार ने पटाखे जलाने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। जिसकी सबसे बड़ी वजह वायु प्रदूषण है, लगातार इस महानगर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही देखा गया । इसी तर्ज पर जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने मध्यप्रदेश के शहरों समेत अन्य जगहों पर भी NGT की गाइड लाइन के मुतबिक पटाखे जलाने की मांग की जा रही है। संगठन का कहना है कि हवा घुलते जहर की वजह से ह्रदय और सांस रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ हैं । स्थानीय स्तर पर शहरों में वायु प्रदूषण रोकने गंभीरता नहीं बरती जा रही हैं।

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2020 में NGT ने दिए थे आदेश
दरअसल एमपी के जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने ही NGT में एक याचिका दायर पटाखों के जलने के बाद होने वाले वायु प्रदूषण पर चिंता जताई थी। बढ़ते प्रदूषण की वजहों में दीपावली के वक्त पटाखों जलाने पर 2020 में कई जरुरी निर्देश किए थे । जिसमें किसी भी शहर की वायु प्रदूषण के स्तर के हिसाब से पटाखे जलाने समयावधि निर्धारित की गई । लेकिन उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच का आरोप है कि बेहद गंभीर इस मसले को लेकर कोई भी सरकार गंभीर नहीं है । निर्देशों का ठीक ढंग से पालन नहीं हो रहा है । मंच ने मांग की है कि NGT के आदेशों का जबलपुर समेत पूरे में देश में पालन कराया जाए ।

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