IRCTC ने दी ट्रेन की गलत जानकारी, यात्री ने वसूला मुआवजा
मुंबई। उपभोक्ता फोरम ने आईआरसीटीसी को एक व्यक्ति को ट्रेन के समय की गलत जानकारी देने पर 7 हजार रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया है। इस मुआवजे के साथ-साथ आईआरसीटीसी को टिकट की कीमत और आरटीआई डालने में आए खर्च की रकम भी उपभोक्ता को देनी होगी।

नवी मुंबई के कमोथे निवासी गोपाल बंकटलालजी बजाज ने 5 मई 2013 को अमरावती से मुंबई जाने के लिए नागपुर-मुंबई एक्सप्रेस में रिजर्व सीट के लिए आईआरसीटीसी के जरिए एक टिकट बुक कराया था।
साढ़े चार घंटे लेट थी ट्रेन
टिकट के लिए गोपाल ने 300 रुपए का ऑनलाइन भुगतान किया, और पीएनआर नंबर के साथ टिकट की जानकारी आईआरसीटीसी ने एसएमएस के जरिए उनके मोबाइल पर भेज दी।
इसके बाद जब वह अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए अमरावती स्टेशन पर तय समय 7:40 बजे पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनकी ट्रेन साढ़े चार घंटे लेट है। गोपाल को अगले दिन सुबह अपने ऑफिस पहुंचना था इसलिए वह एक दूसरी ट्रेन का टिकट लेकर जनरल डिब्बे में परेशानी के बीच मुंबई पहुंचे।
आईआरसीटीसी ने दी गलत जानकारी
इसके बाद गोपाल ने मामले की शिकायत ठाणे उपभोक्ता फोरम में दर्ज कराई। फोरम को दी गई शिकायत में उन्होंने बताया कि आईआरसीटीसी को जब उन्होंने इस बारे में मेल किया तो उसके जवाब में उन्हें कहा गया कि उस दिन ट्रेन अपने समय पर ही स्टेशन पहुंची थी।
हालांकि जब गोपाल ने नई दिल्ली स्थित आईआरसीटीसी के हैड ऑफिस से आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी तो उन्हें बताया गया कि उस दिन ट्रेन अपने तय समय से लेट चल रही थी। आईआरसीटीसी ने उनके बुक टिकट के 300 रुपए भी वापस कर दिए।
दूसरे टिकट के पैसै और आरटीआई खर्च भी देना होगा
गलत जानकारी से नाखुश गोपाल ने फोरम के जरिए आईआरसीटीसी से परेशानी और कानूनी खर्चे के अलावा अपने दूसरे टिकट के पैसे और आरटीआई डालने में आए खर्च की भी मांग की।
फोरम ने गोपाल को हुई परेशानी के लिए 5 हजार रुपए, कानूनी खर्च के तौर पर 2 हजार रुपए, दूसरे टिकट के 180 रुपए और आरटीआई के खर्च 150 रुपए 12 प्रतिशत ब्याज की दर से आईआरसीटीसी को देने का निर्देश दिया है।












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