रूस की उस मिसाइल के बारे में सब-कुछ जिससे डरे हैं अमेरिका और ब्रिटेन
7,400 किलोमीटर प्रतिघंटा स्पीड वाली मिसाइल ने अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक मचाई हलचल। एक बार लॉन्च होने के बाद इसे रोकना मुश्किल। रूस के रक्षा मंत्रालय ने जारी की तस्वीर।
मॉस्को। रूस के बारे में कहते हैं कि इसके पास मौजूद डिफेंस टेक्नोलॉजी का पता आसानी से नहीं लग पाता है। इसी का एक और नमूना रूस ने फिर से पेश किया है और इस बार नमूने में है रूस की मिसाइल जिरकॉन। रूस की यह ऐसी मिसाइल है जिसने अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक हलचल मचाकर रख दी है।

क्यों डरे हैं ब्रिटेन और अमेरिका
दरअसल जिरकॉन एक हाइपरसोनिक मिसाइल है और रूस ने इस मिसाइल का एक सीरिज के साथ प्रॉडक्शन शुरू कर दिया है। मिसाइल की रफ्तार, ध्वनि की रफ्तार से पूरे पांच गुना ज्यादा है। रशियन मीडिया की रिपोर्ट्स पर अगर यकीन करें तो यह मिसाइल 7,400 किलोमीटर से भी ज्यादा की स्पीड हासिल कर सकती है। मिसाइल के आने के बाद से दुनिया के ताकवर देश अमेरिका और ब्रिटेन और इसकी फौज भी टेंशन में हैं। ब्रिटेन की रॉयल नेवी के पास वर्तामन में सी कैप्टर मिसाइल है जो सिर्फ 2,300 मील प्रति घंटे वाली मिसाइल को ही गिरा सकती है। दूसरी ओर अमेरिका को इस बात का डर है कि रूस इस मिसाइल को अपनी न्यूक्लियर क्षमता वाली किरकोव वॉरशिप में फिट कर सकता है।रूस की न्यूज एजेंसी इतर तास की ओर से कहा गया है कि जिरकॉन का परीक्षण वर्ष 2017 के अंत में होगा और अगले वर्ष तक इसका उत्पादन शुरू हो जाएगा। एक नजर डालिए इस मिसाइल से जुड़ी कुछ खास बातों पर।
क्या हैं खास बातें
- हाइपरसोनिक मिसाइल जिरकॉन की स्पीड साउंड की स्पीड से पांच गुना ज्यादा।
- जिरकॉन लॉन्च होने के बाद 7,400 किलोमीटर से ज्यादा की स्पीड हासिल कर सकती है।
- इस मिसाइल को लॉन्च होन के बाद रोकना एकदम असंभव है और यह बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकती है।
- यह मिसाइल 400 किलोमीटर तक स्थित अपने निशाने को भेद सकती है।
- वर्ष 2022 तक इसे रूस की सेना में शामिल करने की योजना है।
- मिसाइल में जिस इंजन का प्रयोग किया गया है उसे स्क्रैमजेट इंजन कहते हैं।
- यह इंजन हवा से ऑक्सीजन का प्रयोग करता है।
- जिरकॉन दुनिया के किसी भी बेस्ट एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम का सामना कर सकती है।












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