मछली पकड़ने समंदर में गये थे मछुआरे, हाथ लगी व्हेल की उल्टी और बन गये करोड़पति
यमन के रहने वाले 35 मछुआरों की किस्मत उस वक्त पूरी तरह से बदल गई जब उनके हाथ एडेन की खाड़ी में मछली पकड़ते वक्त एक मरी हुई व्हेल मछली मिली।
सना, जून 02: कहते हैं इंसानों की जिंदगी कब कहां और कैसे बदल जाए, कोई नहीं कह सकता है। यमन में भी जब मछुआरे घर से मछली पकड़ने निकले थे तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि आज उनकी किस्मत बदलने वाली है। मछुआरों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि व्हेल मछली के पेट से उन्होंने करोड़ों का खजाना मिल जाएगा। ये वाकया कोई कहानी नहीं है बल्कि सौ फीसदी ये सच है। यमन के एडेन के खाड़ी में मछली पकड़ने गये मछुआरों की किस्मत एक मरी हुई व्हेल मछली ने बदलकर रख दी।

मरी व्हेल ने बदली किस्मत
यमन के रहने वाले 35 मछुआरों की किस्मत उस वक्त पूरी तरह से बदल गई जब उनके हाथ एडेन की खाड़ी में मछली पकड़ते वक्त एक मरी हुई व्हेल मछली मिली। व्हेल मछली की पेट से मिले खजाने ने मछुआरों की किस्मत हमेशा के लिए बदल दी है। क्या आप यकीन करेंगे कि मछुआरों के हाथ व्हेल मछली से क्या लगा है। सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे। मछुआरों के हाथ व्हेल मछली के पेट से उसकी उल्टी मिली है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये होती है। जी हां... सही सुना आपने व्हेल मछली की उल्टी पर मुंह ना बनाएं क्योंकि व्हेल मछली की उल्टी बाजार में करोड़ों रुपये में बिकती है और जिस भी भाग्यशाली मछुआरे के हाथ व्हेल की उल्टी लग गई, समझिए वो करोड़पति बन गया। दरअसल, 35 मछुआरे के एक ग्रुप मछली पकड़ने एडेन की खाड़ी में गया था। जहां उसे पता चला कि खाड़ी में एक स्पर्म व्हेल मछली का शव तैर रहा है और उन्होंने व्हेल मछली को पकड़ कर किनारे ले आए

व्हेल से मिला 'अनमोल खजाना'
मरी हुई व्हेल मछली को 35 मछुआरे पकड़कर किनारे ले आए और मछुआरों को अहसास होने लगा कि उन्हें ये व्हेल मछली करोड़पति बनाने वाली है। मछुआरों का अनुमान सही निकला और व्हेल मछली के अंदर से उसकी उल्टी मिल गई। व्हेल मछली के अंदर से उल्टी मिलते ही मछुआरे खुशी से पागल हो गये। एक किलो व्हेल मछली की उल्टी की कीमत 35 हजा रुपये पाउंड यानि करीब 36 लाख रुपये होता है और आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि व्लेह मछली के पेट से मछुआरों को 127 किलो उल्टी का टुकड़ा मिला है। ये मछुआरे युद्धग्रस्त अमन के अल-खएसा के रहने वाले हैं और 127 किलो व्हेल मछली की उल्टी के लिए उन्हें 11 लाख पाउंड यानि 11 करोड़ रुपये से ज्यादा दिए गये हैं।

व्हेल की उल्टी है तैरता सोना
एम्बरग्रीस के टुकड़ा मिलने के बाद ये मछुआरे अपने आप को भाग्यशाली बता रहे हैं।। एम्बरग्रीस ठोस, मोम जैसा ज्वलनशील तत्व होता है। यह हल्के ग्रे या काले रंग का होता है। स्पर्म वेल की आंतों में यह पाया जाता है। पानी के अंदर वेल मछलियां ऐसे कई जीव खाती हैं जिनकी नुकीली चोंच और शेल्स होती हैं। इन्हें खाने पर वेल के अंदर के हिस्से को चोट न पहुंचे इसके लिए एम्बरग्रीस अहम होता है। इसके साथ ही इन मछुआरों ने व्हेल मछली से मिली उल्टी का कुछ हिस्सा काटकर अपने गांववालों में भी बांट दिए, ताकि उनकी भी आर्थिक स्थिति भी ठीक हो जाए।

एम्बरग्रीस के होते हैं कई इस्तेमाल
इसका इस्तेमाल परफ्यूम इंडस्ट्री में किया जाता है। इसमें एक बिना गंध का ऐल्कोहॉल मौजूद होता है। जिसका इस्तेमाल परफ्यूम की गंध को लंबे वक्त तक बरकरार रखने के लिए किया जाता है। वैज्ञानिकों ने इसे तैरता हुआ सोना भी कहा है। इससे पहले नारिस नाम के एक मछुआरे को 24 लाख पाउंड (लगभग 25 करोड़ रुपये) की एम्बरग्रीस का 100 किलो का टुकड़ा मिला था।वह अब तक पाया गया एम्बरग्रीस का सबसे बड़ा टुकड़ा था

क्या कहते हैं वैज्ञानिक
वैज्ञानिकों के मुताबिक व्हेल मछली की उल्टी से बनने वाला ये खास पत्थर एक तरह का अपशिष्ट होता है। जिसे व्हेल पचा नहीं पाती और कई बार अपने मुंह से ही उगल देती है। इन्हें वैज्ञानिक भाषा में एम्बरग्रीस भी कहा जाता है। इसका रंग काले रंग का या फिर भूरे रंग का होता है। ये मोम जैसा ज्वलनशील पदार्थ है। आम तौर इसका वजह से 15 ग्राम से 50 किलोग्राम तक हो सकता है।












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