शक्तिशाली सेना का निर्माण, खतरों के लिए हों तैयार, शी जिनपिंग ने ब्लूप्रिंट-2035 में किसे दी धमकी?
गरीबी के खिलाफ सीपीसी की लड़ाई की सराहना करते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि, 9.6 करोड़ से ज्यादा सदस्यों की पार्टी ने "मानव इतिहास में गरीबी के खिलाफ सबसे बड़ी लड़ाई जीती है"।
Xi Jinping China's development 2035: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्लूप्रिंट-2035 की घोषणा कर दी है और उन्होंने अपने देश के लोगों से जो वादे किए हैं, उससे साफ जाहिर होता है, कि आने वाले सालों में चीन का दुनिया को लेकर इरादा क्या है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के उद्घाटन के मौके पर अपने उद्घाटन भाषण में शी जिनपिंग ने चीन की आर्थिक संपत्ति को "काफी" बढ़ाने और सैन्य क्षमताओं में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए 2035 तक चीन के विकास का खाका तैयार किया है।
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शी जिनपिंग का चीन से वादा
शी जिनपिंग ने कोविड -19 के खिलाफ अपने देश की लड़ाई का भी कांग्रेस के सामने प्रदर्शन किया और उन्होंने साफ तौर पर कहा कि, एक वक्त हांगकांग की स्थिति काफी अराजक हुआ करती थी, लेकिन अब हांगकांग पर चीन करा कंट्रोल स्थापित हो गया है और अब हांगकांग से अराजकता खत्म हो गई है। शी जिनपिंग ने हांगकांग में चीन के नियंत्रण को अपनी बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है। वहीं, हांगकांग के बाद शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर चेतावनी दी है और साफ तौर पर कहा है कि, ताइवान का चीन में पुनर्मिलन होकर रहेगा। शी जिनपिंग ने कहा कि, "इतिहास के पहिये" बदल रहे हैं और स्व-शासित द्वीप पर नियंत्रण करने के लिए बीजिंग की ओर बढ़ रहे हैं। शी जिनपिंग ने कहा कि, "हम (ताइवान के) शांतिपूर्ण एकीकरण के लिए पूरी ईमानदारी और अत्यधिक प्रयास करना जारी रखेंगे, लेकिन हम कभी भी बल प्रयोग को त्यागने और सभी आवश्यक उपाय करने का विकल्प सुरक्षित रखने का वादा नहीं करेंगे।"

शी जिनपिंग ने किसे दी धमकी?
अपने दो घंटे के भाषण के दौरान शी जिनपिंग ने 2017 कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस की तुलना में इस बात की बैठक को 'असामान्य' करार दिया है और उन्होंने देश के लोगों से कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार होने का आह्वान किया है। शी जिनपिंग ने कहा कि, "हमें अपनी कठिनाई की भावना को मजबूत करना चाहिए और जमीनी सोच के लिए खुद को तैयार करना चाहिए।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, शांति के समय में खतरे का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए और हमें खुद को बारिश के दिन की तैयारी करनी चाहिए और तेज हवाओं और ऊंची लहरों की बड़ी परीक्षाओं का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।" शी जिनपिंग के ये शब्द काफी असान्या माने जा रहे हैं, क्योंकि इन लाइनों का साफ मतलब है, कि वो अपने देशवासियों से किसी बड़े खतरे का सामना करने के लिए तैयार होने का आह्वान कर रहे हैं।
किस खतरे के लिए आगाह कर रहे जिनपिंग?
शी जिनपिंग के बयानों को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि, हो सकता है शी जिनपिंग का मतलब ताइवान पर हमले को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों की तरफ से लगने वाले प्रतिबंधों को लेकर अपने देश को सावधान करना हो। क्योंकि प्रतिबंध की स्थिति में चीन की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होगी और चीन के पास ऐसे बाजार नहीं हैं, जहां वो अपने सामान खपा कर नुकसान की भरपाई कर सकें। वही, इंडो-पैसिफिक में चीन को जिस तरह से अमेरिका और सहयोगी देश चुनौती दे रहे हैं, हो सकता है शी जिनपिंग का इशारा उस तरफ हो। लेकिन, इतना तो तय है, कि शी जिनपिंग ने भविष्य के किसी बड़े प्लान के लिए देश वासियों को तैयार हो जाने के लिए कहा है और तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद पूरे आसार हैं, कि चीन ताइवान पर हमला कर दे और बल से उसपर कब्जा करने की कोशिश करे।

'गरीबी के खिलाफ जीती लड़ाई'
गरीबी के खिलाफ सीपीसी की लड़ाई की सराहना करते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि, 9.6 करोड़ से ज्यादा सदस्यों की पार्टी ने "मानव इतिहास में गरीबी के खिलाफ सबसे बड़ी लड़ाई जीती है"। शी जिनपिंग, जो एक दशक में दो बार पार्टी कांग्रेस के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे, वो सीपीसी के नेता के रूप में एक मिसाल कायम करने वाले तीसरे कार्यकाल अपने हाथ में लेने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी के बाकी के नेतृत्व में बदलाव किए जाएंगे। साल 2017 में शी जिनपिंग ने करीब 3 घंटे का भाषण दिया था, जबकि इस बार शी जिनपिंग का भाषण एक घंटे कम था और इस दौरान चीनी राष्ट्रपति ने अपने दूसरे कार्यकाल की जमकर तारीफ की है और कहा कि, कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्र के "कायाकल्प" को हासिल करने का प्रयास करेगी। इस दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि, "हमारा भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन हमें अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है।" आपको बता दें कि, कम्युनिस्ट पार्टी के कांग्रेस में 2300 पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ और वेन जियाबाओ भी शामिल हो रहे हैं।

23 अक्टूबर को नये राष्ट्रपति के नाम की घोषणा
कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस का समापन 22 अक्टूबर को होगा और नए नेतृत्व का अनावरण 23 अक्टूबर को होगा। वहीं, साल 2035 के लिए चीन के समग्र विकास उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि, इसमें "आर्थिक ताकत, वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं, और समग्र राष्ट्रीय ताकत में वृद्धि, और प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद को मध्य-स्तर के विकसित देश के बराबर बढ़ाना" शामिल है। खासकर चीनी राष्ट्रपति ने देश की सेना को अत्याधुनिक बनाने पर खास जोर दिया है और साल 2035 तक पीएलए को विश्व की सबसे सर्वशक्तिशाली सेना बनाने का वादा दिया है। जाहिर तौर पर शी जिनपिंग का ये भाषण आने वाले वैश्विक संकट की तरफ इशारा करता है, जहां चीन दुनिया के सामने कई बड़ी चुनौतियां पेश करने वाला है।












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