क्या शी जिनपिंग देने वाले हैं राष्ट्रपति पद से इस्तीफा? चीन के सोशल मीडिया पर चर्चा काफी तेज
चीनी सोशल मीडिया इन अटकलों से गूंज रहा है, कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग देश में आर्थिक मंदी के साथ कड़े कोविड-19 लॉकडाउन के कुप्रबंधन के बाद अपने पद से हट सकते हैं।
बीजिंग, मई 14: चीनी सोशल मीडिया पर चर्चा काफी तेजी से की जा रही है कि, राष्ट्रपति शी जिनपंग राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अमूमन चीन के सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चा करने वालों को फौरन जेल में डाल दिया जाता है, क्योंकि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी सोशल मीडिया पर काफी सख्त नजर रखती है, लेकिन इस वक्त चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर काफी तेज अटकलें लगाईं जा रही हैं, कि शी जिनपिंग राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

इस्तीफे की अटकलें तेज
चीनी सोशल मीडिया इन अटकलों से गूंज रहा है, कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग देश में आर्थिक मंदी के साथ कड़े कोविड-19 लॉकडाउन के कुप्रबंधन के बाद अपने पद से हट सकते हैं। शी जिनपिंग के पद छोड़ने की अफवाहें पार्टी पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति की बैठक के बाद शुरू हुईं है, जो कम्युनिस्ट पार्टी का सामूहिक नेतृत्व समूह है, और यही पार्टी चीन पर शासन करती है। इसके अलावा, एक कनाडाई-आधारित ब्लॉगर द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी चीन द्वारा सेंसर किए जाने से पहले सोशल मीडिया पर चक्कर लगा रहा था, जिसमें दावा किया गया है कि, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

ब्लॉगर का दावा क्या है?
कनाडाई ब्लॉगर ने दावा किया है कि, इस साल के आखिरी क्वार्टर में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की बड़ी बैठक का आयोजन होना है, जिसमें देश के नये राष्ट्रपति का चुनाव होना है और करीब तीन महीने पहले तक शी जिनपिंग का ही फिर से राष्ट्रपति बनना तय था, लेकिन उससे पहले ही शी जिनपिंग को पार्टी से अलग होने के लिए मजबूर किया जा सकता है। और चीन के मौजूदा प्रधानमंत्री ली केपियांग को फिलहाल पार्टी और देश चलाने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जब तक की कम्युनिस्ट पार्टी नये राष्ट्रपति का चुनाव नहीं कर लेती है। वहीं, चीन के सोशल मीडिया पर अचानक शी जिनपिंग की काफी तेज आलोचना की जा रही है, जो काफी आश्चर्यजनक है। क्योंकि चीन में ऐसा देखने को नहीं मिलता है। वहीं, अत्यंत सख्त लॉकडाउन और कोविड मिसमैनेजमेंट के लिए लोग शी जिनपिंग के खिलाफ सीधे तौर पर लिख रहे हैं। वहीं, एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि, 'महामारी आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक 'ठोकर' है'।

कम्युनिस्ट पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस
वहीं, इस बीच चीन बहुत बड़े आर्थिक संकट में फंस चुका है, क्योंकि शी जिनपिंग ने चीन के प्रमुख कारोबारियों को सीधे निशाने पर लिया है। वहीं, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के वित्तीय और आर्थिक मामलों की केंद्रीय समिति के कार्यालय में उप निदेशक हान वेनक्सिउ ने कहा कि, महामारी को वैज्ञानिक सटीकता के साथ, अर्थव्यवस्था को स्थिर करके, और देश के विकास को सुरक्षित रखने की बातों को ध्यान में रखकर नियंत्रित किया जाना चाहिए, ना कि केवल एक पहलू को ध्यान में रखकर।

चीन की अर्थव्यवस्था को नुकसान
रिपोर्ट के मुताबिक, सख्त कोविड प्रतिबंधों ने चीन में औद्योगिक उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके परिणामस्वरूप पहली बार चीन की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है। वहीं, चीन के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान पहुंचा है और ये फरवरी 2020 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, जैसे-जैसे शंघाई में लॉकडाउन की अवधि बढ़ती जा रही है, विभिन्न निवेश बैंकों के विश्लेषकों ने भी देश की आर्थिक विकास दर के लिए अपने पूर्वानुमानों में कटौती करनी शुरू कर दी है। अप्रैल के महीने में, चीन की युआन मुद्रा में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जो 28 वर्षों में सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।

चीन का शेयर बाजार भी लुढ़का
इसके अलावा, चीन के शेयर बाजार भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिससे वैश्विक सुधार पर असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि गहन लॉकडाउन चीन में कंपनियों की बिक्री को प्रभावित करेगा और आपूर्ति श्रृंखला को भी प्रभावित करेगा। कथित तौर पर, इन सभी कारणों से चीन में व्यापक असंतोष पैदा हो गया है क्योंकि चीनी लोगों का उनके शासन में कठिन परिस्थितियों और असफल प्रबंधन पर जिनपिंग के शासन में विश्वास खो रहे हैं। लिहाजा, सोशल मीडिया पर चर्चा काफी तेज है, कि शी जिनपिंग को राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के लिए कहा जा सकता है और उनकी जगह पर देश के प्रधानमंत्री को फिलहाल राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।












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