शी जिनपिंग को किया गया चीन का 'कर्णधार' नियुक्त, कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में सभी कांटे हटाए गये
कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में शी जिनपिंग को चीन का 'कर्णधार' नियुक्त किया गया है। जानिए शी जिनपिंग कैसे बने आधुनिक चीन के महाराजा?
बीजिंग, नवंबर 12: चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में शी जिनपिंग को देश का 'महाराजाधिराज' नियुक्त किया गया है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की तरफ से कहा गया है कि, राष्ट्रपति शी जिनपिंग देश के "अग्रणी" हैं, जिनका "मूल नेतृत्व" चीन के कायाकल्प के लिए महत्वपूर्ण है।

जिनपिंग के हाथों में चीन
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और सीपीसी केंद्रीय समिति के नीति अनुसंधान कार्यालय के अधिकारी जियांग जिनक्वान ने कहा कि, "केंद्रीय समिति और पूरी पार्टी में शी जिनपिंग की मूल स्थिति को दृढ़ता से कायम रखते हुए, चीनी लोगों के पास अब एक रीढ़ है और 'चीनी राष्ट्र का कायाकल्प' नामक विशाल साम्राज्य का एक कर्णधार है।" सीपीसी के एक प्रमुख सम्मेलन ने गुरुवार को एक "ऐतिहासिक प्रस्ताव" अपनाया है, जिसमें 2012 के बाद से शी के नेतृत्व में उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया और चीनी नेता के कद को और ऊंचा कर दिया गया है। चीन में अगले साल राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाला है, लेकिन उससे पहले शी जिनपिंग के रास्ते के सभी कांटों को हटा दिया है और सभी विरोधियों को 'निपटा' गया है।

कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक
विश्लेषकों का कहना है कि, चीन में चार दिनों तक चली कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में शी जिनपिंग के रास्ते में उगे सभी 'कांटों' को हटा दिया गया है। सीपीसी केंद्रीय समिति के नीति अनुसंधान कार्यालय के अधिकारी जियांग जिनक्वान ने कहा कि ''शी जिनपिंग की सोच कम्युनिस्ट पार्टी को लेकर आधुनिक समाजवाद को लेकर है और शी जिनपिंग ने इसे नये सिरे से परिभाषित किया है''। उन्होंने कहा कि, "सीपीसी सही दिशा में आगे बढ़ते रहने और जोखिमों और चुनौतियों का सामना करते रहने के साथ साथ चीन के लोगों और राष्ट्र का विकास करने के लिए हमेशा काम कर रही है''।
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माओ के बाद जिनपिंग बने 'कर्णधार'
कम्युनिस्ट पार्टी ने शी जिनपिंग के लिए "हेल्समैन" शब्द का इस्तेमाल किया है, जिसका मतलब 'कर्णधार' होता है और शी जिनपिंग से पहले इस शब्द का इस्तेमाल आधुनिक चीन के संस्थापक माओत्से तुंग के लिए किया गया था और चीन में किसी दूसरे के लिए इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाता था। हालांकि, वर्तमान चीनी राजनीतिक और सामाजिक ढांचे में उनके महत्व पर जोर देने के लिए, अब इसका उपयोग शी जिनपिंग का वर्णन करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए इसका उपयोग 2020 में बीजिंग में इसी तरह के चार दिवसीय सीपीसी प्लेनम के अंत में किया गया था।

शी जिनपिंग की प्रशंसा
14 पन्नों के प्रस्ताव में शी जिनपिंग के कार्यकाल की काफी प्रशंसा की गई है। गुरुवार को अधिवेशन खत्म होने के बाद 'ऐतिहासिक प्रस्ताव' पर समीक्षा की गई है और फिर उसे पारित कर दिया गया। कम्युनिस्ट पार्टी के 100 सालों के इतिहास में ये तीसरा मामला है, जब इस तरह का प्रस्ताव पास किया गया है, जिसमें देश के नेता को 'कर्णधार' बताया गया है। कम्युनिस्ट पार्टी के इस अधिवेशन में करीब 400 नेताओं ने भाग लिया था। आपको बता दें कि, चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को देश का 'राजकुमार' की तरह देखा जाता है। शी जिनपिंग, चीन के पूर्व उप-प्रधानमंत्री शी झोंगझुन के बेटे हैं, जिनका विचार उदारवादी था, जिसकी वजह से माउत्से तुंग ने उन्हें काफी परेशान किया था। लेकिन, पिता से अलग शी जिनपिंग ने अपनी एक अलग पहचान कायम की है और पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ के कार्यकाल में देश के उप-राष्ट्रपति के पद तक पहुंचे।

अमेरिकी लोकतंत्र की निंदा
शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चायनीज कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा अगले महीने के लिए घोषित लोकतांत्रिक शिखर सम्मेलन की आलोचना भी किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बाइडेन के इस पहल को एक "तमाशा" कहा गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जियांग ने कहा कि, "एक शासक" का उपयोग करके दुनिया में विभिन्न राजनीतिक प्रणालियों को मापना और मानव जाति की विभिन्न राजनीतिक सभ्यताओं को "एक नीरस दृष्टिकोण" से देखना अलोकतांत्रिक है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था को बताया मजाक
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा गया कि, "संयुक्त राज्य द्वारा अमेरिका द्वारा आयोजित लोकतंत्र शिखर सम्मेलन" कुछ पश्चिमी देशों में लोकतांत्रिक मुद्दों के सामने एक मजाक है। जियांग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, दुनिया को दो या कई समूहों में विभाजित करने का वाशिंगटन का प्रयास सफल नहीं होगा। आपको बता दें कि, 2116 में शी जिनपिंग को 'केन्द्रीय नेता' का दर्जा दिया गया था। आपको बता दें कि, चीन में सत्ता के तीन केन्द्र हैं और तीनों पद के मालिक शी जिनपिंग हैं। शी जिनपिंग देश की सीपीसी के महासचिव, देश की शक्तिशाली केन्द्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष होने के साथ साथ देश के राष्ट्रपति भी हैं। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि, शी जिनपिंग अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं और खुद को देश का नायक के तौर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।












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