World News: फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन, छात्र निष्कासित, डिग्रियां रद्द, किस यूनिवर्सिटी का है मामला?
World News: अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय ने गुरुवार (13 मार्च) को कुछ छात्रों को निष्कासित और निलंबित कर दिया। निष्कासित किए छात्रों पर फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने का आरोप है।
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान ये छात्र कैंपस के एक भवन पर कब्जा कर लिया था। वहीं विश्वविद्यालय ने उन छात्रों के डिग्रियां भी रद्द कर दी हैं जिन्होंने स्नातक होने के बावजूद छात्र प्रदर्शन में भाग लिया था।
विश्वविद्यालय ने कैंपस में भेजे एक ईमेल में कहा कि, एक न्यायिक बोर्ड ने 2024 में गाज़ा युद्ध के खिलाफ विरोध करने के लिए हैमिल्टन हॉल पर कब्जा करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था।

जानिए क्या है मामला?
30 अप्रैल, 2024 को, विश्वविद्यालय के छात्रों का एक समूह कोलंबिया के हैमिल्टन हॉल में टेंट लगाकर गाज़ा में युद्ध के खिलाफ विरोध कर रहे थे। अगले दिन न्यूयॉर्क पुलिस ने कैंपस पर धावा बोल दिया और दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया, जिनके खिलाफ बाद में अनुशासनात्मक सुनवाई की गई। मैनहटन जिला अभियोजक के कार्यालय ने कहा कि 46 लोगों में से 31 के खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, अन्य छात्रों के खिलाफ निलंबन, निष्कासन या डिग्री रद्द जैसे कार्रवाई हो सकते हैं।
गिरफ्तारी को राष्ट्रपति ट्रंप ने जायज ठहराया था
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने कोलंबिया विश्वविद्यालय से कहा था कि, इजरायल का विरोध और फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई की जाय। पिछले दिनों फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्र महमूद खलील के गिरफ्तारी को राष्ट्रपति ट्रंप ने जायज ठहराया था।
400 मिलियन डॉलर फंडिंग वापस लिया गया
कोलंबिया विश्वविद्यालय को यह भी घोषणा की गई कि उसे 400 मिलियन डॉलर से अधिक का संघीय फंडिंग वापस ले लिया गया है, क्योंकि उसने उन एंटी-सेमेटिक व्यवहारों को प्रबंधित करने में विफलता दिखाई है, जो कथित रूप से प्रदर्शन के दौरान दिखाई दिए थे। हाउस रिपब्लिकन ने विश्वविद्यालय की आलोचना की है और छात्रों के प्रदर्शन से संबंधित अनुशासनात्मक रिकॉर्ड को जारी करने की मांग की है।
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आतंकवाद का समर्थन करने वालों को बाहर निकालेंगे
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा था कि, हम इन आतंकवादी समर्थकों को खोजेंगे,पकड़ेंगे और उसे देश से निर्वासित करेंगे,ताकि ये फिर कभी वापस न आने पाएं।
पोस्ट में आगे लिखा गया था कि, यदि आप निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की हत्या और आतंकवाद का समर्थन करते हैं, तो आपकी उपस्थिति हमारी राष्ट्रीय और विदेश नीति के हितों के खिलाफ है और आपका यहां स्वागत नहीं है। हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका के सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय इसका पालन करेंगे।
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