मौत लिए घूमती हैं ये दुनिया की सबसे खतरनाक सबमरीन, जानें क्या है खासियत?
टाइटैनिक का मलबा देखने गई टाइटन सबमरीन 18 जून को अचानक लापता हुई। खबर आई कि सबमरीन में सवार सभी पांच अरबपतियों की विस्फोट की वजह से मौत हो गई है। अमेरिका, रूस के पास सबसे खतरनाक सबमरीनों वाली नौसेना है।
अटलांटिक महासागर की गहराइयों में टाइटैनिक का मलबा देखने गई एक ओशन गेट की सबमरीन टाइटन अचानक हादसे का शिकार हुई। सबमरीन में सवार 5 लोग बेवक्त मौत की चपेट में आ गए। हादसे से पहले सबमरीन 4 दिन तक पानी के अंदर ही रही थी। लेकिन, संपर्क टूटने के बाद हादसे में तहस नहस हो गई।
क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस सबमरीन जल, जमीन और हवा तीनों स्तर पर हमले के लिए सक्षम मानी जाती है। इसीलिए इसे 'मौत की सबमरीन' के नाम से भी जाना जाता है। जो अपने साथ मौत लिए घूमती हैं। आइए ऐसे में हम आपको दुनिया की सबसे खतरनाक सबमरीनों से रूबरू करा रहे हैं...

सीवुल्फ क्लास सबमरीन
सीवुल्फ क्लास की सबमरीन अमेरिका की नौसेना की सबसे घातक सबमरीन है। यह धोखा देकर बचकर निकलने में वाली तकनीक से लैस है। इनकी लंबाई 353 से 452.8 फीट तक होती है। यह न्यूक्लियर अटैकिंग सबमरीन है। इसकी रफ्तार की बात की जाए तो 37 किलोमीटर प्रति घंटा है। बीम 40 फीट का होता है। इस सबमरीन में 14 ऑफिसर और 125 नौसैनिक सवार हो सकते हें। 26.5 इंच के 8 टॉरपीडो ट्यूब, 21 इंच व्यास वाले मिसाइलों के 50 लॉन्च पैड्स, 50 टोमाहॉक लैंड अटैक मिसाइल, हार्पून एंटी-शिप मिसाइल, एमके 48 गाइडेड टॉरपीडो से यह सबमरीन लोड कर सकते हैं।
वर्जीनिया क्लास सबमरीन
वर्जीनिया क्लास या एसएसएन-774 क्लास अमेरिका नौसेना की एक परमाणु ईंधन संचालित क्रूज मिसाइल फास्ट अटैक सबमरीन है। इसे जनरल डायनामिक्स इलेक्ट्रिक बोट (ईबी) और हंटिंगटन इंगल्स इंडस्ट्रीज ने डिजाइन किया गया है। इसकी लंबाई 377 से 460 फीट तक होती है। बीम 34 फीट है। इसकी अधिकतम 46 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार है। यह सीवूल्फ से छोटी और सस्ती है। लेकिन, सबसे घातक है। इस सबमरीन में 15 ऑफिसर और 120 नौसैनिक सवार हो सकते हैं। इस सबमरीन में 12 टोमाहॉक ट्यूब्स हैं, 4 टॉरपीडो ट्यूब, 25 टॉरपीडो मिसाइल ट्यूब लोड कर सकते हैं।
एस्ट्यूट क्लास सबमरीन
यह रॉयल नेवी सेवा में सबसे अत्याधुनिक परमाणु-संचालित बेड़े पनडुब्बियों की नवीनतम सबमरीन है। इनकी लंबाई 318.3 फीट और बीम 37.1 फीट है। इनमें रोल्स रॉयस का न्यूक्लियर रिएक्टर इंजन लगा है। बीएई सिस्टम्स सबमरीन , बैरो-इन-फर्नेस द्वारा तैयार किया गया है। इसकी स्पीड की बात करें तो 56 किलोमीटर प्रतिघंटा है। यह सबमरीन 980 फीट की गहराई तक जा सकती है। सबमरीन 21 इंच के छह टॉरपीडो ट्यूब्स लैस है। इससे टोमाहॉक क्रूज मिसाइल, स्पीयर्फिश हैवीवेट टॉरपीडो फायर कर सकते हैं।
यासेन क्लास सबमरीन
रूस की इस सबमरीन को ग्रेनी क्लास भी कहा जाता है। 1980 के दशक में इसका डिजाइन तैयार हुआ। 1990 के दशक में पहली सबमरीन बनी। यह अत्याधुनिक न्यूक्लियर पावर्ड अटैक से लैस है। इसकी लंबाई 457 फीट और बीम 43 फीट का है। पानी के अंदर इसकी स्पीड 65 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह अधिकतम 1804 फीट की गहराई तक जा सकती है। इस सबमरीन में 85 नौसैनिक सवार हो सकते हैं। इसमें 32 ओनिक्स एंटी-शिप क्रूज मिसाइल, 40 कैलिबर एंटी-शिप, एंटी-सबमरीन और लैंड अटैक क्रूज मिसाइलें लोड की जा सकती हैं।
सिएरा-2 क्लास सबमरीन
यह सबमरीन रूस की सबसे खतरनाक सबमरीनों में से एक है। यह एक न्यूक्लियर अटैक सबमरीन है। इसकी लंबाई 360 फीट और बीम 47 फीट है। इसकी पानी के अंदर स्पीड 59.3 किमी प्रति घंटा आंकी गई है। इसमें 72 नौसेना स्टाफ के सवार होने की व्यवस्थाओं से लैस है। यह 750 मीटर की गहराई तक जा सकती है। इसमें 4 टॉरपीडो ट्यूब, स्टारफिश एंटी-सबमरीन वेपन, 200 किलोटन डेप्थ चार्ज, 40 टॉरपीडो , 42 बारूदी सुरंग लोड किए जा सकते हैं।












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