ईरान आंदोलन के समर्थन में हिजाब पहनी अफगान महिलाओं ने निकाली रैली, तालिबानियों ने भगाया
काबुल, 29 सितंबरः ईरान में हिजाब के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन पड़ोसी देश अफगानिस्तान तक पहुंच चुका है। अफगानिस्तान स्थित ईरानी दूतावास के बाहर गुरुवार को लगभग 25 महिलाओं ने हिजाब न पहने के कारण मोरल पुलिस की शिकार हुई युवती महसा अमीनी के समर्थन में रैली निकाली।
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हिजाब पहनी महिलाओं ने निकाली रैली
बतादें कि लगभग 10 दिनों से ईरान में हिजाब की अनिवार्यता को लेकर आवाज उठा रहीं हैं, देश भर में महिलाओं का प्रदर्शन जारी हैं। इसके ही समर्थन में आज अफगानिस्तान की महिलाओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया। काबुल स्थित ईरानी दूतावास के सामने जमा महिलाओं की भीड़ ने नारे लगाए- 'महिला, जिंदगी, आजादी।' इसके साथ ही हिजाब पहनीं महिलाओं ने हाथ में बैनर लेकर रैली निकाली। इसपर लिखा था, 'ईरान आगे आया, अब हमारी बारी, काबुल से ईरान तक तानाशाही को ना कहें।'

महिलाओं को भगाने के लिए की हवाई फायरिंग
हालांकि महिलाओं का ईरानी दूतावास के सामने हो रहा प्रदर्शन अधिक देर तक टिक नहीं पाया। तालिबानी लड़ाकों ने महिलाओं के हाथ से बैनर छीनकर उनके सामने ही फाड़ डाला और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में फायरिंग की। इसके साथ ही रैली को कवर करने वाले पत्रकारों से तालिबानी लड़ाकों ने वीडियो डिलीट करन को बाध्य किया।

वैश्विक स्तर पर छाया हिजाब का मुद्दा
बतादें कि ईरान में सत्ता के विरोध में प्रदर्शन ने सरकार की जड़ें हिलाकर रख दी हैं। यह मामला अब बल्कि वैश्विक स्तर पर चर्चा बटोर रहा है। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रसीदी ने बुधवार को इस आंदोलन की निंदा की है। रईसी ने कहा कि जो लोग इन प्रदर्शनों में भाग ले रहे हैं उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, 'लोगों की सुरक्षा ही इस्लामिक रिपब्लिक की रेड लाइन है। किसी को कानून का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा।'

ईरान में अब तक 76 लोगों की हुई मौत
ईरान में विरोध प्रदर्शनों को दैरान अब तक 76 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के प्रशासन का कहना है कि अमीनी की मौत किसी अत्याचार की वजह से नहीं बल्कि हार्ट अकैट से हुई थी। ईरान के विदेश मंत्री अमीर अबदुल्लाहियान ने यूएन की बैठक में कहा कि इस तरह का प्रदर्शन कोई बड़ी बात नहीं है। इसके बाद उन्होंने एक रेडियो चैनल पर कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन नहीं होने वाला है। ईरान के लोगों की भावनाओं के साथ किसी को नहीं खेलना चाहिए। विदेश मंत्री के इस बयान के बाद जर्मनी और स्पेन ने ईरानी राजदूतों को समन किया है। वहीं कनाडा ने प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।












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