शर्म करो इमरान खान: महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश बना पाकिस्तान, यौन हिंसा में विश्व में नंबर-1
यूरोपीय यूनियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की महिलाओं को सबसे ज्यादा घरेलू और ऑफिस में यौन हिंसा और लैंगिंक भेदभाव का शिकार होना पड़ता है।
ब्रसेल्स/बेल्जियम: पाकिस्तान और चीन की महिलाओं को लेकर बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पाकिस्तानी मानवाधिकार आयोग की कार्यकर्ता ने यूरोपियन यूनियन की एक रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान की महिलाओं को सबसे ज्यादा घरेलू और ऑफिस में यौन हिंसा और लैंगिंक भेदभाव का शिकार होना पड़ता है। मानवाधिकार कार्यकर्ता अनिला गुलजार ने रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तानी महिलाओं को घर और दफ्तर दोनों जगहों पर यौन हिंसा का शिकार होना पड़ता है और उनके साथ सबसे ज्यादा लैंगिक भेदभाव किया जाता है।

सबसे खतरनाक देश पाकिस्तान!
ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स-2018 की रिपोर्ट में पाकिस्तान को महिलाओं के लिए छठा सबसे खतरनाक देश बताया गया था। और लैंगिंक भेदभाव के लिए पाकिस्तान को विश्व का दूसरा सबसे खराब जगह बताया गया था। पाकिस्तान की मानवाधिकार कार्यकर्ता अनिला गुलजार की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान और चीन, दोनों जगहों पर महिलाओं की स्थिति काफी ज्यादा खराब है। उन्होंने अपनी आर्टिकल 'लाइफ ऑफ वुमन इन पाकिस्तान एंड चायना' में उन्होंने लिखा है कि पाकिस्तान और चीन महिलाओं के रहने लायक नहीं है। इन दोनों देशों में सबसे ज्यादा महिलाओं को घर में ही यौन हिंसा का शिकार बनाया जाता है। यूरोपियन पार्लियामेंट इस रिपोर्ट को 12 मार्च को सार्वजनिक करने वाली है।

महिलाओं से हिंसा काफी ज्यादा
व्हाइट रिबन एनजीओ पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में महिलाओं की स्थिति काफी खतरनाक बताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 'पाकिस्तान में सेक्सुअल हिंसा की बात करना गुनाह माना जाता है। लेकिन 2004 से 2016 के बीच पाकिस्तान में 47 हजार 34 महिलाओं को सेक्सुअल हिंसा का शिकार बनाया गया है जबकि 15 हजार से ज्यादा ऑनर क्राइम के मामले सामने आये हैं वहीं 1800 से ज्यादा मामले घरेलू हिंसा के दर्ज किए गये हैं जबकि 5500 महिलाओं को अगवा किया गया।' रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पाकिस्तान में महिलाओं से अपराध करने वालों को सजा मिलने की दर भी काफी कम है। पाकिस्तान में सिर्फ 2.5 प्रतिशत लोगों को ही महिलाओं से हिंसा करने को लेकर कोर्ट से सजा मिल पाती है। इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तान की महिलाओं को दफ्तरों में भी काफी ज्यादा यौन हिंसा का शिकार बनाया जाता है, वहीं घरों में पुरूष सदस्य भी महिलाओं को यौन हिंसा का शिकार बनाते हैं।

दफ्तरों में लैंगिक भेदभाव
पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता की रिपोर्ट में कहा गया है कि दफ्तरों में लैंगिकता के आधार पर भी महिलाओं के साथ भेदभाव किया जाता है। पाकिस्तान में विश्व में सबसे ज्यादा लैंगिक भेदभाव किया जाता है। इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक पाकिस्तान में पुरूषों की तुलना में महिलाओंको 34 प्रतिशत कम सैलरी मिलती है। पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता अनिला गुलजार के मुताबिक पाकिस्तान में औसतन हर साल 2 हजार से ज्यादा महिलाओं को दहेज के लिए हत्या कर दी जाती है। इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि दहेज के लिए महिलाओं को काफी ज्यादा प्रताड़ित किया जाता है। ज्यादातर मामलों में या तो महिलाओं की हत्या कर दी जाती है या फिर महिलाओं को खुदकुशी करने के लिए मजबूर कर दिया जाता है।

अल्पसंख्यक महिलाओं की बुरी स्थिति
पाकिस्तान में धार्मिक आधार पर भी महिलाओं से विश्व में सबसे ज्यादा दुर्वव्यहार किया जाता है। हिन्दू, क्रिश्चन और सिख महिलाओं का अपहरण भी पाकिस्तान में ही सबसे ज्यादा किया जाता है। हिन्दू महिलाओं का जबरन धर्मपरिवर्तन करवाया जाता है और कम उम्र की लड़कियों की शादी कर दी जाती है। यूनाइटेज नेशंस की रिपोर्ट के मुताबिक, अनिला गुलजार ने कहा है कि पाकिस्तान में हर साल एक हजार से ज्यादा अल्पसंख्यक लड़कियों को अपहरण करने के बाद धर्म परिवर्तन करवा दिया जाता है और फिर जबरदस्ती किसी मुस्लिम शख्स के साथ उनकी शादी कर दी जाती है।

चीन में बेची जाती हैं लड़कियां
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी लड़कियों को बड़े पैमाने पर अब चीन में बेचा जाने लगा है। चीन में पाकिस्तानी लड़कियों को सेक्स वर्कर बनाकर बेच दिया जाता है। वहीं, कई घटनाओं में देखा जा रहा है कि चीन का कोई शख्स किसी गरीब पाकिस्तानी परिवार की बेटी से शादी कर लेता है और फिर उसे चीन ले जाकर या तो वेश्यावृति के धंधे में धकेल देता है या फिर उनकी बोली लगाई जाती है नहीं तो उन्हों घर में नौकरानी बनाकर रखा जाता है। वहीं, साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और उनके साथ भी लैंगिक आधार पर भेदभाव किया जाता है।
चीनी एक्सपर्ट एससीएमपी की रिपोर्ट के मुताबिक, 85 प्रतिशत से ज्यादा चीनी लड़कियां नौकरी खोजते समय भेदभाव का शिकार होती हैं वहीं पिछले एक साल में ये आकड़ा 50 फीसदी से और बढ़ गया है। वहीं, चीनी परिवारों में भी महिलाओं से भेदभाव काफी ज्यादा बढ़ चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में धर्म को आधार बनाकर महिलाओं को दबाकर रखा जाता है। वहीं चीन में पुरुषवागी समाद में महिलाओं के लिए दबकर रहने के अलावा और कोई स्थान नहीं होता है।












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