• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की रवानगी को लेकर पाकिस्तान को क्यों हो रही खुशी?

|

इस्लामाबाद। अफगानिस्तान से 17 साल बाद अब अमेरिकी सेना धीरे-धीरे घर लौटने की तैयारी में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी सप्ताह घोषणा करते हुए अफगानिस्तान से 7,000 अमेरिकी सैनिकों को घर लौटने के लिए कहा है। सीरिया से अपनी फॉर्स वापस बुलाने के बाद पिछले एक सप्ताह के भीतर ट्रंप ने यह दूसरा बड़ा निर्णय लिया है। इस बीच पाकिस्तान ने ट्रंप के इस फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए इसका स्वागत किया है। हालांकि, अफगानिस्तान सरकार ने अमेरिका के इस निर्णय पर नाराजगी व्यक्त की है। अफगान जनरल के मुताबिक, अमेरिकी सेना के वापस लौटने पर तालिबान एक बार फिर अपनी जड़े मजबूत करने में लगेगा।

ट्रंप के निर्णय से पाकिस्तान खुश

ट्रंप के निर्णय से पाकिस्तान खुश

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को कहा है ट्रंप का यह निर्णय अच्छा है, जो अमेरिका और अफगान तालिबान के बीच शांति वार्ता के लिए कारगर साबित होगा। कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान शांति वार्ता का स्वागत करता है, जो इसी सप्ताह अबु धाबी में हुई थी। उन्होंने कहा कि हम आगे भी अफगान शांति वार्ता का समर्थन करते रहेंगे। इमरान खान के मंत्री ने कहा कि शांति वार्ता को देखते हुए पाकिस्तान ने कुछ तालिबान को भी जेल से रिहा कर दिया है।

अफगानिस्तान की वजह से US-PAK के बीच होती रही तनातनी

अफगानिस्तान की वजह से US-PAK के बीच होती रही तनातनी

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की रवानगी को लेकर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान काफी सुकून महसूस कर रहा है। अमेरिकी और नाटो सेना पिछले 17 सालों से अफगानिस्तान की जमीन पर तालिबान के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ कुछ खास फायदा नहीं मिल पाया है। अफगानिस्तान और अमेरिका कई बार आरोप लगा चुके हैं कि पाकिस्तान अपनी जमीं पर टेरर ग्रुप्स को पनपने दे रहा है, जिसका नुकसान अफगानिस्तान को हो हो रहा है। अफगानिस्तान में तालिबानी हमलों के लिए अमेरिका कई बार पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराता आया है। वहीं, अफगानिस्तान भी लगातार आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई उनके मुल्क में तालिबान से अटैक करवा रही है। अफगानिस्तान में 'वॉर ऑन टेरर' पर अमेरिका और पाकिस्तान कई बार एक-दूसरे आमने सामने हो चुके हैं। वहीं, पाकिस्तान भी आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान में नाकामी का ठीकरा अमेरिका हमारे ऊपर फोड़ रहा है। इस साल की शुरुआत में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की वजह से अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य और आर्थिक मदद पर रोक लगा दी थी।

क्या अफगानिस्तान में तालिबान का नया खतरा पैदा होगा?

क्या अफगानिस्तान में तालिबान का नया खतरा पैदा होगा?

अफगानिस्तान और पाकिस्तान पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ समझ नहीं पा रहे हैं कि ट्रम्प ने अचानक ऐसे समय में हजारों सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला क्यों किया, जब समझौते पर वार्ता शुरू ही हुई है। तालिबान लंबे समय से अमेरिकी फॉर्स को वापस लौटने की मांग करता रहा है, लेकिन इसके अलावा भी कई मुद्दे टेबल पर हैं। अफगान खुफिया एजेंसी के एक पूर्व प्रमुख अमृल्लाह सालेह कहते हैं (वॉशिंगटन पोस्ट को भेजे एक मेल में) कि ट्रंप को लगता है कि अमेरिका के लिए अफगानिस्तान एक बेवहजह बोझ की तरह है, जो रणनीतिक हिसाब से भी आवश्यक सहयोगी नहीं है। सालेह कहते हैं कि ट्रंप को लगता है कि अफगानिस्तान में न तो कोई प्रोग्रेस हो रहा है और न ही तालिबान को रोकने के लिए पाकिस्तान का साथ मिल रहा है। सालेह का मानना है कि अमेरिकी सेना के जाने से अफगानिस्तान में नया खतरा पैदा होगा।

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की रवानगी को लेकर पाकिस्तान को क्यों हो रही खुशी?

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Why Pakistan welcomes Donald Trump's move to withdrawal US Army from Afghanistan
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more