नवाज के अमेरिका पहुंचने से पहले ही खत्म हो गई उम्मीदें
वाशिंगटन। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अपने अमेरिकी दौरे पर रवाना होने वाले हैं। जहां एक तरफ व्हाइट हाउस ने इसे एक परंपरा बताया है तो वहीं दौरे की शुरुआत होने से पहले ही विशेषज्ञों ने उनके अमेरिकी दौरे से सारी उम्मीदें छोड़ दी हैं।
22 अक्टूबर को होगी मुलाकात
22 अक्टूबर को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा व्हाइट हाउस में पीएम नवाज के साथ एक मीटिंग करेंगे। पीएम बनने के बाद नवाज दूसरी बार व्हाइट हाउस में ओबामा से मुलाकात करेंगे।
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इस मौके पर व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि उनका दौरा अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों को दर्शाएगा। साथ ही आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को गहरा करने का अवसर देगा।
शरीफ के 20 अक्तूबर की रात वाशिंगटन पहुंचने की संभावना है। वहीं शरीफ के दौरे के बाद अगले महीने पाकिस्तानी सेना प्रमुख राहील शरीफ के अमेरिका आने की संभावना है।
पाक में लादेन को पाल रही थी पाक सेना
सिर्फ शिष्टाचार है पाक पीएम का दौरा
हालांकि पाकिस्तान से जुड़े मामलों पर विशेषज्ञता रखने वाले अमेरिकी विशेषज्ञों ने शरीफ के दौरे से पहले कहा कि वे इस दौरे से ज्यादा कुछ अपेक्षा नहीं रख रहे। प्रतिष्ठित थिंक टैंक विल्सन सेंटर के माइकल कुगलमैन ने कहा है कि मुझे लगता है कि हमें इस दौरे के लिए अपनी अपेक्षाओं को कम रखना चाहिए। हमें इसे एक बड़ी बैठक के बजाय एक शिष्टाचार आधारित निमंत्रण के तौर पर ज्यादा देखना चाहिए।
ओबामा से नवाज करेंगे भारत की शिकायत
राष्ट्रपति ओबामा ने शरीफ को कुछ समय पहले आमंत्रित किया था। यह शरीफ द्वारा उनका निमंत्रण स्वीकार कर लिया जाना मात्र है। हमें किन्हीं बड़ी घोषणाओं या बड़ी उपलब्धियों की अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए।
ओबामा जानते हैं नवाज की 'ताकत'
वहीं हेरीटेज फाउंडेशन की लीजा कुर्टिस ने कहा कि यह बात महत्वपूर्ण है कि शरीफ का दौरा ओबामा द्वारा अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को विस्तार देने की योजना की घोषणा करने के कुछ ही समय बाद हो रहा है।
उन्होंने कहा कि ओबामा ने माना है कि पाकिस्तान के पास अपनी धरती पर तालिबान के पनाहगाहों को नष्ट कर अफगानिस्तान में निभाने के लिए भूमिका थी।
कुर्टिस ने कहा कि ओबामा की शरीफ के साथ मुलाकात अमेरिका की इन अपेक्षाओं को दोहराने का अवसर होगी कि पाकिस्तान इन पनाहगाहों पर निश्चित तौर पर कार्रवाई करेगा।
उन्होंने कहा कि हालांकि ओबामा यह जानते हैं कि पाकिस्तान की अफगान नीति पर नवाज शरीफ का नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख राहील शरीफ का नियंत्रण है।













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