कौन करेगा टाइटन हादसे की जांच? पनडुब्बी के रजिस्ट्रेशन में भी हुआ था 'खेल'
टाइटन पनडुब्बी हादसे की वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है। रेस्क्यू अभियान में लगाई गई टीम समुद्र तल की जांच कर रही, ताकि हादसे से जुड़े सबूत इकट्ठा किए जा सकें। इसके अलावा एक सवाल और भी उठ रहा कि आखिर इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है?
अमेरिकी तट रक्षक बल के मुताबिक औपचारिक जांच अभी तक शुरू नहीं की गई है क्योंकि समुद्री एजेंसियां अभी खोजी अभियान में लगी हैं। पनडुब्बी का मलबा पानी के अंदर करीब 12,500 फीट (3810 मीटर) की गहराई में स्थित है।

मामले में फर्स्ट कोस्ट गार्ड डिस्ट्रिक्ट के रियर एडमिरल जॉन माउगर ने कहा कि मुझे पता है कि लोगों के मन में ये सवाल हैं कि ये कैसे, क्यों और कब हुआ। हम इस मामले में ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं।
सबसे बड़ी चिंता इस घटना की जांच को लेकर है। अभी तक ये नहीं साफ हो पाया है कि इसकी जांच किसके जिम्मे रहेगी? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टाइटन अमेरिकी कंपनी ओशनगेट एक्सपीडिशन की पनडुब्बी थी। ओशनगेट तो अमेरिका में रजिस्टर है, लेकिन इस पनडुब्बी का रजिस्ट्रेशन बहामास में करवाया गया था। इसके अलावा इसमें सवार लोग इंग्लैंड, पाकिस्तान, फ्रांस और अमेरिका से थे।
समुद्र पर लंबे समय से अध्ययन कर रहे उत्तरी कैरोलिना के कैंपबेल विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर साल्वाटोर मर्कोग्लियानो के मुताबिक समुद्र की गहराई में जाना बहुत खतरनाक काम है। जब स्पेस में लोग भेजे जाते हैं, तो उपकरणों की जांच बहुत ज्यादा बारीकी से की जाती है, लेकिन समुद्री अभियान में ऐसा नहीं होता।
सीईओ को था इस बात का डर
टाइटन को अमेरिकी जहाज के रूप में रजिस्टर नहीं करवाया गया था। ओशनगेट के सीईओ स्टॉकटन रश को उस वक्त डर था कि वहां के शख्त नियम उनके प्रोजेक्ट को रोक सकते हैं। हालांकि इस हादसे में उनकी भी जान चली गई।
कंपनी पर हो सकते हैं कई मुकदमे
पनडुब्बी में सवार लोग काफी रईस थे, ऐसे में माना जा रहा कि ओशनगेट एक्सपीडिशन पर मुकदमों की झड़ी लग सकती है। हालांकि इसमें कई कानून पचड़े भी हैं, क्योंकि ये हादसा 'नो मैन्स लैंड' में हुआ।












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