कैसा होगा ईरान का सुप्रीम लीडर? धार्मिक नेता या कोई और? ट्रंप ने किया अब खुलासा, खामेनेई के बेटे का क्या होगा?
Iran Supreme Leader: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मध्य-पूर्व की राजनीति में बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। करीब तीन दशक से ज्यादा समय तक सत्ता के सबसे ताकतवर पद पर रहने वाले खामेनेई के जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कैसा होगा-क्या कोई धार्मिक नेता ही इस पद पर बैठेगा या फिर किसी नए तरह के नेतृत्व की शुरुआत होगी। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
ट्रंप का बड़ा बयान: खामेनेई का बेटा नहीं चलेगा (Mojtaba Khamenei Iran Supreme Leader)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि वह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का अगला सर्वोच्च नेता बनने के पक्ष में नहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने मोजतबा को "लाइटवेट" बताते हुए कहा कि वह इस पद के लिए सही विकल्प नहीं हैं।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान में ऐसा नेता आए जो देश में स्थिरता और शांति ला सके। उनके मुताबिक अगर खामेनेई की नीतियों को ही आगे बढ़ाया गया तो अमेरिका और ईरान के बीच टकराव फिर बढ़ सकता है।
क्या धार्मिक नेता ही बनेगा सुप्रीम लीडर? (Iran Supreme Leader)
सीएनएन को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी साफ किया कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि ईरान का अगला नेता धार्मिक होगा या नहीं। उनके लिए सबसे अहम बात यह है कि वह नेता निष्पक्ष हो और क्षेत्र में शांति बनाए रखे।
ट्रंप ने कहा कि वह कई धार्मिक नेताओं के साथ काम कर चुके हैं और उनमें से कई बेहद प्रभावशाली रहे हैं। इसलिए ईरान में अगर कोई धार्मिक व्यक्ति सत्ता संभालता है तो अमेरिका को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी।
इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा,
''मेरे लिए ये जरूरी है कि ईरान का सुप्रीम लीडर निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से काम करने वाला हो। यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह व्यक्ति कौन है। मुझे किसी भी धार्मिक नेताओं से कोई दिक्कत नहीं है। मैं कई धार्मिक नेताओं के साथ काम करता हूं वे सभी बहुत शानदार काम करते हैं। वो नेता ऐसा होना चाहिए, जो मध्य-पूर्व के दूसरे देशों के साथ भी अच्छा बर्ताव करे...क्योंकि वे सभी हमारे साझेदार हैं। मैं ये भी नहीं कर रहा कि वहां लोकतंत्र ही होना चाहिए लेकिन एक ऐसा नेता होना चाहिए, जो निष्पक्ष हो, अच्छा काम करे और अमेरिका-इजराइल के साथ हमेशा अच्छा व्यवहार करे।
अमेरिका क्यों चाहता है नई भूमिका? (US Role in Iran Leadership)
ट्रंप ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका को ईरान के अगले नेता के चयन में भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे कुछ अन्य देशों में राजनीतिक बदलाव के दौरान अमेरिका ने हस्तक्षेप किया था, वैसे ही ईरान में भी स्थिर नेतृत्व जरूरी है। उनका कहना है कि अमेरिका चाहता है कि ईरान का नया नेतृत्व ऐसा हो जो अमेरिका, इजरायल और मध्य-पूर्व के दूसरे देशों के साथ टकराव की जगह सहयोग का रास्ता चुने।
युद्ध के बीच चल रही है नेतृत्व की तलाश (US-Israel Strike on Iran)
खामेनेई की मौत ऐसे समय हुई जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया था। 28 फरवरी को हुए इस संयुक्त हमले में ईरान के कई बड़े सैन्य और राजनीतिक नेता भी मारे गए थे। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ा हुआ है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी ठिकानों और इजरायली ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इस बीच अमेरिका ने दावा किया कि उसकी सैन्य कार्रवाई में ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को काफी नुकसान पहुंचा है।
मोजतबा खामेनेई के नाम पर क्या है सच्चाई? (Iran Leadership Succession)
खामेनेई की मौत के बाद कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को उत्तराधिकारी बना दिया गया है। हालांकि ईरान के अधिकारियों ने इन खबरों को खारिज कर दिया है।
भारत में मौजूद ईरान के प्रतिनिधि अयातुल्ला डॉ. अब्दुल मजीद हकीमेलाही ने साफ कहा कि अभी तक किसी नए सुप्रीम लीडर का चुनाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि मोजतबा जरूर संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं, लेकिन केवल इसलिए नहीं कि वह खामेनेई के बेटे हैं।
कैसे चुना जाता है ईरान का सुप्रीम लीडर? (Iran Supreme Leader)
ईरान में सर्वोच्च नेता का चुनाव सीधे जनता नहीं करती। इसके लिए 88 सदस्यों की एक विशेष संस्था होती है, जिसे "असेम्बली ऑफ एक्सपर्ट्स" कहा जाता है। यही संस्था नए सुप्रीम लीडर का चयन करती है।
फिलहाल ईरान में युद्ध जैसे हालात होने की वजह से इस प्रक्रिया में देरी हो रही है। विशेषज्ञों की यह परिषद अभी एक साथ बैठकर अंतिम फैसला नहीं कर पाई है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे, नए नेता के नाम का ऐलान किया जा सकता है।
खामेनेई और भारत का दिलचस्प रिश्ता
इस बीच ईरान के अधिकारियों ने खामेनेई से जुड़ी एक खास बात भी साझा की है। बताया गया कि अली खामेनेई भारत के इतिहास में खास दिलचस्पी रखते थे। वे अक्सर कहा करते थे कि अगर किसी को ईरान के इतिहास को गहराई से समझना है तो उसे भारत के इतिहास का अध्ययन जरूर करना चाहिए।
दुनिया की नजर अब तेहरान पर
ईरान का सुप्रीम लीडर देश की राजनीति और सेना दोनों पर सबसे बड़ा नियंत्रण रखता है। इसलिए यह पद केवल धार्मिक या राजनीतिक नेतृत्व का नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की दिशा तय करने वाला पद है।
यही वजह है कि खामेनेई के बाद अब पूरी दुनिया की नजर तेहरान पर टिकी हुई है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि नया नेता कौन होगा, बल्कि यह भी है कि क्या ईरान की नीतियां बदलेंगी या फिर वही पुराना टकराव जारी रहेगा।
FAQs Iran Supreme Leader
1. ईरान का सुप्रीम लीडर कौन होता है?
ईरान का सुप्रीम लीडर देश का सबसे शक्तिशाली पद होता है। वही सेना, न्यायपालिका और सरकार की प्रमुख नीतियों पर अंतिम फैसला लेता है।
2. ईरान में सुप्रीम लीडर कैसे चुना जाता है?
ईरान में 88 सदस्यों वाली संस्था असेम्बली ऑफ एक्सपर्ट्स नए सुप्रीम लीडर का चुनाव करती है। यह परिषद धार्मिक विद्वानों और नेताओं से मिलकर बनी होती है।
3. अली खामेनेई के बाद अगला सुप्रीम लीडर कौन हो सकता है?
अभी आधिकारिक तौर पर किसी नाम की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मोजतबा खामेनेई समेत कई धार्मिक नेताओं के नाम संभावित उम्मीदवारों में बताए जाते हैं।
4. मोजतबा खामेनेई कौन हैं?
मोजतबा खामेनेई, अली खामेनेई के बेटे हैं और ईरान की धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था में उनका प्रभाव माना जाता है।
5. क्या ईरान में सुप्रीम लीडर जनता चुनती है?
नहीं, ईरान में सुप्रीम लीडर का चुनाव सीधे जनता नहीं करती। यह फैसला असेम्बली ऑफ एक्सपर्ट्स द्वारा लिया जाता है।
6. क्या ईरान में सुप्रीम लीडर जीवनभर के लिए होता है?
हाँ, आम तौर पर सुप्रीम लीडर का कार्यकाल जीवनभर का होता है, जब तक कि वह इस्तीफा न दें या स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ना न पड़े।
7. ईरान के पहले सुप्रीम लीडर कौन थे?
ईरान के पहले सुप्रीम लीडर आयतुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी थे, जिन्होंने 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यह पद संभाला था।
8. क्या अमेरिका ईरान के नए नेता के चुनाव में भूमिका निभा सकता है?
आधिकारिक तौर पर ईरान के नेतृत्व का चुनाव उसकी अपनी संस्थाएं करती हैं, लेकिन वैश्विक राजनीति में अमेरिका के बयान और दबाव का असर पड़ सकता है।
9. असेम्बली ऑफ एक्सपर्ट्स क्या है?
यह ईरान की एक संवैधानिक संस्था है, जिसके सदस्य धार्मिक विद्वान होते हैं और उनका मुख्य काम सुप्रीम लीडर का चुनाव करना होता है।
10. ईरान का सुप्रीम लीडर कितना शक्तिशाली होता है?
ईरान में सुप्रीम लीडर राष्ट्रपति से भी ज्यादा शक्तिशाली होता है और सेना, विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों पर उसका नियंत्रण होता है।
-
Israel Iran War के बीच आखिर भारत कैसे पहुंचा ईरान का युद्धपोत? तेहरान के ‘इमरजेंसी कॉल’ पर भारत ने दी मदद -
US Iran War: Trump को लेकर की 3 भविष्यवाणियां, 2 हुईं सच- तीसरी का इंतजार, अब वायरल हो रहा चीनी प्रोफेसर-Video -
Iran USA War: महायुद्ध के बीच व्हाइट हाउस में 'पूजा-पाठ'! क्या ईरान के खौफ ने तोड़ा ट्रंप का अहंकार? -
Iran Earthquake: ईरान में युद्ध के बीच कांपी धरती, बंदर अब्बास में 4.1 तीव्रता का भूकंप -
अमेरिका ने दिया भारत को गिफ्ट! इतने दिनों तक रूस से खरीद सकता है सस्ता तेल! Hormuz की टेंशन खत्म -
Iran Israel War: बिहार के कैप्टन आशीष कौन? ईरान-इजराइल जंग में कैसे हुई दर्दनाक मौत, बेतिया तक कोहराम -
Iran Saudi Tension: सऊदी का बाल भी बांका नहीं कर पाएगा ईरान, मक्का-मदीना के चारों ओर सुरक्षा की अभेद्य दीवार -
Israel Iran War: अमेरिकी बेस पर ईरानी ड्रोन का तांडव, 'रूस की दी खुफिया जानकारी', अमेरिका ने लगाए आरोप -
US Iran War: ईरान के Shahed-136 ने कैसे Trump की उड़ाई नींद, एक ड्रोन गिराने में खर्च हो रहे करोड़ों-Explainer -
Iris Dena के बाद हिंदमहासागर में अलर्ट! श्रीलंका के पास दूसरी ईरानी वॉरशिप ने मांगी ‘इमरजेंसी पोर्ट कॉल’ -
कौन है Asif Merchant? जिसने रची ट्रंप की हत्या की साजिश, FBI के जाल में कैसे फंसा ईरान का 'मोहरा' -
Fact Check: भारत में खत्म हो गया है पेट्रोल-डीजल? ईरान से जंग के बीच नहीं पहुंचे रहे जहाज? जानें सच्चाई -
Israel Iran War: ईरान पर और तेज होगा एक्शन! इजराइल के विपक्षी नेता भी नेतन्याहू के साथ, बताया कब तक होगा युद्ध -
Lara Dutta Viral Video: बेटी संग दुबई में फंसीं लारा दत्ता, 2 मिनट 33 सेकंड के वीडियो में ये क्या कह दिया? -
अमेरिका-ईरान युद्ध पर पीएम मोदी की चुप्पी भारत के लिए खतरनाक संकेत- मनीष सिसोदिया















Click it and Unblock the Notifications