अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में पहली अश्वेत महिला जज बनने वालीं केतनजी ब्राउन जैक्सन कौन हैं?
अमेरिका में केतनजी ब्राउन जैक्सन को सुप्रीम कोर्ट की पहली अश्वेत महिला जज बनने का गौरव हासिल हुआ है। वह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की 116वीं न्यायाधीश बनी हैं।
वाशिंगटन, 02 जुलाईः अमेरिका में केतनजी ब्राउन जैक्सन को सुप्रीम कोर्ट की पहली अश्वेत महिला जज बनने का गौरव हासिल हुआ है। वह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की 116वीं न्यायाधीश बनी हैं। उन्होंने गुरुवार को इस प्रतिष्ठित पद की शपथ ली। जस्टिस स्टीफन ब्रेयर की सेवानिवृत्ति के बाद उनको शीर्ष अदालत का जज बनाया गया। इस अवसर पर उनके परिवार के लोग भी उपस्थित थे। शपथ ग्रहण समारोह का अदालत की वेबसाइट पर सीधा प्रसारण किया गया।

3 रिपब्लिकन का भी मिला समर्थन
51 वर्षीय जस्टिस जैक्शन को अप्रैल 2022 में सीनेट ने उनके पक्ष में 53 और विपक्ष ने 47 वोट दिए थे। इस दौरान खास बात यह रही कि तीन रिपब्लिकन सांसदों ने भी उनका समर्थन किया था। जस्टिन जैक्सन ने कहा कि वे पूरे दिल से, संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान का समर्थन करने, इसका बचाव करने और बिना किसी डर, पक्षपात के न्याय करने की गंभीर जिम्मेदारी को स्वीकार करती हैं। उनका यह बयान सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किया गया। उन्होंने आगे कहा कि में अपने सभी नए सहयोगियों को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए तहे दिल से धन्यवाद देती हूं।

9 में से 4 जज महिलाएं
इसके साथ ही जस्टिस जैक्सन शीर्ष अदालत की तीन अन्य महिला न्यायाधीशों, जस्टिस सोतोमयोर, एलेना कगन और एमी कोनी बैरेट के साथ जुड़ गईं। अमेरिका के न्यायिक इतिहास में यह पहली बार है कि नौ सदस्यीय अदालत में चार महिलाएं काम कर रही हैं। गौरतलब है कि जस्टिस जैक्सन ऐसे समय में यह प्रमुख जिम्मेदारी संभाल रही हैं जब कुछ दिन पहले ही देश में सुप्रीम कोर्ट ने 50 साल पुराने फैसले को पलट दिया है। अब अमेरिका में गर्भपात कराना महिलाओं का संविधानिक अधिकार नहीं रह गया है। इस फैसले के बाद देश के कई राज्यों में गर्भपात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में अब कई लोगों को उम्मीद है जस्टिस जैक्सन के पद संभालने के बाद आने वाले समय में महिलाओं के हित में कई फैसले लिए जा सकते हैं।

टाइम पत्रिका में भी कर चुकी हैं काम
जस्टिस जैक्सन का जन्म अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में हुआ जबकि उनकी परवरिश मियामी, फ्लोरिडा में हुई। केतनजी ब्राउन जैक्सन जॉनी और एलेरी ब्राउन की पहली संतान हैं। जस्टिस जैक्सन को वकालत की प्रेरणा उनके पिता से मिली। जैक्सन बचपन से ही बेहद प्रतिभाशाली छात्रा रहीं। स्कूलों में वह कई वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का हिस्सा रहीं। भाषण में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने कई पुरस्कार अपने नाम किए। जैक्सन ने टाइम पत्रिका में एक वर्ष के लिए पत्रकार और शोधकर्ता के रूप में भी काम किया है जिसके बाद उन्होंने हावर्ड लॉ स्कूल में पढ़ाई शुरू की। वह हावर्ड लॉ रिव्यू की सुपरवाइजिंग एडिटर भी रहीं।

सुप्रीम पद पर चुना जाना एक बड़ी उपलब्धि
20 सितंबर 2012 को राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें वाशिंगटन डीसी की संघीय जिला अदालत में नामित किया। हालांकि सीनेट नामांकन पर कार्रवाई करने में असफल रहीं जिसके बाद एक बार फिर से जनवरी 2013 में ओबामा ने उन्हें नामांकित किया। मार्च में वह ध्वनि मत से चुनी गईं। जैक्सन के शपथ ग्रहण समारोह का जश्न पूरे देश की अश्वेत महिलाएं मना रही हैं। ऐसे देश में जहां 2 फीसदी से भी कम अश्वेत महिलाएं न्यायाधीशों का प्रतिनिधित्व करती हैं, वहां सुप्रीम पद पर उनका चुना जाना एक बड़ी उपलब्धि है।












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