India-Pakistan War: पाकिस्तान में न्यूक्लियर हथियारों को कौन करता है कंट्रोल? अथॉरिटी की आज PM के साथ बैठक
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइल हमले किए हैं, ड्रोन वार चल रहा है और बॉर्डर पर लगातार गोलाबारी हो रही है। ऐसे माहौल में सबसे बड़ा डर यह है कि कहीं ये लड़ाई न्यूक्लियर जंग में न बदल जाए। इस बीच पाकिस्तान ने अपनी न्यूक्लियर हथियारों की कमान देखने वाली सबसे अहम संस्था की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।
शनिवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ होने वाली इस मीटिंग पर पूरी दुनिया की नजर है, क्योंकि इसमें तय हो सकता है कि पाकिस्तान अपने एटमी ऑप्शन को लेकर क्या रणनीति अपनाता है।

न्यूक्लियर हथियारों का कौन देखता है जिम्मा?
पाकिस्तान में न्यूक्लियर हथियारों को नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) कंट्रोल करती है। इसमें देश के टॉप मिलिट्री और सिविल अधिकारी शामिल होते हैं। ये अथॉरिटी तय करती है कि एटमी हथियार कब और कैसे इस्तेमाल किए जाएं। इसकी स्थापना फरवरी 2000 में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा की गई थी, और इसका मुख्यालय इस्लामाबाद में स्थित है।
क्यों बुलाई गई है ये इमरजेंसी मीटिंग?
पाकिस्तान ने कहा कि उसने शनिवार सुबह भारत के कई ठिकानों पर हमला किया, जिनमें मिसाइल डिपो भी शामिल थे। भारत ने भी जवाबी कार्रवाई की और कहा कि पाकिस्तान लगातार सीमा पर ड्रोन और गोले दाग रहा है। इसी बढ़ते तनाव के बीच न्यूक्लियर हथियारों को लेकर टेंशन बढ़ गया, इसलिए ये हाई-लेवल मीटिंग बुलाई गई है।
अब तक क्या-क्या हुआ?
भारत ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से किए गए हमलों में जम्मू-कश्मीर में 5 नागरिकों की मौत हुई है। पाकिस्तान का दावा है कि भारत ने पहले उसके 3 एयरबेस पर मिसाइल से हमला किया था, लेकिन उनकी एयर डिफेंस सिस्टम ने ज़्यादातर मिसाइलें रोक लीं। पाकिस्तान ने अपने हमले को 'ऑपरेशन बुनयान उल मरसूस नाम दिया है।
न्यूक्लियर हथियारों को लेकर क्या है डर?
दुनिया भर के एक्सपर्ट्स को डर है कि अगर ये लड़ाई और बढ़ी, तो कहीं न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल न हो जाए। पाकिस्तान की नीति 'पहले इस्तेमाल का अधिकार' (First Use Doctrine) वाली है, यानी अगर उन्हें लगता है कि दुश्मन भारी नुकसान पहुंचा सकता है, तो वो पहले भी एटमी हथियार चला सकते हैं।
इंटरनेशनल रिएक्शन क्या है?
- अमेरिका, ब्रिटेन और G7 देशों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
- अमेरिका के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान आर्मी चीफ से बात कर शांति की कोशिश की पेशकश की है।
नतीजा क्या निकल सकता है?
अभी हालात बहुत गंभीर हैं। दोनों देशों के बीच जो तकरार चल रही है, वो पिछले 30 सालों में सबसे खतरनाक मानी जा रही है। न्यूक्लियर मीटिंग के बहाने पाकिस्तान ने कहीं न कहीं एक बड़ा मैसेज देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन दुनिया अब यही चाहती है कि ये लड़ाई और न बढ़े।












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