कौन हैं ये रूस समर्थक अलगाववादी, जिन्होंने झटके में ली 295 लोगों की जान

यूक्रेन सरकार और अलगाववादियों के बीच संघर्ष का यह मंजर नया नहीं है। रूस ने जब क्रीमिया को अपने कब्जे में लिया, उसके बाद से लगातार यह संघर्ष जारी है।
रूस समर्थक अलगाववादी हैं कौन ?
ये अलगाववादी पूर्वी यूक्रेन के कुछ स्थानीय लोग, गैर-ईसाई रूसी के साथ रूस की सीमा के कुछ सक्रियतावादी और सेनानी हैं। इन लोगों का कहना है कि ये इच्छापूर्वक इस संघर्ष में शामिल हुए हैं।
इस साल की शुरूआत में रूस ने अपने कदम तेज कर क्रीमिया के ऊपर अपना कब्जा कर लिया। यह सामरिक प्रायद्वीप लंबे समय तक रूस का हिस्सा रहा था। उस वक्त कीव के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे रूस समर्थक अलगाववादियों को बहुत लोगों का समर्थन नहीं मिला। हालांकि, उस समय तक रूस के कई सशस्त्र अलगाववादियों ने, दोनेत्स्क और ल्यूहांस्क जैसे सीमावर्ती इलाकों पर अपनी पैठ बना ली था।
क्या चाहते हैं ये अलगाववादी ?
इन अलगाववादियों के इरादे और एजेंडा काफी अस्पष्ट और साथ ही विविध तरह के हैं। जैसे की रूसी समर्थित शासन, एकमुश्त विलय और सोवियत संघ शैली की कुछ बातों को वापस लाने के इरादे।
रूस सप्लाई करती है हथियार- यूक्रेन
इन अलगाववादियों के बढ़ती संख्या को देखते हुए यूक्रेन का कहना है कि रूसी खुफिया एजेंसी हमेशा से इन अलगाववादियों को निर्देश देती आई है। इसके साथ वहीं से अलगाववादियों को हथियार भी सप्लाई होती है। अलगाववादियों के कई प्रमुखों ने माना भी है कि वे रूस के नागरिक हैं, लेकिन उन्होंने खुद को मॉस्को का एजेंट मानने से इंकार किया है। वहीं , रूस ने भी इन अलगाववादियों को किसी भी प्रकार की मदद देने की बात से इंकार किया है।
हजारों रूसी दल की मदद से क्रीमिया में अलगाववादियों ने जल्द ही कंट्रोल ले लिया था। जिसके बाद रूस ने इसे अपने कब्जे में ले लिया। लेकिन पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादियों की संख्या कम हैं। जिस वजह से, यूक्रेन की सेना ने अलगाववादियों से वहां का अपना क्षेत्र वापस ले लिया था। लेकिन यहां पर सेना भी काफी धीमी गति में कार्रवाई कर रही है। लिहाजा, संघर्ष जारी है।












Click it and Unblock the Notifications