सीरिया से 500 किमी दूर पीएम मोदी ने दिया आतंक से लड़ने का फॉर्मूला

अंटाल्‍या। आईएसआईएस के मजबूत गढ़ वाले सीरिया से 500 किमी दूरी टर्की के शहर अंटाल्‍या में रविवार से जी-20 समिट की शुरुआत हुई है।

इस समिट का मकसद पहले क्‍लाइमेट चेंज पर चर्चा करना था लेकिन शुक्रवार को पेरिस में हुए खतरनाक आतंकी हमले के बाद अब इस समिट में आतंकवाद पर चर्चा हो रही है। वजह है आईएसआईएस नामक एक राक्षस जो किसी भी शक्ति के प्रयोग के बाद भी खत्‍म होने का नाम ही नहीं ले रहा है।

पढ़ें-आईएसआईएस की वजह से 'दुश्मनी' भूलेंगे ओबामा और पुतिन

भारत आतंकवाद का सामना पिछले छह दशकों से कर रहा है। जी-20 समिट के दौरान जब पीएम नरेंद्र मोदी पहुंचे तो उन्‍होंने दुनिया को इस महामारी से लड़ने का फॉर्मूला दिया है। खास बात है कि इस समिट में अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, जर्मनी और ऐसे कई विकसित और ताकतवर देश भी शामिल हैं।

पीएम मोदी का यह फॉर्मूला और खास हो जाता है क्‍योंकि भारत का प्रतिनिधित्‍व करते हुए पीएम मोदी ने यूनाइटेड नेशंस में आतंकवाद की एक परिभाषा बदलने की आवाज उठाई है।

आइए आपको बताते हैं कि पीएम मोदी का यह 10 प्‍वाइंट फॉर्मूला आखिर है क्‍या।

धर्म और आतंकवाद अलग-अलग

धर्म और आतंकवाद अलग-अलग

पीएम मोदी ने जी-20 के दौरान आतंक से निपटने के लिए जो फॉर्मूला दिया है उसमें सबसे पहले है धर्म को आतंकवाद से अलग करना। उन्‍होंने साफ कहा कि धर्म का आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है।

आतंक को समर्थन देने वाले देश

आतंक को समर्थन देने वाले देश

पीएम मोदी ने जी-20 में आए सभी विकसित और विकासशील देशों को साफ कर दिया कि जो भी देश आज आतंकवाद को समर्थन दे रहे हैं या फिर आतंकियों की मदद कर रहे हैं, उन्‍हें अलग-थलग किया जाए।

म‍तभेद भुलाकर साथ आए

म‍तभेद भुलाकर साथ आए

यह प्‍वाइंट शायद पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा और रूस के राष्‍ट्रपति ब्‍लादीमिर पुतिन को ध्‍यान में रखकर दिया। उन्‍होंने कहा कि आज हर देश को अपने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने में एक साथ आना ही होगा।

आतंकवाद से लड़ाई बने प्राथमिकता

आतंकवाद से लड़ाई बने प्राथमिकता

पीएम मोदी ने टर्की में दुनिया को संदेश दिया कि जी-20 में शामिल देश और बाकी देशों के लिए आज आतंकवाद से लड़ाई प्राथ‍मिकता होनी चाहिए। उन्‍होंने इस समस्‍या को आज के समय में अंधकार के समान करार दिया।

आतंकवाद का बदलता चेहरा चुनौती

आतंकवाद का बदलता चेहरा चुनौती

पीएम मोदी ने जी-20 समिट के दौरान सभी देशों को साफ कर दिया है कि अब आईएसआईएस के नाम पर आतंकवाद का एक नया चेहरा हमारे सामने आया है।

पुराना ढांचा भी सक्रिय

पुराना ढांचा भी सक्रिय

पीएम मोदी ने यहां पर साफ कर दिया है कि भले ही आज दुनिया के सामने आतंकवाद नए चेहरे और नए नकाब में आया हो लेकिन इसका पुराना स्‍वरूप भी सक्रिय है। इससे पारन पाना भी हम सबके सामने एक चुनौती है।

देश की नीति के तौर पर आतंक का प्रयोग

देश की नीति के तौर पर आतंक का प्रयोग

पीएम मोदी ने यहां पर पाकिस्‍तान का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारों-इशारों में साफ कर दिया कि कुछ देश आतंकवाद को अपनी नीति के तौर पर प्रयोग कर रहे हैं।

सबसे बड़ी मानवीय चुनौती

सबसे बड़ी मानवीय चुनौती

पीएम मोदी ने कहा कि आज सभी विकसित और विकासशील देशों के लिए आतंकवाद एक बड़ी मानवीय चुनौती बनकर सामने आया है। इससे हमें कैसे निपटना है, इसके उपाय तलाशन ही होंगे।

अदा करनी पड़ती है बड़ी कीमत

अदा करनी पड़ती है बड़ी कीमत

पीएम मोदी ने कहा कि पेरिस जैसे बड़े शहर हों या फिर कोई युद्ध संघर्षरत क्षेत्र , हर जगह के लोगों को आतंकवाद के नाम पर मासूम लोगों की जिंदगी के साथ ही एक बड़ी कीमत अदा करनी पड़ती है।

समाज के सामने बड़ा खतरा

समाज के सामने बड़ा खतरा

पीएम मोदी ने कहा कि आज आतंकवाद बहुलतावादी देशों और खुले समाज के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरा है।

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