Donkey Route में Darien Gap क्या है, जो बन गया प्रवासियों की कब्रगाह, USA के रास्ते में क्यों टूट जाता दम?
Donkey Route Darien Gap: अमेरिका में अवैध प्रवास करने वाले 100 से अधिक भारतीय आज अमृतसर लौटेंगे। ये लोग अक्सर 'डंकी रूट' से होकर अमेरिका पहुंचते हैं। दरीयन गैप सबसे खतरनाक 'डंकी रूट'हिस्सा है। करीब 97 किलोमीटर का खतरनाक क्षेत्र कोलंबिया और पनामा की सीमा पर स्थित है। लाखों प्रवासियों के लिए मौत का कारण बन चुका है।
What is Donkey Route: दरीयन गैप क्यों है मौत का रास्ता?
मीडिया की खबरों के अनुसार दरीयन गैप, एक घना जंगल और दलदल से घिरा क्षेत्र है, जो प्रतिवर्ष हजारों प्रवासियों को अपने चंगुल में ले लेता है। साल 2023 में 5 लाख से अधिक लोग इस खतरनाक मार्ग से होकर अमेरिका पहुंचे। इस यात्रा में कई लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं और कई अपने बच्चों को रास्ते में छोड़ने को मजबूर होते हैं।

What is Darien Gap: कबीलाई गिरोह और तस्कर प्रवासियों से लूटते पैसे
'डंकी रूट' दरीयन गैप रास्ता अपनी प्राकृतिक बाधाओं के कारण भी खतरनाक है। यहां जहरीले सांप, बाघ और अन्य खतरनाक जानवर रहते हैं। बारिश और उच्च आर्द्रता के कारण यात्रा और भी कठिन हो जाती है। इसके अलावा, इस मार्ग पर कबीलाई गिरोह और तस्कर प्रवासियों से पैसे लूटते हैं, उन्हें मारते-पीटते हैं और यौन हिंसा का शिकार भी बनाते हैं।
US immigration News: 55 प्रवासियों की मौत, 180 बच्चों को रास्ते में छोड़ा
इस रास्ते पर यात्रा करने वाले बच्चों और महिलाओं के लिए खतरे और भी बढ़ जाते हैं। 2024 के पहले चार महीनों में 30,000 से अधिक बच्चों ने दरीयन गैप पार किया, जो पिछले साल की तुलना में 40% अधिक है। पनामा के राष्ट्रपति ने खुलासा किया कि 55 प्रवासियों की मौत और 180 बच्चों को इस रास्ते में छोड़ दिया गया।

Illegal Immigrants: महिला प्रवासियों के लिए यौन हिंसा का खतरा
इस खतरनाक यात्रा में महिला प्रवासी विशेष रूप से यौन हिंसा का भी शिकार होती हैं। दिसंबर 2023 में डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने 214 यौन हिंसा के मामले दर्ज किए। इस खतरनाक रास्ते को अपनाने के बावजूद, लाखों लोग अपनी बेहतर जिंदगी के लिए इस रास्ते का रुख कर रहे हैं।

अमेरिका से 119 अवैध प्रवासियों का जत्था आज अमृतसर पहुंचेगा, पंजाब से सबसे ज्यादा
अमेरिका से निर्वासित 119 अवैध प्रवासियों का एक दल शनिवार रात पंजाब के अमृतसर के श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। इसमें सबसे ज्यादा पंजाब के 67 और हरियाणा के 33 लोग शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात से आठ, उत्तर प्रदेश से तीन, गोवा, राजस्थान और महाराष्ट्र से दो-दो, और हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से एक-एक व्यक्ति भी इस जत्थे में हैं।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना का विमान भारतीय प्रवासियों को लेकर शनिवार रात 10 बजे अमृतसर पहुंचेगा। रविवार को भी 157 और भारतीयों को लेकर एक और अमेरिकी विमान अमृतसर आ सकता है।

104 भारतीयों का जत्था पहले लौट चुका था
यहां उल्लेखनीय है कि इससे पहले 5 फरवरी 2025 को 104 भारतीयों को अमेरिकी सेना के विमान से वापस भेजा गया था, जिनके हाथों में हथकड़ी और पांवों में बेड़ियां लगी हुई थीं। इस पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर कड़ा विरोध जताया था।
हालांकि, इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि निर्वासित भारतीयों के साथ कैदियों जैसा व्यवहार नहीं किया जाएगा। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है।












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