डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गोपनीय दस्तावेजों को रखने का मामला क्या है, जिसमें उन्हें किया गया है आरोपित?
डोनाल्ड ट्रंप अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन सीक्रेट दस्तावेज मामले में अभियोगी ठहराए जाने के बाद उनके लिए आगे का रास्ता मुश्किल हो सकता है।

Donald Trump Classified Documents Case: डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के इतिहास के पहले ऐसे पूर्व राष्ट्रपति बन गये हैं, जिन्हें गोपनीय दस्तावेजों को अपने साथ ले जाने के मामले में अभियोगी ठहराया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद अपने साथ सीक्रेट दस्तावेजों को ले जाने के मामले में आरोप तय कर दिए गये हैं और अब उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चलेगा। डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लगे सभी आरोपों को मिला दें, तो ये आरोप सबसे ज्यादा संगीन हैं, क्योंकि इसमें उनके खिलाफ देश की सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया जा सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सीलबंद लिफाफे में आरोप तय किए गये हैं और सीएनएन की रिपोर्ट में पुष्टि की गई है, कि पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ सात आरोप तय किए गये हैं, हालांकि वो आरोप कौन कौन से हैं, फिलहाल ये सार्वजनिक नहीं है।
हालांकि, सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है, कि सात आरोपों में कम से कम एक आरोप षड़यंत्र रचने का है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने ये भी घोषणा की है, कि उन्हें मंगलवार को शाम में मियामी की अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है और वो कोर्ट में पेश होंगे।
गोपनीय दस्तावेज मामला क्या है?
डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप है, कि राष्ट्रपति पद से हटने के बाद जब उन्होंने व्हाइट हाउस खाली किया था, तो वो अपने साथ भारी संख्या में गोपनीय दस्तावेज भी लेकर चले गये थे। इस मामले में पिछले साल 8 अगस्त को एफबीआई ने डोनाल्ड ट्रंप के निजी आवास, फ्लोरिडा स्थिति मार-ए-लागो पर छापा भी मारा था।
उस दौरान एफबीआई ने कहा था, कि उसने पूर्व राष्ट्रपति के घर से सीक्रेट दस्तावेजों से भरे 33 बक्से बरामद किए हैं। एफबीआई ने कहा था, कि "बक्सों में रखे गये सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स को अखबारों, पत्रिकाओं और विविध समाचार पत्रों के साथ मिला दिया गया था, ताकि उनका पता नहीं चल पाए।"
इस मामले का खुलासा उस वक्त हुआ था, जब व्हाइट हाउस में नेशनल आर्काइव्स एंड रिकॉर्ड्स एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी को महसूस हुआ, कि उनके कार्यालय से महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स गायब हैं और फिर मामले की जांच शुरू की गई थी।
प्रेसिडेंशियल रिकॉर्ड्स एक्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के दस्तावेजों को अमेरिकी सरकार की संपत्ति माना जाता है और इसे संरक्षित किया जाता है और कोई भी राष्ट्रपति, पद छोड़ने के बाद उसे अपने साथ नहीं ले जा सकता है।
ट्रम्प के एक प्रतिनिधि ने दिसंबर 2021 में नेशनल आर्काइव्स एंड रिकॉर्ड्स एडमिनिस्ट्रेशन को दिसंबर 2021 में जानकारी दी थी, कि डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो एस्टेट में सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स पाए गये हैं, जिसके बाद एफबीआई ने 8 अगस्त 2022 को डोनाल्ड ट्रंप के आवास पर छापा मारा था। बाद में एफबीआई ने कहा, कि पूर्व राष्ट्रपति के घर से जो 33 बक्से मिले हैं, उनमें 11 हजार सीक्रेट दस्तावेजों के पन्ने हैं।
एफबीआई के हलफनामे में क्या था?
डोनाल्ड ट्रंप के घर पर छापेमारी के बाद एफबीआई की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ वारंट हासिल करने के लिए कोर्ट में एक हलफनामा दिया गया था, जिसमें एफबीआई की तरफ से कहा गया, कि "सरकार अनधिकृत स्थानों में वर्गीकृत जानकारी के अनुचित निष्कासन और भंडारण के साथ-साथ सरकारी रिकॉर्ड को अवैध रूप से छिपाने या हटाने के संबंध में एक आपराधिक जांच कर रही है।"
एफबीआई ने कोर्ट को बताया, कि "एफबीआई एजेंट कई संघीय कानूनों के संभावित उल्लंघनों की जांच कर रहे हैं, जिसमें एक जासूसी अधिनियम के तहत रक्षा जानकारी जमा करने, उन्हें प्रसारित करने या ऐसे रखने, जिनसे वो गायब या नष्ट हो सकते हैं, उन्हें नियंत्रित करना है। अन्य क़ानून संघीय जांच में अभिलेखों को छुपाने, विकृत करने या हटाने और अभिलेखों के विनाश, परिवर्तन या मिथ्याकरण को संबोधित करते हैं।"
एक्सपर्ट्स का कहना है, कि डोनाल्ड ट्रंप का चुनाव लड़ना अब मुश्किल हो सकता है। हालांकि, डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन के खिलाफ रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से सबसे मजबूत उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ही हैं, लेकिन नये आरोपों ने डोनाल्ड ट्रंप को कानूनी पचड़े में डाल दिया है, लिहाजा अब उन्हें पार्टी से टिकट मिलगी या नहीं, कहना मुश्किल है।
लेकिन, रिपब्लिकन पार्टी के अंदर डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती देने वाले एक और दावेदार न्यू जर्सी के पूर्व गवर्नर क्रिस क्रिस्टी डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लगे अभियोगों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, कि "आइए देखें, कि जब कोई संभावित अभियोग जारी किया जाता है तो तथ्य क्या होते हैं।"
उन्होंने कहा, कि "कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वे कितना भी चाहें। तथ्य सामने आने के बाद ही हमारे पास कुछ और कहने के लिए होगा।"
हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के नेता और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर केविन मैककार्थी ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा है, कि "आज वास्तव में संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक काला दिन है।"
उन्होंने लिखा है, कि "मैं और हर अमेरिकी जो कानून के शासन में विश्वास करता है, इस घोर अन्याय के खिलाफ राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ खड़ा है। हाउस रिपब्लिकन, सत्ता के इस बेशर्म शस्त्रीकरण को जवाबदेह ठहराएंगे।"
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