किस संकट की स्थिति से गुजर रहा है यूक्रेन, बच्चों-महिलाओं को देनी पड़ रही है राइफल चलाने की ट्रेनिंग
कीव, 1 फरवरी: रूस के हमले के डर से यूक्रेन बहुत बड़े संकट की दौर से गुजर रहा है। अब वहां आगे की रणनीति के तहत महिलाओं और स्कूली बच्चों को हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है। कैंप लगाए जा रहे हैं और उसमें उन्हें हर आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। तस्वीरें डरावनी लगती हैं, लेकिन इस समय यूक्रेन की सच्चाई यही है। वहां यह माहौल है कि पता नहीं कब रूसी सेना उसकी जमीन में दाखिल हो जाए। एक लाख से ज्यादा रूसी जवान उसकी सीमा पर तैनात हैं और कुछ तो बेलारूस के साथ युद्धाभ्यास में भी जुटे हुए हैं।

यूक्रेन में बच्चों को दी जा रही है हथियारों की ट्रेनिंग
रूस के हमले की बढ़ती आशंका के बीच यूक्रेन में बच्चों को असॉल्ट राइफल चलाने की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। रविवार को राजधानी कीव में एक खाली पड़ी फैक्ट्री के मैदान में बच्चों को दिखाया गया कि हथियारों का इस्तेमाल कैसे किया जाता है। मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान कुछ बच्चे भारी असॉल्ट राइफल उठा भी नहीं पा रहे थे। जबकि कुछ को लकड़ी की बनी नकली रूसी एके47 राइफलों को थामने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इस ट्रेनिंग के पीछे इरादा यह है कि अगर रूस के आक्रमण के बाद हालात बिगड़े तो बच्चों को भी उस स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा जाए। पहले जो तस्वीरें आ चुकी हैं, उसमें स्कूली बच्चों के लिए पुलिस ने कीव में खास कैंप लगाया है, जिसमें उन्हें विस्फोटकों की पहचान करवाई जा रही है।

महिलाएं भी ले रही हैं हथियार चलाने की ट्रेनिंग
यह ट्रेनिंग वैसे तो सभी उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध है, लेकिन बच्चों को सैन्य रणनीति और इमरजेंसी फर्स्ट ऐड के बारे में जानकारी देने से पहले एक ऑब्स्टकल कोर्स से गुजरना पड़ रहा। अगर रूस ने हमला किया तो उसे एक बड़ी आबादी के प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। कीव इंस्टीट्यूट ऑफ सोशियोलॉजी के शोधकर्ताओं ने एक स्टडी में पाया है कि देश के आधे लोगों ने कहा है कि वह अपने गांवों, कस्बों और नगरों में रूसी सेना का सामना करेंगे। हथियारों की इस ट्रेनिंग में बड़े पैमाने पर महिलाएं भी शामिल हैं और ऐसा प्रशिक्षण यूक्रेन के कई शहरों में चल रहा है।

रूस की मंशा अभी तक साफ नहीं
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने पड़ोसी की सीमा पर 1,00,000 से ज्यादा जवानों को तैनात कर रखा है और लगातार सैन्य संसाधनों को भी बढ़ाते जा रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि रूस का सच में यूक्रेन पर हमला करने का इरादा है या यह प्रतिबंधों से बचने और उसे नाटो का सदस्य बनने से रोकने के लिए उसका एक हथकंडा भर है। वैसे ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन मंगलवार को इस संकट का हल ढूंढ़ने के इरादे से यूक्रेन पहुंचे हैं और कहा है कि रूस ने हमला किया तो उसे सख्ती से रोका जाएगा। वैसे माना जा रहा है कि वह पुतिन से गुजारिश करेंगे कि वह पीछे हट जाएं।

...तो रूस के लिए तबाही होगी- बोरिस जॉनसन
जॉनसन ने यूक्रेन संकट को लेकर कहा है कि 'जैसा कि मैंने पहले कहा है, मैं राष्ट्रपति पुतिन से कहूंगा, वह ये है कि मुझे लगता है कि हम सभी को वास्तव में सीमा से पीछे हटने की जरूरत है। मैं समझता हूं कि रूस को सीमा से पीछे हटने की आवश्यकता है।' वो बोले, 'मुझे लगता है कि यूक्रेन पर आक्रमण, यूक्रेन में उस क्षेत्र से आगे हमला जो रूस ने 2014 में पहले ही ले लिया है, पूरी तरह से दुनिया के लिए तबाही होगी और सबसे बढ़कर रूस के लिए तबाही होगी।'












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