'वीयर्ड व्हेल्स' बेचकर 12 साल के बच्चे ने कमा लिए 2 करोड़ 93 लाख रुपए, जानिए क्या है ये काम
लंदन, 30 अगस्त। दुनिया में तकनीकी क्रांति आने के बाद से लोगों की जिंदगी काफी बदल गई है। 21वीं सदी में इंसान लगातार नई टेक्नॉलॉजी की मदद से आगे बढ़ रहा है और लोगों को अब घर बैठे कमाई के भी साधन मिल रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि 12 साल से एक बच्चे ने स्कूलों की छुट्टियों के दौरान अपनी प्रतिभा से घर बैठे 2 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर ली। इंटरनेट की दुनिया में जहां लोग सोशल मीडिया पर अपना खाली समय बिता रहे हैं, वहीं लंदन के रहने वाले बेनयामिन अहमद 12 साल की उम्र में कोडिंग कर करोड़पति बन गए।

घर बैठे कमा लिए 12.93 करोड़ रुपए
आज-कल के बच्चे तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं, कंप्यूटर और स्मार्टफोन की दुनिया में बच्चे खुद को और परांगत करने में जुटे हुए हैं। 12 वर्षीय बेनयामिन अहमद उम्र में तो काफी छोटे हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे करने में किसी व्ययस्क को सालों की कड़ी मेहनत लग जाए। कंप्यूटर पर कोडिंग के शौकीन बेनयामिन अहमद ने 'वीयर्ड व्हेल्स' नाम का पिक्सलेटेड आर्टवर्क बनाया है। इसकी आर्ट वर्क को बेचकर उन्होंने 2 करोड़ 93 लाख रुपए की कमाई की।

हाथों-हाथ बिका डिजिटल आर्टवर्क
बेनयामिन के इस डिजिटल आर्टवर्क को नॉन फंजिबल टोकन्स (एनएफटी) को बेचा है, इसके लिए कंपनी ने उन्हें एथेरियम नाम की क्रिप्टो करेंसी के रूप में भुगतान किया है। डिजिटल करेंसी होने की वजह से बेनयामिन के आर्टवर्क की कीमत कम भी हो सकती है और बढ़ भी सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एनएफटी के माध्यम से आर्टवर्क के लिए एक डिजिटल सर्टिफिकेट मिल जाता है और उसे आसानी से टोकन भी किया जा सकता है। इसके बाद ही कलाकृति को डिजिटली खरीदा या बेचा जा सकता है।

कोडिंग करने से पहले जान लें की बेनयामिन सलाह
इतनी छोटी उम्र में करोड़पति बने बेनयामिन बताते हैं कि उन्हें स्वीमिंग, बैडमिंटन आर ताइक्वांडो का शौक है। अपने फ्री टाइम में वो कोडिंग करना पसंद करते हैं। उनका अपना एक यूट्यूब चैलन भी है जहां वह अपने शौक और पसंद-नापसंद के कई वीडियो शेयर करते रहते हैं। कोडिंग के क्षेत्र में आने वाले अपने हमउम्र बच्चों को बेनयामिन सलाह देते हैं कि जो इस फील्ड में आना चाहता है वो किसी दबाव में आकर या जबरदस्ती कोडिंग करने के लिए मजबूर ना हों। इसे उसी तरह लें जितनी आपकी क्षमता है।

बचपन से पिता दे रहे हैं कोडिंग की ट्रेनिंग
बेनयामिन भी एक सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं और वह बचपन से ही अपने दोनों बच्चों को कोडिंग की ट्रेनिंग दे रहे हैं। बेनयामिन और उनके भाई 5-6 साल की उम्र से ही अपने पिता से कोडिंग की शिक्षा ले रहे हैं। बेनयामिन के पिता इमरान ने बताया कि यह एक प्रेक्टिस के तौर पर शुरू हुआ था लेकिन बच्चों का इंट्रेस्ट देख हमने इसे गंभीरता से लेना शुरू कर दिया। इमरान ने कहा, बच्चे तेजी से कोडिंग सीख रहे थे, वह जल्दी-जल्दी आगे बढ़ रहे थे और आज नतीजा आप सबके सामने है।

20 या 30 मिनट ही की कोडिंग
इमरान ने कहा, 'कोडिंग को रटा नहीं जा सकता, यह भी गारंटी नहीं दी जा सकती कि इसे तीन महीने के अंदर खीख लिया जाएगा। मेरे बच्चों ने दिन में 20 या 30 मिनट ही कोडिंग की प्रेक्टिस की। छुट्टी वाले दिन भी वो इसे किया करते थे।' बेनयामिन ने 'वीयर्ड व्हेल' आर्टवर्क से पहले मिनीक्राफ्ट से प्रेरित होकर एक डिजिटल कलाकृति बनाई थी, हालांकि उसकी बहुत अच्छी कीमत नहीं मिली। 'वीयर्ड व्हेल' मजेदार इमोजी होने की वजह से इसके अच्छे दाम मिले।

3,350 तरह के बनाए इमोजी
आपको जानकर हैरानी होगी कि बेनयामिन ने 3,350 तरह के इमोजी-टाइप व्हेल बना डाले। फिलहाल अब बेनयामिन अपनी सुपरहीरो-थीम वाले प्रेजेक्ट पर काम कर रहे हैं। उनके पिता इमरान का दावा है कि बेनयामिन ने किसी प्रकार के कॉपीराइट कानून को नहीं तोड़ा है, वह डिजाइनों को ऑडिट कराने के साथ-साथ उसके ट्रेडमार्क पर भी कानूनी सलाह ले रहे हैं। बेनयामिन अब अपने दोस्तों के बीच भी काफी लोकप्रिय हो गए हैं, लोग उनसे कोडिंग की सलाह मांग रहे हैं।
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