Video: 11 आतंकियों के बदले तालिबान ने डेढ़ साल बाद रिहा किए तीन भारतीय इंजीनियर्स
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काबुल। अफगानिस्तान तालिबान की ओर से कहा गया है कि उसने तीन भारतीय इंजीनियरों को रिहा कर दिया है। तालिबान ने पिछले एक साल से इन इंजीनियरों को बंधक बनाकर रखा था। बताया जा रहा है कि इन इंजीनियरों के बदले तालिबान के 11 आतंकी रिहा किए गए हैं। सोमवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रविवार को आतंकियों के बदले इंजीनियरों को सौंपा गया है, पाकिस्तान के अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की तरफ से यह दावा किया गया है। अखबार ने तालिबान के दो अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। हालांकि लोकेशन के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है।

डील के तहत हुई रिहाई
तालिबान अधिकारियों ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा है कि यह मुद्दा बहुत ही नाजुक है। उन्होंने इस बारे में भी बताने से साफ इनकार कर दिया गया है कि तीन इंजीनियरों के बदले संगठन के किन लोगों को रिहा किया है। न ही इस बारे में कुछ बताया है कि क्या जिन आतंकियों को रिहा किया गया है, उन्हें अफगानिस्तान अथॉरिटीज ने कैद में रखा था या फिर अमेरिकी सेनाओं ने। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि तालिबान के आतंकियों को बगराम एयरबेस पर अमेरिकी सेनाओं की ओर से रिहा किया गया है। इससे संकेत मिलते हैं कि अमेरिका और तालिबान के बीच हुई एक डील के तहत इस पूरे स्वैप को अंजाम दिया गया है।
अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई भी छूटे
सूत्रों ने यह जानकारी भी दी है कि अमेरिका के खास प्रतिनिधि जलमय खालिजाद की ओर से तालिबान से पांच विदेशी बंधकों को रिहा करने के लिए कहा गया था। इसमें तीन भारतीय इंजीनियर्स, एक अमेरिकी और एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक शामिल थे। इसके बाद अमेरिका ने तालिबानी लीडर्स और सदस्यों को रिहा करने की बात कही गई थी। बताया जा रहा है कि भारतीय इंजीनियर्स हो सकता है कि इंजीनियर्स अभी अमेरिकी सेनाओं के पास हैं और अमेरिकी सेना इन्हें अफगान अथॉरिटीज को सौंप सकती हैं। दूसरी ओर अभी तक भारतीय अधिकारियों को इस बारे में किसी तरह की कोई सूचना नहीं दी गई है।

कौन हैं तालिबानी आतंकी जो हुए रिहा
अधिकारियों के मुताबिक तालिबान के जिन अधिकारियों को रिहा किया गया है उनमें शेख अब्दुर रहीम और मवालावी अब्दुर राशिद शामिल हैं। अब्दुर रहमान और अब्दुर राशिद साल 2001 से पहले आतंकी संगठन के गर्वनर के तौर पर क्रमश: कुनार और निमरोज प्रांत तैनात थे। उस समय अफगानिस्तान में तालिबान का शासन था। तालिबान अधिकारियों की ओर से एक फोटो और वीडियो फुटेज जारी की गई है। बताया गया है कि यह फोटोग्राफ और वीडियो उसी समय का है जब इंजीनियरों के बदले आतंकियों को रिहा किया गया था।

मई 2018 में हुआ था अपहरण
वहीं, इस पूरी घटना पर न तो अभी तक अफगान अथारिटीज की ओर से कोई टिप्पणी की गई है और न ही भारतीय सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान दिया गया है। मई 2018 में अफगानिस्तान के बाघलान प्रांत से सात भारतीय इंजीनियरों का अपहरण कर लिया गया था। यह सभी भारतीय एक पावर प्लांट के लिए काम कर रहे थे। किसी भी संगठन की तरफ से इनके अपहरण की कोई जिम्मेदारी नहीं ली गई थी। इस वर्ष मार्च में एक बंधक को रिहा कर दिया गया था लेकिन बाकी बंधकों के बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी।












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