...तो क्या Voyager 1 गिन रहा अंतिम सांसें! 2023 के बाद नहीं मिली खबर, NASA के मिशन को लेकर बड़े दावे की वजह
अंतरिक्ष में भेजा गया अब तक सबसे अधिक दूरी वाला मिशन वोयाजर 1 (Voyager 1) का अब कुछ भी पता नहीं चल रहा है। पिछले साल नवंबर के बाद अंतरिक्ष यान ने कोई डेटा नहीं भेजा है। ऐसे में रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पृथ्वी से हमसे 24 अरब किलोमीटर दूर भेजा गया नासा का ये मिशन अब अपने जीवनकाल के अंतिम दौर में है।
पृथ्वी पर साइंटिस्ट्स को वोयाजर 1 के जरिए सही डेटा नहीं मिल रहा है। दरअसल, अंतरिक्ष एजेंसी नासा का वोयाजर 1 इस समय तकनीकी समस्या का सामना कर रहा है। एक रिपोर्ट में नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) में काम करने वाली वोयाजर इंटरस्टेलर मिशन की प्रोजेक्ट मैनेजर सुजैन डोड के हवाले के कहा कि गया कि अंतरिक्ष यान से प्रॉपर तरीके से कम्युनिकेशन नहीं हो पा रहा है। ठीक तरह से बात करना बंद कर दिया है और यह एक गंभीर समस्या है।

नासा का वोयाजर 1 अंतरिक्ष में सबसे दूर स्थित मानव निर्मित वस्तु है और हमसे 24 अरब किलोमीटर से अधिक दूर है। लेकिन अंतरतारकीय अंतरिक्ष में प्रवेश करने वाला पहला अंतरिक्ष यान अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है और इसके दिन अब गिनती के रह गए हैं। दरअसल, अंतरिक्षयान ने नासा को नियमित अपेडट नहीं मिल रहे हैं।
40 से अधिक वर्षों स्पेस में वोयाजर 1
वोयाजर 1 और उसका सहोदर वोयाजर 2 1997 में लॉन्च होने के बाद से 40 से अधिक वर्षों से अपनी यात्रा पर हैं। हमारा ग्रह सूर्य से जितना दूर है, वे दोनों पृथ्वी से 130 गुना से भी अधिक दूर हैं। दोनों अंतरिक्ष यान शुरू में बृहस्पति, शनि और दो ग्रहों के बड़े चंद्रमाओं का पांच साल की अवधि में अध्ययन करने के लिए चार साल के मिशन पर थे।
2010 से वोयाजर इंटरस्टेलर मिशन के प्रोजेक्ट मैनेजर रहे नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी की सुजैन डोड ने वोयाजर 1 को लेकर बड़ा दावा किया है। डोड के मुताबिक वोयाजर 1 के साथ नियमित रुपसे से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
बता दें कि वोयाजर 2 यूरेनस और नेप्च्यून का पता लगाने के लिए गया था। इस जुड़वा अंतरिक्ष यान ने बृहस्पति और शनि के गृह के कई अहम डेटा भेजे। शनि के छल्लों के जटिलताओं से जुड़ा डेटा, चंद्रमा पर ज्वालामुखी के संकेत जैसे कई अहम डेटा वोयाजर ने नासा को भेजे।












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