मैक्सिको का सबसे खतरनाक ज्वालामुखी फटा, आसमान में दूर तक फैली राख, 30 लाख लोगों की जान पर आफत
ज्वालामुखी के 60 मील के दायरे में लगभग 2 करोड़ 50 लाख लोग रहते हैं। मेक्सिको के नेशनल सिविल प्रोटेक्शन कोऑर्डिनेशन (CNPC) ने रविवार को येलो फेज 3 का अलर्ट जारी किया।

मैक्सिको का सबसे खतरनाक ज्वालामुखी फूट गया है और 10 दिनों से लावा उगल रहा है। मैक्सिको सिटी के ठीक बाहर पॉपोकेटेपेटल ज्वालामुखी 1994 से ही कभी कभार फूटता रहा है लेकिन इस बार इसका रूप विकराल नजर आ रहा है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक पॉपोकेटेपेटल ज्वालामुखी में 15 मई से ही एक्टिविटी तेज हो गई थी। इसके फटने से हवा में राख उड़ती देखी गई है। जिसके चलते प्रशासन को इसके आसपास के इलाकों में स्कूलों को बंद करना पड़ा है।
रिपोर्ट के मुतबाकि मैक्सिको में लाखों लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे देश के सबसे खतरनाक सक्रिय ज्वालामुखी में बढ़ी गतिविधि के बाद वहां से दूर चले जाएं। इस ज्वालामुखी के आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों के रहने की वजह से इसे सबसे खतरनाक ज्वालामुखी माना जाता है।
वैज्ञानिकों ने बीते 10 दिनों में इस ज्वालामुखी में सैकड़ों विस्फोट दर्ज किए हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ज्वालामुखी के 60 मील के दायरे में करीब 2.5 करोड़ लोग रहते हैं।
ज्वालामुखी से निकलने वाले राख के आसमान में फैलने के बाद मैक्सिको सिटी में बड़ी संख्या में फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा है। इससे पहले 21 मई को मैक्सिक नेशनल सिविल प्रोटेक्शन कोऑर्डिनेशन एजेंसी (सीएनपीसी) ने ज्वालामुखी के खतरे को 'येलो फेज 3' स्तर का बताया था।
ज्वालामुखी के फेज-3 स्तर का होने का अर्थ ये है कि ज्वालामुखी से सटे इलाकों में रहने वाले 30 लाख लोगों को स्थान खाली करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
इससे पहले साल 2000 में भी ये ज्वालामुखी फटा था, तब आसपास के इलाकों से 50,000 लोगों को निकाला गया था।
बीते रविवार को इटली में मौजूद दुनिया का सबसे एक्टिव ज्वालामुखी माउंट एटना भी फट गया था। इसकी वजह से सिसली द्वीप के पास मौजूद कटानिया का एयरपोर्ट बंद करना पड़ा।
पको बता दें कि माउंट एटना यूरोप का सबसे ऊंचा और सक्रिय ज्वालामुखी है। वहीं सबसे बड़ा ज्वालामुखी माउना लाओ हवाई में है।












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