क्या टाइटन पनडुब्बी के डूबने के पीछे थी किसी की साजिश? अब वॉयस रिकॉर्डिंग और डेटा की होगी जांच
टाइटन पनडुब्बी कैसे तबाह हुई, इस बात की जांच की जा रही, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाया है। ऐसे में अब जांच अधिकारी मदरशिप पोलर प्रिंस से वॉयस रिकॉर्डिंग और अन्य डेटा की जांच करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साजिश के एंगल से भी इस केस की जांच की जाएगी। इसके लिए जहाज और पनडुब्बी के डेटा का विश्लेषण जरूरी है। जांच में जहाज की वॉयस रिकॉर्डिंग को भी शामिल किया जाएगा, ताकि हादसे के दिन क्या-क्या हुआ था, इस बात का पता लगाया जा सके।

मामले में कनाडा ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड (टीएसबी) की अध्यक्ष कैथी फॉक्स ने बताया कि उनकी ओर से गठित टीम ने शनिवार को पोलर प्रिंस का दौरा किया। इस दौरान सारे डेटा और उपयोगी जानकारियों को इकट्ठा किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी जांच का उद्देश्य किसी को दोष देना नहीं है, बल्कि हर एंगल से इस हादसे की हकीकत पता लगाने की है।
उन्होंने कहा कि ओशनगेट एक्सपीडिशन सबमर्सिबल को पोलर प्रिंस से ही लॉन्च किया जाता था। उसे न्यूफाउंडलैंड के सेंट जॉन्स हार्बर पर डॉक किया गया है। ऐसे में वक्त रहते उनकी टीम ने सारी जानकारी इकट्ठा कर ली।
वहीं दूसरी ओर रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस अधीक्षक केंट ओसमंड ने कहा कि अधिकारी ये निर्धारित करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या मामला आपराधिक जांच के लायक है? आपराधिक जांच तभी की जा सकेगी, जब उस दिशा में थोड़ा बहुत सबूत मिलेगा। ये भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या इस अभियान में कोई नियम तोड़ा गया है या नहीं।
कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां जांच में शामिल
ये हादसा जहां पर हुआ है, वो 'नो मैन्स लैंड' है यानी वहां पर किसी भी देश का अधिकार नहीं है, ऐसे में हादसे के बाद ये सवाल उठा था कि आखिर कौन सी एजेंसी इस घटना की जांच करेगी। अब इसको लेकर एक संयुक्त जांच बैठाई गई है, जिसमें यूएस कोस्ट गार्ड, यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड, कनाडा के ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड, फ्रांसीसी समुद्री हताहत जांच बोर्ड और यूनाइटेड किंगडम मरीन एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्रांच शामिल है।












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