पश्चिमी देशों ने रूस की संपत्ति की जब्त तो व्लादिमीर पुतिन पहुंच गए नॉर्थ कोरिया, जानिए क्या बड़ा होने वाला है
Vladimir Putin in North Korea: जिस तरह से हाल ही में स्विट्जरलैंड में यूक्रेन पीस समिट का आयोजन किया गया और इसमे तमाम पश्चिमी देशों ने रूस की संपत्ति जब्त करके इसपर मिलने वाले ब्याज को यूक्रेन को देने का फैसला लिया, उसके बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन काफी नाराज है।
यही वजह है कि यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध में मदद के लिए व्लादिमीर पुतिन 24 साल बाद नॉर्थ कोरिया के दौरे पर पहुंच गए हैं। वर्ष 2000 में जब व्लादिमीर पुतिन रुस के राष्ट्रपति बने थे तो वह उत्तर कोरिया के दौरे पर गए थे, यहां उनका भव्य स्वागत हुआ था।

तकरीबन 16 किलोमीटर तक लोगों की भीड़ पुतिन को देखने के लिए सड़क पर आई थी। पहली बार नॉर्थ कोरिया कोई रूसी नेता पहुंचा था। उस वक्त किम जोंग इल ने उनका स्वागत किया था।
24 वर्ष के बाद पुतिन फिर से नॉर्थ कोरिया पहुंचे हैं। इस बार नॉर्थ कोरिया की कमान किम जोंग उन के पास है। पुतिन ने कहा कि वह किम के साथ मिलकर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना करेंगे। पश्चिमी देशों के खिलाफ जिस तरह से पुतिन ने मोर्चा खोला है, उसके बाद अमेरिका सहित कई देश भड़क गए हैं और उनकी चिंता बढ़ गई है।
जिस तरह से पुतिन ने यह ऐलान किया, उसके बाद पश्चिमी देशों में हलचल मच गई है। अमेरिका का कहना है कि रूस के दौरे पर पुतिन हथियारों की डील कर सकते हैं। इन हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ हो सकता है।
दोनों देशों को एक-दूसरे की जरूरत
गौर करने वाली बात है कि फरवरी 2022 से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है। इस युद्ध की वजह से पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं।
यही नहीं पश्चिमी देशों ने रूसी संपत्ति को जब्त करके इससे मिलने वाले ब्याज को इन देशों ने यूक्रेन को देने का फैसला लिया है, जिससे रूस काफी नाराज है। कुछ ऐसा ही हाल उत्तर कोरिया का है।
यूएन के प्रतिबंध के बावजूद नॉर्थ कोरिया परमाणु हथियारों का टेस्ट करता रहा, जिसकी वजह से उसपर कई पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगा दिया है।
यूक्रेन के खिलाफ जंग में नॉर्थ कोरिया मददगार
यूक्रेन की जंग में रूस को हथियार जुटाना काफी मुश्किल हो रहा है। लेकिन ऐसे हालात में नॉर्थ कोरिया रूस की मदद कर रहा है। बताया जाता है कि नॉर्थ कोरिया ने रूस को तकरीबन 50 लाख तोप के गोले भेजे थे। जानकारी के अनुसार पुतिन वियतनाम भी जा सकते हैं। इन दोनों ही देशों के साथ अमेरिका के रिश्ते अच्छे नहीं हैं।
रूस-नॉर्थ कोरिया के संबंध
नॉर्थ कोरिया के पश्चिमी देशों के साथ संबंध अच्छे नहीं हैं, लेकिन रूस के साथ ऐसा नहीं है। रूस के साथ नॉर्थ कोरिया के रिश्ते ठीक-ठाक रहे हैं। रूस और नॉर्थ कोरिया पड़ोसी देश हैं। नॉर्थ कोरिया कम्युनिस्ट देश रहा है, यही वजह है कि वह हमेशा से पश्चिमी देशों के खिलाफ रहा है। किम जोंग उन खास ट्रेन से रूस का दौरा कर चुके हैं।
रूस के प्रस्ताव को किया गया खारिज
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध काफी लंबा खिंच चुका है। ऐसे में लंबे युद्ध को लेकर रूस की स्थिति काफी मजबूत है। व्लादिमीर पुतिन ने शांति वार्ता के लिए प्रस्ताव देते हुए कहा था कि अगर यूक्रेन चार राज्यों पर अपना दावा छोड़ दे तो यह युद्ध समाप्त हो सकता है। लेकिन स्विट्जरलैंड में हुई यूक्रेन पीस समिट में इसे खारिज कर दिया।
दोनों देशों के आपसी हित
यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की बात करें तो चीन के अलावा रूस एकमात्र ऐसा देश है जिसका नॉर्थ कोरिया से संबंध अच्छा है। रूस की बात करें तो उसे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में हथियार चाहिए जबकि नॉर्थ कोरिया को अनाज, पैसे और कुछ और चीजों की जरूरत है।












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