यूक्रेन पर अमेरिका ने लिया ये फैसला तो शुरू हो जाएगा परमाणु युद्ध, पुतिन की चेतावनी से कांपी दुनिया
इंग्लिश मीडिया की रिपोर्ट्स में रूसी युद्धक विमान को नई अल्ट्रा हाई स्पीड किंजल एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ तैनात किए जाने की सूचना दी गई है।
मॉस्को/कीव/वॉशिंगटन, फरवरी 09: यूक्रेन संकट दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है और आशंका इस बात की है, कि कहीं यूक्रेन संकट मानवता का ही विनाश नहीं कर दे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ साफ धमकी देते हुए कहा है कि, अगर यूक्रेन को नाटो में शामिल करने का फैसला लिया जाता है, तो फिर दुनिया परमाणु युद्ध के लिए तैयार हो जाए। राष्ट्रपति पुतिन की इस धमकी के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है, क्योंकि रूस ने पोलैंड की सीमा पर परमाणु हथियारों को ले जाने वाले मिग-31 विमानों को तैनात कर दिया है।

पुतिन की परमाणु युद्ध की धमकी
राष्ट्रपति पुतिन की धमकी के बीच रूस ने यूक्रेन की सीमा पर सैन्य अभ्यास को काफी तेज कर दिया है और एक लाख सैनिक लगातार युद्धाभ्यास करते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं, रूस का अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ गतिरोध और भी ज्यादा बढ़ गया है। हालांकि, रूसी राष्ट्रपति ने फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ हुई मुलाकात के दौरान यूक्रेन की हमला करने की बात करने से इनकार किया है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि, रूसी राष्ट्रपति ने फ्रांसीसी राष्ट्पति से झूठ बोला है। इस बीच रूसी राष्ट्रपति ने कहा है कि, यूक्रेन को किसी भी हाल में नाटो में शामिल नहीं होने देंगे, जबकि, ब्रिटेन समेत पश्चिमी देशों का कहना है कि, यूक्रेन को बगैर किसी हस्तक्षेप के अपना गठबंधन बनाने का पूरा अधिकार है।

परमाणु हथियारों की तैनाती करता रूस
वहीं, कुछ नये वीडियो फूटेज सामने आए हैं, जिनमें दिख रहा है कि, पोलैंड और लिथुआनिया की सीमा से सटे एक रूसी एक्सक्लेव- कलिनिनग्राद में नई किंजल परमाणु-सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइलों की तैनाती की जा रही है। वहीं, परमाणु बम ले जाने वाले मिग-31 विमानों को भी उड़ान भरते हुए देखा गया है। जबकि पुतिन ने दावा किया है कि, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के साथ मास्को में उनकी बातचीत सकारात्मक हुई है।

युद्ध के बन रहे हालात
फ्रांसीसी राष्ट्रपति से बातचीत के दौरान ब्लादिमीर पुतिन ने साफ कर दिया कि, अगर यूक्रेन को नाटो में शामिल किया जाता है, तो परमाणु युद्ध शुरू हो जाएगी। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि, अगर यूक्रेन नाटो में शामिल होता है, तो वो फिर से क्रीमिया को हासिल करने की कोशिश करेगा और परमाणु युद्ध शुरू हो जाएगी। रूसी राष्ट्रपति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जोर देते हुए कहा कि, ''मैं इस बात को फिर से कहना चाहता हूं, कि आप अंत में मुझे सुनें, और इसे प्रिंट, टीवी और ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से अपने दर्शकों तक पहुंचाएं।

''रूस के साथ संघर्ष करना चाहता है यूरोप''
रूसी राष्ट्रपति ने जोर देकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, 'क्या आप इसे समझते हैं या नहीं, अगर यूक्रेन नाटो में शामिल हो जाता है और सैन्य साधनों से क्रीमिया को वापस लाने का प्रयास करता है, तो यूरोपीय देश रूस को स्वाभाविक ही जंग के मैदान में खींचकर ले आएंगे'। हालांकि, रूसी राष्ट्रपति ने इस बात को स्वीकार किया है, कि नाटो की तुलना में रूस की सैन्य शक्ति तुलनात्मक तौर पर कमजोर है, लेकिन उन्होंने कहा कि, 'आपको भूलना नहीं चाहिए कि रूस एक परमाणु हथियारों से संपन्न देश है'।
''कोई नहीं जीतेगा लड़ाई''
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि, 'अगर युद्ध हुआ तो कोई विजेता नहीं होगा, और आप अपनी इच्छा के विरुद्ध इस संघर्ष में फंस जाएंगे।' रूसी राष्ट्रपति ने साफ तौर पर कहा कि, 'जब आप अनुच्छेद 5 (नाटो के सदस्यों की सामूहिक रक्षा) पर अमल करते हैं तो आपके पास पलक झपकने का भी समय नहीं होगा।' उन्होंने कहा कि, 'फ्रांसीसी राष्ट्रपति निश्चित रूप से यह नहीं चाहते हैं, और मुझे भी यह (युद्ध) नहीं चाहिए, इसलिए वह यहां हैं, मुझे लगातार छह घंटे से 'प्रताड़ित' कर रहे हैं।'

30 साल से संघर्ष टालने की कोशिश
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि, पिछले 30 साल तक रूस ने पश्चिमी देशों और नाटो को पूर्व (रूस) की ओर बढ़ने के खिलाफ मनाने की कोशिश की है। उन्होंने दावा किया कि 'हमारी चिंताओं, मांगों और प्रस्तावों की पूरी तरह से अवहेलना' की गई। पुतिन ने मैक्रों को संबोधित करने के लिए 'आप' के परिचित 'ty' रूप का इस्तेमाल किया, जिसे नेताओं के बीच अच्छे तालमेल के संकेत के रूप में देखा जाता है। इस बीच एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें रूस के सबसे पश्चिमी क्षेत्र कैलिनिनग्राद में तैनात दो मिग-31के सुपरसोनिक विमानों में से एक को उड़ते हुए देखा गया है। ये जगह बाल्टिक सागर तट पर है, जो ब्रिटेन से 800 मील से भी कम दूरी पर है और यूक्रेन से काफी दूरी पर है।

विध्वंसक हथियारों की तैनाती
इंग्लिश मीडिया की रिपोर्ट्स में रूसी युद्धक विमान को नई अल्ट्रा हाई स्पीड किंजल एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ तैनात किए जाने की सूचना दी गई है। 24 फीट लंबा और एक टन का किंजल- या डैगर- पारंपरिक और परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम है। इसकी सीमा 1,250 मील की है और यह देश की सीमा के अंदर उड़ान भरते हुए ही यूक्रेनी सैनिकों पर हमला कर सकता है। वहीं, इस बात की भी खबर है कि, हाल के दिनों में मिग-31के, जो हजार पाउंड तक गोला बारूद ले जाने में सक्षम हैं, उसे मॉस्को के पूर्व में निजनी नोवगोरोड से कलिनिनग्राद क्षेत्र में चेर्न्याखोवस्क हवाई अड्डे पर फिर से तैनात किया गया है। माना जाता है कि, रूस के पास कुल मिलाकर लगभग 20 किंजल-संगत मिग-31K हैं। वहीं, काला सागर में रूस का हाईटेक इवान खुर्स खुफिया जहाज यूक्रेन के नौसैनिक बंदरगाह ओडेसा से महज 20 नॉटिकल मील की दूरी पर देखा गया है।












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