रिपब्लिकन डिबेट में विवेक रामास्वामी ने मारी बाजी...बहस के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति उम्मीदवार पर डोनेशन की बारिश

Vivek Ramaswamy News: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मुकाबला गर्म हो चला है और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों के बीच हुई पहली प्राइमरी डिबेट के बाद भारतीय मूल के अमेरिकी उम्मीदवार, विवेक रामास्वामी पर डोनेशंस की बारिश होने शुरू हो गई है। कहा जा रहा है, कि अगर डोनाल्ड ट्रंप को कानूनी अड़चनों की वजह से राष्ट्रपति चुनाव का टिकट उनकी पार्टी से नहीं मिलता है, तो विवेक रामास्वामी बाजी मार सकते हैं।

प्राइमरी बहस के बाद भारतीय-अमेरिकी अरबपति कारोबारी विवेक रामास्वामी की लोकप्रियता रेटिंग काफी बढ़ गई है, जिसकी वजह से ऑनलाइन डोनेशन में डिबेट के सिर्फ एक दिन बाद ही भारी उछाल आ गया है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, डिबेट खत्म होने के बाद रिपब्लिकन पार्टी के दावेदार 38 साल के विवेक रामास्वामी ने सिर्फ एक घंटे में साढ़े 4 लाख डॉलर जुटा लिए। चुनावी अभियान रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवेक रामास्वामी ने कई उम्मीदवारों, जैसे न्यू जर्सी के पूर्व गवर्नर क्रिस क्रिस्टीज़, पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस और दक्षिण कैरोलिना की गवर्नर निक्की हेली को काफी पीछे छोड़ दिया है।

वहीं, अब उनका मुकाबला पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डिसेंटिस के साथ है। चुनावी सर्वेक्षणों के मुताबिक, रॉन डिसेंटिस के साथ अब विवेक रामास्वामी बराबरी के टक्कर में चल रहे हैं।

रामास्वामी पर चंदे की बारिश

चुनावी अभियान पर नजर रखने वाली संस्था एक्सिस ने बताया, कि "ट्रम्प की गैर-मौजूदगी में, रामास्वामी जीओपी बहस को लीड कर रहे थे।" बहस के बाद सामने आए पहले सर्वेक्षण में कहा गया है, कि 504 रिस्पॉंडर्स में से 28 प्रतिशत ने कहा, कि रामास्वामी ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है।

रामास्वामी के बाद 27 प्रतिशत के साथ फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस और 13 प्रतिशत के साथ माइक पेंस तीसरे नंबर पर रहे हैं। वहीं, निक्की हेली को सात फीसदी वोट मिले।

फॉक्स न्यूज के अनुसार, रामास्वामी पहले रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद की बहस के लिए सबसे अधिक Google पर खोजे जाने वाले GOP उम्मीदवार थे। उनके बाद साथी भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार निक्की हेली थीं। बहस के मंच पर दोनों भारतीय-अमेरिकी एक-दूसरे के बगल में खड़े थे।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है, कि "विवेक रामास्वामी ने पहली रिपब्लिकन प्राथमिक बहस में सुर्खियां बटोरीं।" हालांकि, इसके संपादकीय बोर्ड ने अपने संपादकीय में, उनके विदेश नीति प्रस्तावों की आलोचना की और कहा, कि इससे उन्हें व्हाइट हाउस नहीं मिलेगा।

हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का कहना है, कि अमेरिकी अखबार हमेशा से भारतीय मूल के उम्मीदवारों के प्रति 'क्रूर' रहे हैं।

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वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा, कि "38 वर्षीय राजनीतिक नौसिखिए विवेक रामास्वामी ने बुधवार के प्राइम-टाइम जीओपी राष्ट्रपति पद की बहस में सुर्खियां बटोरीं, लेकिन इस बात का कोई संकेत नहीं था, कि उन्होंने या किसी अन्य दावेदार ने, डोनाल्ड ट्रंप को पीछे छोड़ने के लिए कोई रास्ता खोज रखी है।"

आपको बता दें, कि चुनावी सर्वेक्षणों में डोनाल्ड ट्रंप, विवेक रामास्वामी और रॉन डिसेंटिस से काफी आगे चल रहे हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है, कि "अनियंत्रित आत्मविश्वास और अपमान के साथ, बायोटेक उद्यमी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को झड़पों में फंसाया, जो रिपब्लिकन की पहली बहस पर हावी रहे।" आगे लिखा गया है, कि "वह जोश में आए, अपने प्रतिद्वंद्वियों की आलोचना की, खूब मुस्कुराए और मंच पर अधिक अनुभवी उम्मीदवारों के प्रति उन्होंने सम्मान भी दिखाया।"

वहीं, अमेरिकी न्यूज चैनल एनबीसी न्यूज़ ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के बीच की पहली बहस को "विवेक रामास्वामी शो" बताया है।

एनबीसी समाचार चैनल ने बताया, कि "यह कल रात की पहली जीओपी राष्ट्रपति बहस से हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है, जहां राजनीतिक नवागंतुक रामास्वामी ने डोनाल्ड ट्रम्प के रक्षक के रूप में पदभार संभाला - लेकिन उन्हें अपनी अनुभवहीनता और विदेश-नीति के मामलों पर प्रतिद्वंद्वियों के हमलों का खामियाजा भी भुगतना पड़ा।" इसके मुताबिक, बहस के दौरान रामास्वामी पर उनके प्रतिद्वंद्वियों ने 11 बार हमला किया।

रामास्वामी की लोकप्रियता में तेज इजाफा

अमेरिकी न्यूज चैनलों के मुताबिक, बहस के बाद से रामास्वामी की लोकप्रियता में तेजी से इजाफा हो रहा है।

एनबीसी ने कहा है, कि "विवेक रामास्वामी ने माइक पेंस के साथ बहस की। उन्होंने क्रिस क्रिस्टी से लड़ाई की। और उन्होंने निक्की हेली से झगड़ा कर लिया। दीर्घकालिक उम्मीदवार और कारोबारी बुधवार की रात बहस के मंच पर सभी उम्मीदवारों पर हावी रहे, उन्होंने ध्यान आकर्षित करने और अपने विरोधियों के आक्रोश को बढ़ाने के लिए, अपने बाहरी नीतिगत विचारों का उपयोग किया। रामास्वामी ने ट्रम्प समर्थकों को अलग-थलग किए बिना, या दूसरे स्थान पर रहे डेसेंटिस को ऊपर उठाए बिना, अपने प्रतिद्वंद्वियों को खुद को निशाना बनाने के लिए एक कर दिया, जिससे लग रहा था, कि बहस विवेक रामास्वामी बनाम अन्य उम्मीदवार हो चला है।"

अखबार ने कहा है, कि बहस के बाद रामास्वामी आश्वस्त दिखे और पत्रकारों से कहा, कि जल्द ही चुनावी रेस में सिर्फ दो उम्मीदवार रह जाएंगे, वह और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। बहस के मंच पर उन्होंने ट्रंप को 21वीं सदी के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रपतियों में से एक बताया।

माना जा रहा है, कि वो डोनाल्ड ट्रंप को अपने पक्ष में करना चाहते हैं। वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है, कि वो डोनाल्ड ट्रंप को अपने पाले में करना चाहते हैं, ताकि राष्ट्रपति पद के लिए टिकट नहीं मिलने की स्थिति में, उपराष्ट्रपति पद उनके पास हो।"

बहस के बाद विवेक रामास्वामी ने कहा, कि "मैं उस रात का स्पष्ट विजेता था। लेकिन हम अभी शुरुआत कर रहे हैं। ... मेरी समझ से यह बहुत अच्छा बहस था। बहुत जल्द, यह ट्रम्प और मेरे बीच दो-घोड़ों की दौड़ होगी।"

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