US में जन्म लेने वाले अवैध प्रवासियों के बच्चों की नागरिकता खत्म कर देंगे रामास्वामी, यूक्रेन को भी नहीं देंगे

अमेरिका में अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारी के लिए रिपब्लिकन पार्टी की दूसरी बहस बुधवार को संपन्न हो गई। बुधवार रात लॉस एंजिल्स में हुई इस बहस में एक बार फिर से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शामिल नहीं हुए।

हालांकि इस बार भी ट्रम्प की अनुपस्थिति में रामास्वामी ही बहस के केंद्र में रहे। ऐसे में माइक पेंस, निक्की हेली और क्रिस क्रिस्टी सहित बाकि प्रतिद्वंद्वियों ने रामास्वामी को निशाने पर लिया। बहस के दौरान रामास्वामी से अमेरिका में अवैध प्रवासियों की लगातार बढ़ती आबादी रोकने को लेकर सवाल किया गया।

Vivek Ramaswamy will not back Ukraine

इसके जवाब में एक और धमाकेदार बयान देते हुए विवेक रामास्वामी ने कहा कि अगर वह राष्ट्रपति बने तो अमेरिका में जन्मजात नागरिकता खत्म करने की दिशा में काम करेंगे। इसी तरह का एक प्रस्ताव पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2015 के अपने राष्ट्रपति अभियान के दौरान सुझाया था।

जन्मजात नागिरकता खत्म करने का अर्थ अमेरिका में पैदा होने वाले गैरकानूनी प्रवासियों के बच्चों को मिलने वाली नागरिकता बंद कराने से है। रामास्वामी ने कहा कि वो अवैध प्रवासियों की अमेरिका में एंट्री रोकने के लिए 2015 के प्रस्ताव का इस्तेमाल करेंगे।

इस प्रस्ताव के मुताबिक अमेरिका में बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के बच्चों को नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए, क्योंकि उनके माता-पिता ने देश में रहने के लिए कानून तोड़ा था। हालांकि सिर्फ रामास्वामी ही नहीं रिपब्लिकन पार्टी के अधिकतर उम्मीदवार जन्मजात नागरिकता नियम के खिलाफ हैं।

अमेरिकी संविधान का 14वें संशोधन अमेरिका में जन्म लेने वाले सभी लोगों को वहां का नागरिक होने की गारंटी देता है। द पोस्ट ने रामास्वामी के हवाले से कहा, "दो बेटों के पिता के रूप में, मेरे लिए उनकी आंखों में देखना और यह कहना कठिन है, कि 'आपको कानून का पालन करना होगा,' जब हमारी अपनी सरकार अपने ही कानूनों का पालन करने में विफल रहती है।"

डिबेट के दौरान रामास्वामी ने ये भी कहा कि वे अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर शरणार्थियों को रोकने के लिए सेना तैनात करने को कहा है। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने एक कार्यकारी आदेश जारी करने की योजना बनाई है, जो इस देश में पैदा हुए गैर-नागरिकों को नागरिकता के स्वत: अनुदान को समाप्त कर देगा, हालांकि, वह आदेश कभी पूरा नहीं हुआ।

राष्ट्रपति बने तो यूक्रेन की मदद बंद

विवेक रामास्वामी ने यह भी कहा है कि वो रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन का समर्थन नहीं करेंगे। उनका ये बयान भी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान जैसा ही है जो कीव का समर्थन बंद करना चाहते हैं।

रामास्वामी ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि रूस का राष्ट्रपति पुतिन एक दुष्ट तानाशाह हैं इसका मतलब ये नहीं है कि यूक्रेन कोई अच्छा देश है। यह ऐसा देश है जिसकी सरकार ने अपने देश के 11 विपक्षी दलों को प्रतिबंधित कर दिया है।

हालांकि उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए एक अन्य भारतवंशी उम्मीदवार निक्की हेली ने कहा कि 'रूस की जीत चीन की जीत' है। हेली ने कहा- चीन असली दुश्मन है। हम रूस को चीन की बाहों में धकेल रहे हैं। इसे समाप्त करने के लिए हमें एक उचित शांति योजना की आवश्यकता है।

पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने हेली के साथ मिलकर रामास्वामी की टिप्पणियों के लिए आलोचना की। पेंस ने कहा कि यदि पुतिन को यूक्रेन लेने दिया जाता है, तो यह चीन के लिए ताइवान लेने की हरी झंडी है। उन्होंने कहा कि शांति शक्ति से आती है। हमें शांति के लिए एक उचित योजना की आवश्यकता है।

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