भारतीय नागरिकों के लिए वीजा फ्री होगा रूस! जानिए कैसे दिल का रिश्ता और मजबूत कर रहे हैं व्लादिमीर पुतिन?
Russia-India Visa News: रूस का जिक्र होते ही भारतीयों के मन में एक सच्चा दोस्त होने की भावना उमड़ता है, जिसने हर मौके पर भारत का साथ दिया है और आज भी, भारतीय परिवारों में रूस और भारत की दोस्ती की कहानी पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती है।
भारत और रूस की दोस्ती समय की हर कसौटी पर पास हुआ है और अब रूस, दिल के इस रिश्ते को और मजबूत करने जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पर्यटकों के लिए रूस वीजा फ्री हो सकता है, यानि भारत के लोग बगैर वीजा रूस की यात्रा कर सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पर्यटकों के लिए रूस अगले साल एक नया सिस्टम बनाने जा रहा है, जिसके तहत वीजा फ्री एंट्री की घोषणा की जाएगी। इसका मकसद भारतीयों की यात्रा को और आसान बनाना है। भारतीयों के लिए वीजा फ्री एंट्री की घोषणा, रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बैकग्राउंड में और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यूरोपीय पर्यटकों का रूस जाना काफी कम हो चुका है। अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत ने अपनी कूटनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी है और मॉस्को ने भी उसी तरह का व्यवहार किया है, जो नई दिल्ली को समान महत्व देता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और रूस के बीच वीजा नियमों को कम करने के लिए जून से ही बातचीत चल रही है और अगले साल तक एक सिस्टम तैयार कर लिया जाएगा।
मॉस्को सिटी टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन एवगेनी कोजलोव ने एक बयान में कहा, "यह अनुमान लगाया जा रहा है, कि इस समझौते के कारण, जिसपर अभी बातचीत चल रही है, उससे रूसी राजधानी मॉस्को आने वाले भारत के यात्रियों की संख्या में तेज इजाफा होगा।"
2023 से भारतीयों के लिए e-visa
इसके अलावा, भारतीयों के लिए अगस्त 2023 से रूस ई-वीजा जारी कर रहा है और अप्लाई करने के बाद 4 दिनों के अंदर भारतीयों को ई-वीजा जारी कर दिए जाते हैं। रिपोर्ट यह भी बताती है, कि 2023 में, भारत ई-वीजा जारी करने की संख्या के मामले में शीर्ष पांच देशों में शामिल था, जिसमें भारतीय नागरिकों को जारी किए गए 9,500 वीजा शामिल हैं। रूस आने वाले ज्यादातर भारतीय यात्री, व्यवसाय और अपने काम के मकसद से रूस जाते हैं।
रूस जाने के लिए वर्तमान वीजा नियम क्या हैं?
हालांकि, रूस भारतीय नागरिकों के लिए आसानी से वीजा जारी करता है, लेकिन वीजा अप्लाई करने और प्रोसेस होने के लिए एक जटिल प्रक्रिया है।
- फिलहाल भारतीय नागरिकों को एक व्यापक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें रूसी संघ में प्रवेश करने, रहने और बाहर निकलने के लिए रूसी दूतावास या वाणिज्य दूतावास को जानकारी देनी पड़ती है, और उसके बाद वीजा जारी किए जाते हैं।
- रूस, चीन और ईरान के लोगों को वीजा फ्री एंट्री की सुविधा देता है, इसलिए नई व्यवस्था मास्को की योजनाओं में भारत के नए महत्व की ओर संकेत करती है।
- रूस और भारत के बीच वीजा को लेकर उस वक्त बात चल रही है, जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन कार्यभार संभालने वाला है और माना जा रहा है, कि ट्रंप कार्यकाल में अमेरिका के लिए वीजा प्रतिबंध और कड़े हो सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन के तहत, H-1B वीजा मांगने वालों की जांच और सख्त हो सकती है।
ट्रंप के शासन में अमेरिकी वीजा मिलना कितना मुश्किल होता है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, कि 2015 में H-1B वीजा आवेदन के तहत 6 प्रतिशत भारतीयों के वीजा अप्लीकेशन खारिज किए जाते थे, जो ट्रंप के कार्यकाल में साल 2018 में बढ़कर 24 प्रतिशत तक पहुंच गया था। यानि, 24 प्रतिशत भारतीयों के वीजा अप्लीकेशन को खारिज कर दिए जाते थे। वहीं, 2020 में 30 प्रतिशत वीजा आवेदनों को खारिज कर दिया गया था। ट्रंप के चार सालों का औसत देखें, तो 18 प्रतिशत के दर पर भारतीयों के वीजा आवेदनों को रद्द किए गये।
ट्रंप अगले महीने व्हाइट हाउस पहुंच रहे हैं, जिससे भारतीयों के लिए वीजा दिक्कतें फिर से शुरू होने की संभावना है, ऐसे में रूस भारतीयों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है।












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