VIDEO: कैमरे में कैद हुआ अफगानिस्तान का भविष्य, देखिए कैसे बंदूक की नोक पर चलेगी संसद

काबुल, 16 अगस्त: अफगानिस्तान का भविष्य 24 घंटे में ही फिर से नजर आने लगा है। तालिबान के आतंकवादी हथियारों से लैस होकर काबुल स्थित उस संसद भवन में दाखिल हो चुके हैं, जिसे भारत ने बनवाकर अफगानिस्तान को गिफ्ट किया था। लोकतंत्र के मंदिर पर आतंकियों की सरकार का कब्जा हो चुका है। अफगान की अमन-पसंद जनता जान बचाकर भागने की कोशिश कर रही है। लेकिन, दुनिया में उनकी रक्षा के लिए आगे बढ़ने का साहस कोई नहीं दिखा पा रहा है। खुद को सबसे ताकतवर मानने वाले अमेरिका की भी दुम दबाकर भागने की नौबत आ चुकी है। नीचे वीडियो देखिए और अंदाजा लगाइए कि आगे अफगानिस्तान में क्या होने वाला है ?

अफगानिस्तान की संसद पर तालिबान का कब्जा

अफगानिस्तान की संसद पर तालिबान का कब्जा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो जबर्दस्त ढंग से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि तालिबान के आतंकी अफगानिस्तान के संसद में घुस गए हैं। उनके हाथों में अत्याधुनिक हथियार हैं और वह स्पीकर के चेयर से लेकर बाकी सीटों पर बंदूकें लेकर बैठे हुए हैं। एक दिन पहले ही इन आतंकवादियों ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के महल पर कब्जा किया था और अब संसद भी उनके कब्जे में आ चुकी है। वीडियो में दिख रहा है कि तालिबान के कुछ आतंकी उन सीटों पर हथियारों के साथ बैठे हुए हैं, जहां महज दो हफ्ते पहले ही अफगानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अशरफ गनी ने संसद का साझा सत्र बुलाया था।

दो अगस्त को अशरफ गनी ने संसद में की थी आपात बैठक

दो अगस्त को अशरफ गनी ने संसद में की थी आपात बैठक

जैसे-जैसे अमेरिका अपने सैनिकों को लेकर वहां से भागने के मूड में है, तालिबान के आतंकियों का स्टैंड सख्त होता जा रहा है। अमेरिका 31 अगस्त की अपनी तय सीमा से काफी पहले ही अपने बचे हुए सैनिकों को निकालने के लिए हाथ-पांव मार रहा है। ऐसे में लोकतंत्र का मंदिर कहलाने वाली संसद में इस तरह हथियारों के खुले प्रदर्शन में भविष्य का अफगानिस्तान नजर आ रहा है। पिछले दो अगस्त को ही अशरफ गनी ने यहां एक अप्रत्याशित बैठक की थी।

इस्लामी सरकार बनाने की दिशा में तालिबान

इस्लामी सरकार बनाने की दिशा में तालिबान

रविवार को काबुल फतह के बाद तालिबान आतंकियों के हौसले बुलंद हो चुके हैं। बात-बात में दुनिया को ज्ञान देने वाली संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्था की भी बोलती बंद हो चुकी है और अमेरिका ने वहां अपना हाथ इस तरह से जला लिया है कि इसकी टीस उसकी पीढ़ियों को भी महसूस करनी पड़ सकती है। ऊपर से तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने एक न्यूज एजेंसी से कहा है कि वे 'खुली, समावेशी इस्लामी सरकार' गठित करने के लिए आने वाले दिनों में बातचीत करेंगे।

सुपर पावर की साख मिट्टी मिल गई

सुपर पावर की साख मिट्टी मिल गई

इससे पहले तालिबान की ओ से कहा जा चुका है कि वह इसका 'आधिकारिक' नाम 'अफगानिस्तान इस्लामी अमीरात' घोषित करेगा। बता दें कि अफगानिस्तान पर 20 साल पहले भी तालिबान का शासन था। लेकिन, अमेरिका में हुए 9/11 के हमले के बाद अल-कायदा के खात्मे के नाम पर उसने अफगानिस्तान में दखल दिया था, जिसपर अल-कायदा के आतंकियों को पनाह देने का आरोप था।

अफगान संसद पर आतंकियों का डेरा

अफगानिस्तान के संसद भवन के अंदर हथियारों के साथ तालिबान आतंकियों के घुसने वाला यह वीडियो वरिष्ठ पत्रकार वजाहत काजमी ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। सबसे बड़ी बात ये है कि यह इमारत भी भारत ने ही बनाकर अफगानिस्तान को दिया है। काजमी ने लिखा है, 'तालिबान अफगानिस्तान की संसद में घुस चुका है। यह इमारत भारत ने बनाई थी।'

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