USS Carl Vinson: US ने दिखाया दुनिया के सबसे शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर का दम, ताकत देख माथा पीट लेगा चीन!
USS Carl Vinson: अमेरिका ने सबसे शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर को दुनिया के सामने पेश किया है, जिसे देखने के बाद निश्चित तौर पर भारत के दुश्मन चीन ने सर पीट लिया होगा। यूएसएस कार्ल विंसन (CVN-70) एयरक्राफ्ट कैरियर ने RIMPAC 2024 में अपनी शक्तिशाली एयर विंग और अत्याधुनिक नौसैनिक क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए सबको स्तब्ध कर दिया है।
नेवल न्यूज ने बताया है, कि यूएसएस कार्ल विंसन (USS Carl Vinson) ने जुलाई में होने वाले द्विवार्षिक रिम ऑफ द पैसिफिक अभ्यास के दौरान अपनी एडवांस एयर विंग, जिसे CVW-2 के नाम से जाना जाता है, उसका प्रदर्शन किया है, जो दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय समुद्री युद्ध अभ्यास है।

कितना ताकतवर है USS Carl Vinson?
एयरक्राफ्ट कैरियर CVW-2 से अत्याधुनिक अमेरिकी विमान जैसे F-35C लाइटनिंग II, F/A-18E/F ब्लॉक III सुपर हॉर्नेट, E-2D एडवांस्ड हॉकआई, EA-18G ग्रोलर और MH-60R/S सीहॉक को ऑपरेट किया जा सकता है, जो इसे सबसे ज्यादा खतरनाक बनाता है।
नेवल न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है, कि एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप ने लंबी दूरी की AIM-174B हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल जैसी नई क्षमताओं का प्रदर्शन किया है, जिसे सतह से लॉन्च किए गए SM-6 ब्लॉक IA को लॉन्च करने लायक तैयार किया गया है। वहीं, EA-18G ग्रोलर के लिए AN/ALQ-249 (V)1 इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) पॉड्स, इसकी इलेक्ट्रॉनिक हमले और साइबर युद्ध क्षमताओं को बढ़ाते हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, कि इस एयरक्राफ्ट कैरियर में AARGM-ER (AGM-88G), एक एडवांस एंटी-रेडिएशन मिसाइल के भी शामिल होने की उम्मीद है।
नेवल न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि यूएसएस कार्ल विंसन की एयर विंग ऑफ द फ्यूचर (AWOTF) कॉन्सेप्ट के साथ तैनाती, अमेरिकी नौसेना की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जो पूरे बेड़े में अपनी एयर विंग क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए है, खास तौर पर प्रशांत क्षेत्र बढ़ाने के लिए खास है, क्योंकि चीन इंडो-पैसफिक में आक्रामक अंदाज में बढ़ रहा है।
रिपोर्ट बताती है, कि यह तैनाती दूसरी बार है, जब यूएसएस कार्ल विंसन ने AWOTF कॉन्सेप्ट के तहत काम किया है, इससे पहले यूएसएस अब्राहम लिंकन को एफ-35सी लाइटनिंग II के साथ तैनात किया गया था।
अप्रैल 2022 की हडसन इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में, ब्रायन क्लार्क और टिमोथी वाल्टन ने चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया से बढ़ती चुनौतियों के मद्देनजर अमेरिकी नौसेना की ताकत को लेकर बात की थी, जिसमें दुश्मनों की ताकत को काउंटर करने पर चर्चा की गई थी।

चीन को काउंटर करना है US नेवी का मकसद
अमेरिकी नौसेना का फोकस देश की एयर विंग क्षमताओं को बढ़ाने पर है, जिसमें लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और इलेक्ट्रॉनिक युद्धक पॉड्स को शामिल करना शामिल है।
"नेवी एविएशन विजन 2030-2035" दस्तावेज इन रणनीतिक मकसदों को हासिल करने के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है। यह नौसेना विमानन में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने के लिए लगातार होने वाले इनोवेशन और अनुकूलन की जरूरत पर प्रकाश डालता है।
इन कोशिशों के बावजूद, नये कॉन्सेप्ट और टेक्नोलॉजी में बदलाव करने में चुनौतियां बनी हुई हैं। एयर विंग ऑफ द फ्यूचर कॉन्सेप्ट को लागू करने में देरी, नौसेना विमानन क्षमताओं के आधुनिकीकरण में शामिल मुश्किलों को पेश करती हैं।
चीन लगातार बढ़ा रहा है अपनी नेवी की ताकत
चीन लगातार अपनी नौसेना की एयरफोर्स ताकत को बढ़ा रहा है और उसके एयरक्राफ्ट कैरियर भी अत्याधुनिक क्षमताओं से लैस हैं, हालांकि अमेरिका के मुकाबले के लिए चीन को अभी भी काफी कुछ करना बाकी है। लेकिन, चीन ने जो क्षमता हासिल कर ली है, वो बाकी देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है।
चीन ने लियाओनिंग एयरक्राफ्ट कैरियर का आधुनिकीकरण किया है और नए एयरक्राफ्ट कैरियर फुजियान का समुद्री परीक्षण कर लिया है, जो चीन की अपनी समुद्री शक्ति क्षमताओं के विस्तार को दिखाता है। इसके अलावा, चीन ने नए विमान और वेरिएंट पेश किए हैं, जो इसके एयरक्राफ्ट कैरियर के बेड़े के आधुनिकीकरण में डेवलपमेंट का संकेत देते हैं।
अमेरिकी और चीनी नौसेना विमानन में चल रहे विकास समुद्री शक्ति प्रक्षेपण की गतिशील प्रकृति को उजागर करते हैं। चूंकि दोनों देश अपनी क्षमताओं को बढ़ाना जारी रखे हुए हैं, इसलिए प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने के लिए लगातार इनोवेशन और अनुकूलन की आवश्यकता होगी।












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