अमरीका: राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की सत्ता का साथ छोड़ने वाले सात लोग
ट्रंप प्रशासन छोड़ने वालों में सबसे नया नाम व्हॉइट हाउस के आर्थिक सलाहकार गैरी कॉन का है.
ट्रंप का साथ छोड़ने वाले अधिकारियों की एक लंबी फेहरिस्त है. ये लोग या तो हटाए गए हैं या फिर उन्हें किनारा किया गया है और कुछ ने इस्तीफ़ा दिया है.
यहां हम उन सात अफसरों की लिस्ट पेश कर रहे हैं कभी ट्रंप के करीबी और भरोसेमंद कहे गए लेकिन बाद में उनके रास्ते अलग हो गए.
और इसमें गैरी कॉन का नाम सबसे ऊपर है.
गैरी कॉन
पद: मुख्य आर्थिक सलाहकार
इस्तीफ़े की तारीख: 6 मार्च, 2018
गोल्डमैन सैक्स बैंक के पूर्व अध्यक्ष को ट्रंप ने अमरीका का कार्यभार संभालते ही राष्ट्रीय आर्थिक परिषद का प्रमुख नियुक्त किया था.
छोड़ने की वजह: अमरीका में आयात होने वाले स्टील और एल्युमिनियम पर टैरिफ़ लगाने की ट्रंप की योजना से गैरी कॉन को एतराज था.
कार्यकाल: 14 महीने
होप हिक्स
पद: व्हाइट हाउस कम्युनिकेशंस डायरेक्टर
इस्तीफ़े की तारीख: 28 फरवरी, 2018
डोनल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान के दौरान होप हिक्स ने उनका मीडिया प्रभार भी संभाला था. वे ट्रंप के प्रेस सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुकी थीं.
इस्तीफ़े की वजह:साल 2016 के चुनाव पर रूस के असर की जांच कर रहे कांग्रेस पैनल के सामने होप हिक्स ने ये माना कि उन्होंने कभी-कभी अपने बॉस के लिए सफेद झूठा बोला था. इस गवाही के ठीक एक दिन बाद होप हिक्स का इस्तीफ़ा सामने आ गया.
पद पर कार्यकाल: होप पिक्स ट्रंप ऑर्गनाइज़ेशन के साथ छह सालों तक रहीं. ट्रंप के चुनाव अभियान और फिर व्हाइट हाउस के लिए उन्होंने तीन साल काम किया.
रॉब पोर्टर
पद: व्हॉइट हाउस स्टाफ़ सेक्रेटरी
इस्तीफ़े की तारीख: 8 फरवरी, 2018
रॉब पोर्टर को राष्ट्रपति ट्रंप का दाहिना हाथ करार दिया गया था. वाशिंगटन में कई लोग ये मानते हैं कि हिंसा के आरोपों की वजह से एफ़बीआई ने उन्हें सिक्रेट सिक्योरिटी क्लियरेंस देने से इनकार कर दिया था.
इस्तीफ़े की वजह: पोर्टर की पूर्व पत्नियों ने उन पर घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे. डेली मेल अख़बार में ये ख़बरे छपने के बाद व्हॉइट हाउस के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ जॉन केली और राष्ट्रपति ट्रंप पर उनसे इस्तीफ़ा लेने का दबाव बढ़ने लगा था.
कार्यकाल: एक साल
एंड्र्यू मैककैबे
पद: एफ़बीआई डिप्टी डायरेक्टर
इस्तीफ़े की तारीख: 29 जनवरी, 2018
कहा जाता है कि मार्च में वे रिटायर होने वाले थे लेकिन उन्हें पद से हटने के लिए मजबूर किया गया.
शुरू में ऐसी ख़बरें आईं कि ट्रंप उन्हें पद से हटाना चाहते हैं और इस ख़बर के हफ़्ते भर बाद ही एंड्र्यू मैककैबे ने पद से इस्तीफ़ा दे दिया.
वे 1996 में एफ़बीआई से जुड़े थे और 2013 में बोस्टन मैराथन के दौरान हुई बमबारी की जांच का सेहरा उनके सिर बंधा था.
इस्तीफ़े की वजह: राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार एंड्र्यू मैककैबे की आलोचना की थी.
ट्रंप प्रशासन का आरोप था कि डेमोक्रेट्स के साथ रिश्तों की वजह से एंड्र्यू मैककैबे कभी भी रूस की भूमिका को लेकर चल रहा जांच में निष्पक्ष नहीं रह पाएंगे.
कार्यकाल: एफ़बीआई के उपनिदेशक पद पर दो साल, इसमें ट्रंप प्रशासन के साथ एक साल का समय शामिल है
टॉम प्राइस
पद: हेल्थ सेक्रेटरी
इस्तीफ़े की तारीख: 29 सितंबर, 2017
'अफोर्डेबल केयर एक्ट' या 'ओबामाकेयर' की पॉलिसी को खत्म करने में राष्ट्रपति ट्रंप की नाकाम कोशिशों में बतौर हेल्थ सेक्रेटरी टॉम प्राइस का भी योगदान था.
इस्तीफ़े की वजह: टॉम प्राइस ने मई और सितंबर के बीच अपनी हवाई यात्राओं पर दस लाख डॉलर से ज़्यादा खर्च किया.
यहां पैसे बचाने की गुंजाइश थी और इन ख़बरों के सामने आने के बाद ये कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप इससे 'नाखुश' हैं.
हालांकि इसके बाद ट्रंप ने उन्हें 'एक बेहद सज्जन आदमी' भी कहा था लेकिन ये कहे दो घंटे भी नहीं बीते थे कि प्राइस के इस्तीफ़े की ख़बर सामने आ गई.
कार्यकाल: 8 महीने
स्टीव बैनन
पद: चीफ़ स्ट्रैटेजिस्ट
पद से हटने की तारीख: 18 अगस्त, 2017
दक्षिणपंथी विचारों वाली न्यूज़ वेबसाइट ब्रीटबार्ट को छोड़कर स्टीव बैनन डोनल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े थे.
हटाए जाने की वजह: ट्रंप प्रशासन के कुछ सीनियल सलाहकार महीनों से स्टीव बैनन को दरकिनार करने की मुहिम में लगे थे. इनमें ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर का नाम भी लिया जाता है. ये भी कहा जाता है कि ट्रंप से हर हफ़्ते फ़ोन पर बात करने वाले रूपर्ट मर्डोक भी स्टीव बैनन को पद से हटाना चाहते थे.
कार्यकाल: कैम्पेन चीफ़ बनने के बाद एक साल
प्रीत भरारा
पद: न्यूयॉर्क फ़ेडरल प्रॉसिक्यूटर
इस्तीफ़े की तारीख: 11 मार्च, 2017
ये कोई नई बात नहीं है कि व्हॉइट हाउस में सत्ता परिवर्तन के साथ ही पुराने प्रशासन के नियुक्त किए गए सरकारी वकील बदल दिए जाते हैं.
लेकिन बेहद सम्मानित प्रीत भरारा को ट्रंप प्रशासन ने पद पर बन रहने के लिए कहा था.
पद से हटाए जाने की वजह: प्रीत भरारा उन 46 सरकारी वकीलों में से एक थे जिन्हें ट्रंप प्रशासन इस्तीफ़ा देने के लिए कहा था.
इस बात का अंदेशा जताया जता रहा था कि प्रीत भरारा राष्ट्रपति ट्रंप के लिए चिंता का कारण बन सकते हैं.
कार्यकाल: सात साल सात महीने, ट्रंप प्रशासन के साथ दो महीने से भी कम समय
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