QUAD बैठक में भारत के लिए मुसीबत खड़ा करेगा अमेरिका! व्हाइट हाउस ने नई रणनीति का किया ऐलान

मार्च महीने के पहले हफ्ते में भी क्वाड देशों के नेताओं के बीच वर्चुअल बैठक हुई थी, जिसमें अप्रत्यक्ष तौर पर भारत को धमकाने की कोशिश की गई थी, लेकिन भारत अपनी नीति पर अभी भी अडिग खड़ा है।

टोक्यो/वॉशिंगटन, अप्रैल 29: यूक्रेन युद्ध में भारत लगातार फंसा हुआ है और अमेरिका लगातार भारत पर प्रेशर बना रहा है और अगले महीने जापान की राजधानी टोक्यो में होने वाली बैठक से पहले अमेरिका ने साफ कर दिया है, कि क्वाड की बैठक में यूक्रेन मुद्दे पर रूस के खिलाफ वो क्या कदम उठाने वाला है और जाहिर तौर पर अमेरिका के इस ऐलान का मतलब भारत पर और दबाव बनाने की कोशिश है।

क्वाड पर अमेरिका की घोषणा

क्वाड पर अमेरिका की घोषणा

व्हाइट हाउस ने गुरुवार को कहा है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन अगले महीने जापान की राजधानी टोक्यो में होने वाले क्वाड सम्मेलन में रूस के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई करने का मुद्दा उठाएंगे। इसके साथ ही व्हाइट हाउस ने कहा है कि, राष्ट्रपति बाइडेन क्वाड देशों को ये भी बताएंगे, कि वॉशिंगटन ने अभी तक यूक्रेन की मदद के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं। आपको बता दें कि, जापान की राजधानी टोक्यो में अगले महीने 24 तारीख को क्वाड देशों की बैठक होने वाली है, जिसमें भारत, अमेरिका और जापान अलावा ऑस्ट्रेलिया भी शामिल होगा। व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने एक सवाल के जवाब में कहा कि, 'हम इस बैठक में समान भावनाओं को व्यक्त करेंगे'।

भारत को घेरने की कोशिश

भारत को घेरने की कोशिश

अमेरिका ने हालांकि ये भी कहा कि, अभी इस बैठक को होने में कुछ हफ्ते और हैं और निश्चित तौर पर इन हफ्तों में काफी कुछ बदलने वाला है। व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने कहा कि, 'निश्चित तौर पर राष्ट्रपति क्वाड बैठक से पहले एक अपडेट देंगे, कि हम क्या कर रहे हैं और उस समय चीजें कहां खड़ी हैं।' आपको बता दें कि, व्हाइट हाउस ने बुधवार को घोषणा की है, कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन 20-24 मई को दक्षिण कोरिया और जापान का दौरा करेंगे। टोक्यो में बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के क्वाड ग्रुपिंग के नेताओं के साथ भी मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस ने कहा कि, 'हम जल्द ही इस यात्रा के बारे में और जानकारी साझा करने की उम्मीद करते हैं'।

पिछली क्वाड बैठक में भी यूक्रेन मुद्दा

पिछली क्वाड बैठक में भी यूक्रेन मुद्दा

आपको बता दें कि, मार्च महीने के पहले हफ्ते में भी क्वाड देशों के नेताओं के बीच वर्चुअल बैठक हुई थी, जिसमें अप्रत्यक्ष तौर पर भारत को धमकाने की कोशिश की गई थी, लेकिन भारत अपनी नीति पर अभी भी अडिग खड़ा है। पिछले महीने जब क्वाड की बैठक हो रही थी, उस दौरान एक बार फिर से अमेरिका की तरफ से रूस विरोधी अभियान चलाया गया था, लेकिन भारत को अपने स्टैंड से बदलवाने की कोशिश में लगे अमेरिका को खास सफलता नहीं मिल पाई। क्वाड की बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री किशिदा फुमियो शामिल हुए थे, लेकिन क्वाड की बैठक में भारत ने साफ कर दिया, कि यूक्रेन उद्येश्य के लिए क्वाड के मंच का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि क्वाड का महत्व अलग है।

क्वाड की पिछली बैठक में भारत बनाम अमेरिका

क्वाड की पिछली बैठक में भारत बनाम अमेरिका

पिछले महीने क्वाड सदस्यों की एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्वीट करते हुए कहा था कि, उन्होंने क्वाड नेताओं प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधान मंत्री किशिदा फुमियो के साथ मुलाकात की, जिसमें "यूक्रेन पर रूसी हमले हमले के साथ साथ हिंद-प्रशांत सहित दुनिया में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के बारे में बात की"। हालांकि, जो बाइडेन के इस ट्वीट में इसके अलावा कुछ भी जाहिर नहीं किया गया था और ना ही क्वाड की बैठक से निकले परिणाओं पर ही कोई बात की गई थी। बाद में व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि, "क्वाड नेताओं ने यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और मानवीय संकट पर चर्चा की और इसके व्यापक निहितार्थ का आकलन किया"। हालांकि, व्हाइट हाउस ने अपने बयान में यह नहीं बताया था, कि क्या बैठक में रूस की निंदा भी की गई है?

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