US Abortion Pills: सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटा, जारी रहेगा गर्भपात की दवा का इस्तेमाल
जो बाइडेन ने कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। मिफेप्रिस्टोन के इस्तेमाल की कानूनी लड़ाई अदालत में जारी रहेगी, लेकिन उससे पहले इसके इस्तेमाल पर रोक लगाना सही नहीं था।

अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात की गोलियों पर लगे प्रतिबंध को फिलहाल खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को कहा कि जबतक ये गर्भपात से जुड़ा मामला चल रहा है तब तक देश में मिफेप्रिस्टोन टैबलेट का इस्तेमाल की अनुमति दी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले के साथ साफ कर दिया है कि इससे जुड़े मुकदमे चलते रहेंगे। इससे पहले टेक्सास कोर्ट ने गर्भपात की सबसे आम विधि में इस्तेमाल की जाने वाली दवा पर प्रतिबंध लगा दिया था।
अदालत का कहना था कि इसका इस्तेमाल जन्म लेने से पहले ही बच्चे की हत्या करने के लिए किया जा रहा है। निचली अदालत के फैसले के बाद मिफेप्रिस्टोन दवा बनाने वाली कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद कंपनी को बड़ी राहत मिली है। इस आदेश का बाइडेन प्रशासन ने भी स्वागत किया है। जानकारों का भी ये मानना है कि इस मामले पर अदालत का जो भी फै़सला आएगा, उसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे।
दवा से जुड़ी कानूनी लड़ाई तब शुरू हुई जब नवंबर 2022 में अलाएंस डिफेंडिंग फ्रीडम (ADF) ने मिफेप्रिस्टोन टैबलेट पर रोक लगाए जाने को लेकर अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के खिलाफ टेक्सास कोर्ट में केस किया। उनकी दलील थी कि इस दवा से प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को नुकसान होता है।
FDA ने ADF के सभी तर्कों को खारिज कर दिया। लेकिन इसी माह 7 अप्रैल को टेक्सास की एक अदालत ने FDA के अप्रूवल को सस्पेंड कर दिया और मिफेप्रिस्टोन दवा को बाजार से हटाने का आदेश दे दिया। इस आदेश में कहा गया कि दवा का इस्तेमाल अजन्मे बच्चे को मारने के लिए किया जा रहा है।
टेक्सास कोर्ट के फैसले के ठीक एक घंटे के बाद वॉशिंगटन कोर्ट के जज ने आदेश सुनाया, कि मिफेप्रिस्टोन दवा की पहुंच अमेरिका के 17 राज्या में होने दी जाए। दो कोर्ट के अलग अलग फैसलों के बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया।
बीते सप्ताह अमेरिका में फेडरल कोर्ट ने निचली अदालत के गर्भपात से जुड़े फैसलों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दिया था। अपने फैसले में अदालत ने प्रशासन से गर्भपात की दवा तक पूर्ण पहुंच बहाल करने के लिए कहा था।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अब मामला फिर से फेडरल कोर्ट जाएगा। यहां 17 मई को पूरा मामला रिव्यू किया जाएगा। इसके बाद ये मामला दोबारा सुप्रीम कोर्ट में उठाया जा सकता है। अमेरिका में मिफेप्रिस्टोन का गर्भपात के लिए 2000 से इस्तेमाल होता है। अब तक 50 लाख से अधिक महिलाओं ने इसका उपयोग किया है।
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