चीनी जासूसी बैलून के बाद US ने रहस्यमय 'UFO' को उड़ाया, अलास्का के आकाश में क्या उड़ रही थी आफत?
अमेरिका ने चीनी जासूसी बैलून को मार गिराने के लिए अपने वायुसेना के F-22 रैप्टर विमान से AIM-9X SIDEWINDER मिसाइल का इस्तेमाल किया था, जिसकी कीमत 3 करोड़ 13 लाख रुपये है।

US shoots down unidentified object: पिछले एक हफ्ते से सुपर पावर अमेरिका चीन के जासूसी बैलून और रहस्यमयो खतरों से परेशान हो चुका है और इस बार एक बड़ा 'खतरा' अलास्का के आसमान में मंडरा रहा था, जिसे अमेरिकी एफ-22 फाइटर जेट ने मार गिराया है। अमेरिका ने कहा है, कि अज्ञात वस्तु को मार गिराया गया है, जो अलास्का के आसमान में उड़ान भर रहा था। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है, कि पिछले एक हफ्ते से भी कम समय में अमेरिकी सेना ने एक चीनी गुब्बारे को पहले मार गिराया था, जो संयुक्त राज्य भर में उड़ रहा था और अब अज्ञात वस्तु को मार गिराया गया है।

अमेरिका में क्या था फ्लाइंग ऑब्जेक्ट
इस बार अमेरिका के अलास्का में अज्ञात फ्लाइंग ऑब्जेक्ट उड़ रहा था, जिसे उड़ाने के लिए अमेरिका ने अपने एफ-22 फाइटर जेट का इस्तेमाल किया है। अमेरिका ने कहा है, कि इस फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को मार गिराने के लिए एफ-22 फाइटर जेट के जरिए सिडविंडर मिसाइल छोड़ी गई थी। अमेरिका ने ये भी कहा है, कि ये अज्ञात फ्लाइंग ऑब्जेक्ट एक छोटी कार की तरह थी, जो अलास्का में उड़ान भर रही थी। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता जनरल पैट्रिक राइडर और व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, कि "हम नहीं जानते कि इस वस्तु का मालिक कौन है।" वहीं, राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस अज्ञात वस्तु के शूटडाउन का आदेश दिया था, जिसकी घोषणा व्हाइट हाउस की तरफ से की गई थी।

कौन कर रहा अमेरिका की जासूसी?
इससे पहले 4 फरवरी को भी अमेरिकी F-22 फाइटर जेट ने संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के कुछ हिस्सों में करीब एक हफ्ते से मंडरा रहा चीनी सर्विलांस बैलून को मार गिराया था। चीनी बैलून को दक्षिण कैरोलिना समुद्री तट पर मारा गिराया गया था, जिसे अमेरिकी सरकार ने एक चीनी निगरानी गुब्बारा कहा था। वहीं, चीन की सरकार ने कहा था, कि यह एक नागरिक अनुसंधान पोत था। वहीं, कुछ अमेरिकी सांसदों ने चीनी गुब्बारे को जल्द नहीं गिराने के लिए राष्ट्रपति की आलोचना भी की थी, जबकि अमेरिकी सेना ने बैलून को मार गिराने के बाद उसके मलबे से नीचे गिरने से लोगों के घायल होने की आशंका को देखते हुए उसे समुद्र तट तक पहुंचने देने की सिफारिश की थी और समुद्री तट पर पहुंचने के बाद ही उस सर्विलांस बैलून को मारा गया था।
अलास्का के आसमान में क्या था?
पेंटागन और व्हाइट हाउस ने अलास्का के आसमान में मंडरा रहे अज्ञात वस्तु को लेकर विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया है और सिर्फ इतनी जानकारी दी गई है, कि यह चीनी गुब्बारे से बहुत छोटा था। अमेरिकी अधिकारियों ने यह अनुमान लगाने से इनकार कर दिया, कि ये अज्ञात वस्तु क्या हो सकती है, लिहाजा सवाल ये उठ रहे हैं, कि आखिर अलास्का के आसमान में ऐसी क्या चीज उड़ रही थी, कि अमेरिका की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और अनुभवी पायलट भी उसके बारे में पता नहीं लगा पाए। पेंटागन ने कहा है, कि गुरुवार को पहली बार ग्राउंड राडार का उपयोग करते हुए इसका पता लगाया गया था। इसके बाद एफ-35 विमानों को जांच के लिए भेजा गया था। ये UFO लगभग 40,000 फीट (12,190 मीटर) उत्तर-पूर्वी दिशा में उड़ रहा था, जिससे नागरिक हवाई यातायात को खतरा था।
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अज्ञात वस्तु की होगी जांच
अमेरिका ने कहा है, कि अज्ञात वस्तु को कनाडाई सीमा के पास जमे हुए अमेरिकी क्षेत्रीय जल के ऊपर उत्तरपूर्वी अलास्का के तट के ऊपर मार गिराय गया है। अधिकारियों ने कहा, कि चीनी गुब्बारे की तुलना में इस वस्तु के मलबे बर्फ पर गिरे हैं, लिहाजा इन्हें खोजना काफी आसान होगा। आपको बता दें, कि चीनी गुब्बारे का मलबा समुद्र में कई किलोमीटर तक फैल गया था, लिहाा उसे निकालने के लिए काफी मेहनत मशक्कत करनी पड़ी थी। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता जनरल पैट्रिक राइडर ने कहा है, कि अमेरिकी पायलटों ने जिस फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को मारा है, उसमें कोई इंसान सवार नहीं था और उसके उड़ान को पहले से ही निर्धारित किया गया था। उन्होंने कहा, कि यह ऑब्जेक्ट किसी तरह से युद्धाभ्यास करने के लिए नहीं था और ना ही ये किसी हवाई जहाज जैसा ही था। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस अज्ञात ऑब्जेक्ट को किसी गुब्बारे की तरह भी नहीं बताया। राइडर ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, कि "यह एक विमान नहीं था। और F-22 ने दोपहर 1.45 EST पर अज्ञात वस्तु को मार गिराया"।
'अमेरिका के लिए खतरा'
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा, कि अमेरिका उन चीजों को मार गिराने का अधिकार रखता है, जो अमेरिका के लिए खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा, कि "अलास्का के ऊपर उड़ने वाले अज्ञात ऑब्जेक्ट के बारे में यह निर्धारित किया गया था, कि ये हवाई यातायात के लिए एक उचित खतरा है।" फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने कहा है, कि उसने रक्षा विभाग की गतिविधियों को मदद पहुंचाने के लिए उत्तरी अलास्का में कुछ हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। आपको बता दें, कि चीन का जासूसी गुब्बारा अमेरिका के मोंटाना में उस क्षेत्र में उड़ान भर रहा था, जिस क्षेत्र में अमेरिका के न्यूक्लियर मिसाइल ठिकाने हैं और बैलून के मार गिराए जाने के बाद चीन की तरफ से अमेरिका को धमकी भी दी गई है।












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