इमरान को एक फोन तक नहीं, बिलावल भुट्टो को अमेरिका ने कॉल कर बुलाया, बाइडेन का ये कैसा खेल?
इस महीने अंत तक अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक हो सकती है।
वॉशिंगटन/इस्लामाबाद, मई 07: इमरान खान जब तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे, उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक फोन तक नहीं किया और इस गुस्से में इमरान खान ने बाइडेन ने निजी खुन्नस पास ली और पिछले दो महीने से लगातार अमेरिका पर अपनी सरकार गिराने का आरोप लगा रहे हैं। इतना ही वहीं, निजी खुन्नस में इमरान खान इतना आगे निकल चुके हैं, कि एक दिन पहले उनके सलाहकार शहबाज गिल की कार का एक्सिडेंट क्या हुआ, उन्होंने इसे अमेरिका की साजिश करार दे दिया। लेकिन, इमरान के सत्ता से बेदखल होते ही अमेरिका ने पाकिस्तान के नये विदेश मंत्री को ना सिर्फ कॉल किया, बल्कि अमेरिका आने के लिए भी कहा है।

बिलावल को अमेरिका ने बुलाया
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी को 18 मई को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में खाद्य सुरक्षा बैठक के लिए आमंत्रित करने के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के बीच शीर्ष स्तर के संपर्कों की शुक्रवार को फिर से शुरुआत की। ये दो दिवसीय मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 'वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए खतरे पर' केंद्रित होगा, जो यूक्रेन पर रूसी आक्रमण से उत्पन्न हुआ था, और इसकी अध्यक्षता खुद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन करेंगे। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की पीटीआई शासन के दौरान अमेरिका की तरफ से इस तरह के उत्साहजनक बयान दुर्लभ हो गये थे और बिलावल भुट्टो और अमेरिकी विदेश मंत्री के बीच पहली बार फोन कॉल पर बात हुई है।

पिछले साल सितंबर में आखिरी मुलाकात
आपको बता दें कि, अमेरिका की बाइडेन प्रशासन ने पाकिस्तान की पूर्ववर्ती इमरान खान की सरकार से पूरी तरह से नाता तोड़ लिया था और अमेरिका-पाकिस्तान के विदेशमंत्रियों की आखिरी बैठक 24 सितंबर 2021 को हुई थी, जब पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के मौके पर सचिव ब्लिंकन से मुलाकात की थी। उसके बाद अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ सरकार के स्तर पर कई सारे संपर्क तोड़ लिए थे। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के नये विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो अमेरिका जाने और अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात के लिए संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं। पाकिस्तान के एक राजनयिक ने डॉन को बताया कि, बिलावल ने कहा है कि, "क्यों इंतजार करना? अब बैठक की व्यवस्था करने की कोशिश क्यों नहीं करते?" रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की कोशिश इसी महीने बिलावल भुट्टो और एंटनी ब्लिंकन की मुलाकात का व्यवस्था करवाने की है।

अमेरिका का गुस्सा हो गया खत्म?
इमरान खान ने बार बार आरोप लगाए हैं, कि बाइडेन प्रशासन उन्हें प्रधानमंत्री पद पर बने हुए देखना नहीं चाहता था और इसीलिए उन्हें गद्दी से हटा दिया गया। इमरान खान ने ये भी कहा था कि, अमेरिका ने कहा था कि, अगर इमरान खान प्रधानमंत्री की कुर्सी से हट जाता है, तो अमेरिका पाकिस्तान को माफ कर देगा। ऐसे में सवाल ये उठता है, कि बिलावल भुट्टो को अमेरिका आमंत्रित करना क्या पाकिस्तान को माफ कर देना है? और क्या इमरान खान ने अमेरिका पर आरोप लगाए थे, क्या वो सच हैं? दूसरी तरफ बिलावल भुट्टो ने कहा कि, "सचिव एंटनी ब्लिंकन का फोन आया। मेरे पदभार ग्रहण करने पर उन्होंने गर्मजोशी से बधाई दी, जिसके लिए मैं उनका आभारी हूं'। बिलावल भुट्टो ने कहा कि, 'गमारे बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ और पारस्परिक रूप से लाभप्रद, व्यापक-आधारित संबंधों को मजबूत करना, शांति, विकास और सुरक्षा को बढ़ावा देना और आपसी सम्मान के साथ सहमत जुड़ाव पर बात हुई, जिससे अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते को आगे ले जाना शामिल है'।

इमरान-अमेरिका में था टकराव
जिस दिन रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया था, उस दिन पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने मास्को का दौरा करके अमेरिका और अन्य पश्चिमी शक्तियों को स्पष्ट रूप से नाराज कर दिया था। बाद में, उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने उन्हें हटाने के लिए पाकिस्तानी विपक्षी दलों के साथ "साजिश" की और उनके दावे का समर्थन करने के लिए एक राजनयिक केबल एक रैली में लहराया था। हालांकि, वाशिंगटन ने उनके दावे को खारिज करते हुए कहा है कि, हालांकि वह पाकिस्तान में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का समर्थन करता है, लेकिन वह किसी पार्टी या व्यक्ति का समर्थन नहीं करता है। इस्लामाबाद और वाशिंगटन के बीच इस तरह के संक्षिप्त आदान-प्रदान ने पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया। लेकिन इमरान खान के जाने के बाद से, बाइडेन प्रशासन ने पाकिस्तान के साथ फिर से जुड़ने की अपनी इच्छा को रेखांकित करते हुए लगभग एक दर्जन बयान जारी किए हैं।

सुधरेंगे अमेरिका-पाकिस्तान के रिश्ते?
जैसा की संभावना है, इस महीने अंत तक अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक हो सकती है। वहीं, मामले से परिचित एक सूत्र ने डॉन को बताया कि, शहबाज शरीफ सरकार को उम्मीद है, कि, ये द्विपक्षीय बैठक सफल रहने वाली है। वहीं, डॉन के मुताबिक, एंटनी ब्लिंकेन ने नए विदेश मंत्री को बधाई देने के लिए फोन किया था और दोनों नेताओं के बीच लगभग पचास मिनट तक बातचीत जारी रही, जिसमें दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और फिर से जुड़ने में गहरी रुचि व्यक्त की। पाकिस्तानी सूत्र ने इस बातचीत को काफी अच्छा बताया है। पाकिस्तानी सूत्र ने यह भी कहा है कि, दोनों नेताओं के बीच टेलीफोनिक बातचीत के दौरान पीटीई सरकार के सत्ता से बाहर होने या अमेरिका पर साजिश रचने के लगे आरोपों पर कोई बातचीत नहीं की गई।












Click it and Unblock the Notifications