अमेरिकी चुनाव: सीक्रेट सर्विस के सुरक्षा घेरे में बाइडेन, वॉशरूम तक में तैनात रहते हैं एजेंट

वॉशिंगटन। जीत की तरफ बढ़ते डेमोक्रेट जो बाइडेन को सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया है। बाइडेन जिन्‍हें अब जीत के लिए बस 6 वोट्स चाहिए, हर बैटलग्राउंड स्‍टेट में आगे चल रहे हैं। उनकी बढ़त को देखने के बाद सीक्रेट सर्विस की तरफ से उन्‍हें सुरक्षा देने का फैसला किया गया है। डेलावेयर जो कि बाइडेन का होम टाउन है, वहां उनके घर के बाहर एजेंट की एक पूरा दस्‍ता सुरक्षा में तैनात है। अभी तक बाइडेन ने जीत का ऐलान नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है वह अपने ऑफिस से जीत के बारे में घोषणा कर सकते हैं। हालांकि जुलाई से ही बाइडेन के लिए सीक्रेट सर्विस को तैनात कर दिया गया था और उस समय उन्‍हें राष्‍ट्रपति पद का उम्‍मीदवार घोषित किया गया था। आइए आपको इस ताकतवर सुरक्षा एजेंसी के बारे में बताते हैं।

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कार ड्राइव करने की भी इजाजत नहीं

सीक्रेट सर्विस एजेंट्स को दुनिया का सबसे मजबूत सुरक्षा घेरा माना जाता है। पिछली कई दशकों से यह अमेरिका के सबसे ताकतवर शख्‍स को सुरक्षा मुहैया करा रहा है। सीक्रेट सर्विस एजेंट्स की मंजूरी के बिना अमेरिका के राष्‍ट्रपति अपनी पर्सनल कार तक ड्राइव नहीं कर सकते हैं। अमेरिका के राष्‍ट्रपति को सुरक्षा देने के लिए सन् 1865 में सीक्रेट सर्विस एजेंसी की शुरुआत की गई थी। अमेरिकी कांग्रेस की तरफ से इसकी मंजूरी मिली थी। इसका मकसद देश के नेताओं के साथ ही अमेरिका की वित्‍तीय और संवदेनशील सूचनाओं को सुरक्षित रखना है।

राष्‍ट्रपति के अलावा और किसको सुरक्षा

राष्‍ट्रपति के अलावा सीक्रेट सर्विस एजेंट्स अमेरिका के उप-राष्‍ट्रपति को भी सुरक्षा देते हैं। इसके अलावा उनके परिवारों, पूर्व राष्‍ट्रपतियों, उनकी पत्नियों और उनके नाबालिग बच्‍चों जिनकी उम्र 16 साल से कम है, उन्‍हें भी सुरक्षा प्रदान करते हैं। साथ ही किसी देश के राष्‍ट्राध्यक्ष अमेरिका के दौरे पर आता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्‍मेदारी भी सीक्रेट सर्विस पर होती है।

24 घंटे सुरक्षा में तैनात एजेंट्स

व्‍हाइट हाउस जो कि राष्‍ट्रपति का आधिकारिक निवास है, वहां पर 24 घंटे बिना पलक झपकाए एजेंट्स सुरक्षा में लगे होते हैं। इसके अलावा व्‍हाइट हाउस के पड़ोस में अमेरिकी वित्‍त मंत्रालय की भी बिल्डिंग, उप राष्‍ट्रपति का निवास और सभी विदेशी राजनयिक मिशन हैं। हर पल सीक्रेट सर्विस एजेंट्स इनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। सीक्रेट सर्विस एजेंसी को अमेरिका के नेशनल स्‍पेशल सिक्‍योरिटी इवेंट्स (NSSE) के तौर पर मान्‍यता मिली हुई है।

बिना एजेंट्स के मॉर्निंग वॉक भी नहीं

सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स अमेरिकी राष्ट्रपति से जुड़े खतरों और धमकियों का पहले ही आकलन कर लेते हैं। घर में रहने के दौरान ये सीक्रेट एजेंट्स वॉशरूम से लेकर मॉर्निंग वॉक तक, हर स्तर पर सुरक्षा देते हैं। जब कभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति किसी दूसरे देश के दौरे पर जाते हैं तो उनका दौरा शुरू होने से करीब एक माह पहले ही सीक्रेट एजेंट्स लोकेशन की जांच के लिए पहुंच जाते हैं।

मेहमान भी तय करते एजेंट्स

उनके इस दौरे पर राष्‍ट्रपति से कौन मिलेगा, कौन उनके साथ डिनर करेगा, वह कितनी देर कहां पर रुकेंगे और किस तरह से उनका काफिला आगे बढ़ेगा, ये सब कुछ सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ही तय करते हैं। राष्‍ट्रपति से मिलने वाले हर शख्‍स के बारे में एजेंट्स के पास पूरी विस्‍तृत जानकारी होती है।

एजेंट्स पर आया कितना खर्च

साल 2017 की ए‍क रिपोर्ट के मुताबिक सीक्रेट सर्विस एजेंट्स के ऑपरेशन्स पर 75 करोड़ डॉलर का खर्च आया था। सिर्फ इतना ही अमेरिकी राष्‍ट्रपति को विदेशी दौरों पर और यहां तक कि व्‍हाइट हाउस में जो खाना सर्व किया जाता है, वह एजेंट्स के अप्रूवल के बाद ही उन्‍हें मिलता है। पहले एजेंट्स खाने को चखते हैं और फिर राष्‍ट्रपति को उसे परोसा जाता है।

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