US Presidential Debate: पहली बहस में डोनाल्ड ट्रंप के आगे जो बाइडेन चारों खाने चित, जानिए कैसे बुरी तरह हारे?
US Presidential Debate 2024: CNN पर हुए पहली बहस में डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन को चारों खाने चित कर दिया है और बहस के दौरान ऐसे कई मौके आए, जहां अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति को पूर्व राष्ट्रपति के सामने लड़खड़ाते देखा गया। बहस के दौरान, ट्रंप काफी आक्रामक मुद्रा में नजर आ रहे थे, जबकि बाइडेन को उनके सामने संघर्ष करते देखा गया है।
राष्ट्रपति जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच इस साल 5 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले इस पहली बहस का आयोजन CNN ने किया था, जिसमें दोनों उम्मीदवार एक दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाइडेन को कई मौकों पर अपने विचार स्पष्ट करने में संघर्ष करते देखा गया और ऐसा लग रहा था, कि उनके शब्द उलझ रहे हैं।

ट्रंप के सामने फंसते दिखे जो बाइडेन
बहस के दौरान कई बार देखा गया, कि डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन की कमजोरियों को उजागर कर उसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने आव्रजन और देश की अर्थव्यवस्था के साथ साथ पिछले 3 सालों में देश में बुरी तरह से बढ़ी महंगाई के लिए बाइडेन को घेरने की कोशिश की।
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने इस सवाल को टालने की कोशिश की, कि क्या वो 5 नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों का सम्मान करेंगे? उन्होंने कहा, कि वे ऐसा तभी करेंगे जब इलेक्शन "निष्पक्ष" और "स्वतंत्र" होगा और उन्होंने एक बार फिर से अपने झूठे दावों को दोहराते हुए कहा, कि 2020 के चुनाव में धांधली हुई थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने बहस के दौरान एक प्वाइंट पर कहा, कि "पिछले राष्ट्रपति चुनाव में धोखाधड़ी थी और जो कुछ भी था, वो काफी हास्यास्पद था।" इसके अलावा, 2020 राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने जो बाइडेन की मिली जीत पर एक बार फिर से शक जताया।
मंच पर कैसे थे ट्रंप और बाइडेन के तेवर?
अमेरिकी समय के मुताबिक, गुरुवार को जॉर्जिया के अटलांटा में CNN न्यूज नेटवर्क के हेडक्वार्टर में दोनों नेताओं की बहस का आयोजन किया गया था और यह अक्टूबर 2020 के बाद पहला मौका था, जब दोनों उम्मीदवार बहस के लिए एक मंच पर पहुंचे थे।
हालांकि, बहस से पहले कई पॉलिटिकल ऑब्जर्वर्स का कहना था, कि "दोनों नेताओं के बीच होने वाली ये बहस शायद जंग खा चुकी होगी, क्योंकि दोनों नेताओं ने पिछले कुछ सालों में किसी भी सार्वजनिक बहस में हिस्सा नहीं लिया है।"
पहली बहस से एक हफ्ते पहले जो बाइडेन कैंप डेविड में अपने सहयोगियों के साथ तैयारी कर रहे थे और वो अपने सहयोगियों के साथ लगातार मॉक सेट-अप के साथ तैयारी कर रहे थे, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप लगातार चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे थे। लेकिन जब जो बाइडेन मंच पर चढ़ने लगे, तो वो लड़खड़ाते हुए दिखे और जब वो अपने पोडियम के पास पहुंचे, तो वो कुछ बुदबुदा रहे थे।

हालांकि, जब उनसे पहला सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोविड-19 के दौरान अमेरिकियों की मौत को लेकर डोनाल्ड ट्रंप पर हमला बोलते हुए बहस की जोरदार शुरूआत करने की कोशिश की, जिसका मकसद साफ तौर पर कोविड संकट की तरफ फिर से लोगों का ध्यान मोड़ना और ट्रंप की लोकप्रियता को कुंद करना था।
जो बाइडेन ने बहस की शुरूआत में कहा, कि "हमारी इकोनॉमी लुढ़क रही थी और जब वो (डोनाल्ड ट्रंप) गये, तो चीजें काफी अस्त-व्यस्त थीं और हमने उस अफरा-तफरी को समेटा।" इसके साथ ही, कोविड-19 संकट के समय डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई पर तंज कसा और कहा, कि "ट्रंप के जो विचार थे, उसने गलत जानकारी को बढ़ावा दिया और कोविड के इलाज को लेकर लोगों में ऑनलाइन भ्रम फैलाया। जिसमें एक ये था, कि 'आप अपनी बांह पर थोड़ा ब्लीच इंजेक्ट करें और आप ठीक हो जाएंगे।'
लेकिन, जब डोनाल्ड ट्रंप को बहस में पहली बार बोलने का मौका दिया, तो रिपब्लिकन पार्टी के संभावित उम्मीदवार ने अपने अंदाज में अपने बड़बोलेपन के साथ ही बहस की शुरूआत की, जिसके लिए वो जाने जाते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि "जब हम थे, उस वक्त देश की अर्थव्यवस्था अमेरिकी इतिहास में सबसे बढ़िया थी औ हमने कभी इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था। हर कोई इससे हैरान था। दूसरे देश हमारी नकल कर रहे थे।" ट्रंप ने अपनी शुरुआती टिप्पणियों में कहा, उनके कार्यकाल के दौरान "सब कुछ बढ़िया चल रहा था।"
इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप ने देश में बढ़ती महंगाई और आव्रजन के मुद्दे पर सीधे सीधे जो बाइडेन पर हमला बोला और महंगाई बढ़ने के लिए जो बाइडेन की नीतियों को जिम्मेदार बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए बहस की ये पहली रात काफी ज्यादा महत्वपूर्ण थी और दोनों ही नेता अपने अपने विचार को मजबूती से रखने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस दौरान जो बाइडेन को बार बार लड़खड़ाते हुए देखा जा सकता था। ये बहस 90 मिनट तक चली और चार सालों के बाद ये पहला मौका था, जब दोनों नेता एक साथ सार्वजनिक मंच पर आए थे। इस बहस की शुरूआत ही अर्थव्यवस्था के मुद्दे से हुई थी, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने संकेतों में बाइडेन को 'अमेरिका के पतन' के लिए जिम्मेदार ठहराया।
जिसपर जो बाइडेन ने कहा, कि "मैंने पहले कभी किसी राष्ट्रपति को इस तरह बात करते नहीं सुना, कि हम दुनिया के लिए ईर्ष्या के विषय हैं। मुझे एक भी ऐसा बड़ा देश बताइए, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अपनी जगह नहीं बदलना चाहेगा।" बाइडेन ने कहा, कि "कोई भी हमें कमज़ोर नहीं समझता। कोई भी हमारे साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहता। कोई भी नहीं।"
लेकिन, ट्रंप ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा, कि "जो (बाइडेन) अभी जब मैं और आप यहां बैठकर बहस में वक्त बर्बाद कर रहे हैं, उस वक्त भी हमारा देश बर्बाद हो रहा है।"
गुरुवार की हुए बहस से पहले, तमाम सर्वेक्षणों में डोनाल्ड ट्रंप और बाइडेन के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। लेकिन, हर सर्वेक्षण में डोनाल्ड ट्रंप के मुकाबले जो बाइडेन पिछड़ते नजर आ रहे हैं। बहस से एक दिन पहले ही न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना कॉलेज के सर्वेक्षण में ट्रंप को लगभग 48 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिलते दिखाया गया है, जबकि जो बाइडेन को करीब लगभग 44 प्रतिशत समर्थन मिलने की संभावना जताई गई है।
गुरुवार को बहस के खत्म होने के बाद राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा, कि गुरुवार के बहस से यह विभाजन और गहरा हो सकता है।
अलजजीरा के रिपोर्टर एलन फिशर ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, कि "मैं बहस खत्म होने के बाद से रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के नेताओं से बात कर रहा हूं। और सभी का मानना है, कि यह बहस वाली डोनाल्ड ट्रंप के लिए बहुत अच्छी रात थी।"
फिशर ने आगे कहा, कि बहस का कुछ मंच पर काफी असर देखने को मिला है औ ट्रम्प ने अपने कैम्पेन रैलियों से कई मुद्दों को दोहराया।
फिशर ने कहा, कि "जो बाइडेन बहस के दौरान कई बार डोनाल्ड ट्रंप पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहे थे, उनके बड़बोलेपन के लिए उनपर आक्रामकता दिखाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ऐसे पेश आ रहे थे, जैसे वो इस मंच से देश के लोगों को संबोधित कर रहे हों और पूरी बहस को कंट्रोल कर रहे हों।
फिशर ने कहा, कि "जो बाइडेन ने कई मुद्दों पर अपने विचारों को पूरा नहीं किया, जबकि कई ऐसे मुद्दे थे, जिसपर बाइडेन को भ्रमित होते देखा गया और ये उनके लिए एक बुरी रात थी।"
फिशर ने बाइडेन के पिछड़ने को लेकर कहा, कि ये बहस बाइडेन की उम्र के बारे में जो सवाल उठ रहे हैं, उसे और ज्यादा मजबूत करेंगे। वो 81 साल के हो चुके हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप 78 साल के हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने उम्र कोस खुद पर हावी नहीं होने दिया है, जबकि जो बाइडेन को बार बार भटकते देखा गया है, लिहाजा इस बहस से जो बाइडेन अपने उम्र को लेकर उठते सवालों को और मजबूत करेंगे।
गुरुवार को हुई ये बहस कई मायनों में असामान्य थी, खास तौर पर इसलिए, क्योंकि यह ऐतिहासिक रूप से बहुत पहले हुई थी। अमेरिका में 5 नवंबर को चुनाव होने हैं। जबकि, इस बहस के बाद बाद बाइडेन और ट्रंप दोनों ने इस बात पर जोर दिया, कि इसके बाद होने वाली बहसें भी सक्रिय इलेक्शन कैंपेन से पहले खत्म हो जाना चाहिए, ताकि सितंबर में कुछ राज्यों में शुरू होने वाले प्रारंभिक मतदान के साथ बहस के ओवरलैप से बचा जा सके।
इसके अलावा, अमेरिकी इतिहास में अभी तक जितने भी बहस हुए हैं, उनका आयोजन बाइपार्टिजन कमीशन करवाता आया है, लेकिन इस बार दोनों ही नेताएं ने बहस के लिए कमीशन से संपर्क नहीं किया और दोनों नेता CNN की बहस में शामिल होने के लिए तैयार हो गए।
शिड्यूल के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच की अगली बहस 10 सितंबर को होगी, लेकिन गुरुवार के बहस में डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रवासियों के सवाल पर काफी उग्र बहसबादी करते हुए बाइडेन को बैकफुट पर धकेल दिया।
बाइडेन को घेरते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि "वो अमेरिका के लिए खुली सीमा चाहते हैं। वह चाहते हैं, कि हमारा देश या तो नष्ट हो जाए या फिर वह उन लोगों को मतदाता के रूप में चुन लें।" बाइडेन ने अप्रवास और अपराध के बीच के संबंध को जोड़ने कोशिश की।
आपको बता दें, कि बाइडेन पर बार बार आरोप लग रहे हैं, कि वो अवैध शरणार्थियों को नागरिकता दे रहे हैं, ताकि अपने वोटरों की संख्या बढ़ा सकें। एलन मस्क भी बाइडेन को इस मुद्दे पर घेर चुके हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा, कि "अवैध शरणार्थी देश में हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं और पिछले दिनों कई युवतियों के मर्डर में इनका हाथ था।" जिसपर जवाब देते हुए बाइडेन ने कहा, कि "कई युवतियों की हत्या में उनके पति और ससुरालवालों का हाथ था।"

बाइडेन के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने दबी जुबान में बाइडेन को बहस में पिछड़ा हुआ बताया, लेकिन डेमोक्रेटिक नेताओं ने बहस के बाद भी बाइडेन का समर्थन करने का फैसला किया है और डेमोक्रेटिक नेताओं का कहना है, कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी लोकतंत्र के लिए एक अस्तित्वगत खतरा हैं।
कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजॉम ने कहा, कि "आप सिर्फ एक बहस में प्रदर्शन के कारण पीठ नहीं मोड़ सकते। किस तरह की पार्टी ऐसा करती है?" उन्होंने कहा, कि "राष्ट्रपति ने अच्छा काम किया है। हमें इस समय उनके लिए कुछ करना चाहिए।"
वहीं, बाइडेन की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने उनकी कमजोरियों को स्वीकार किया, लेकिन कहा, कि राष्ट्रपति ने अंत में अच्छा प्रदर्शन किया है।
उन्होंने CNN पर कहा, कि "हां, शुरुआत धीमी थी, लेकिन अंत मजबूत रहा।"
हालांकि, अलजजीरा के संवाददाता फिशर ने कहा, कि "अगर जो बाइडेन के पक्ष में एक बात है, तो वह यह है, कि चुनाव में अभी भी पांच महीने बाकी हैं। इसलिए उनके पास इसे ठीक करने का समय है। लेकिन वे इसे कैसे करते हैं, यही चिंता का विषय है।" उन्होंने आगे कहा, कि "इस बहस ने पूरी रेस को उलट दिया है।"












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