बाइडेन के वार पर प्रिंस सलमान का पलटवार, सऊदी अरब और अमेरिका ने गिनाईं एक दूसरे की गलतियां

अल जजीरा के पत्रकार किम्बर्ली हैल्केट ने कहा कि, बाइडेन ने सऊदी क्राउन प्रिंस के सामने जमाल खशोगी का मुद्दा उठाया, जिसका मतलब उन आलोचनाओं से बचना था, जो सऊदी अरब का दौरा करने के लिए उनकी की जा रही है।

जेद्दा, जुलाई 16: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि, उन्होंने जेद्दा के रेड सी फोर्ट सिटी में सऊदी अरब के टॉप अधिकारियों, जिनमें सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भी सामिल थे, उनके सामने सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के मामले को उठाया। पत्रकारों से बात करते हुए, बाइडेन ने कहा कि, उन्होंने बातचीत के दौरान मानवाधिकारों "और राजनीतिक सुधार की आवश्यकता" पर भी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से चर्चा की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि,'जैसा कि मैं हमेशा करता हूं, मैंने स्पष्ट किया कि ये (मानवाधिकारों का) विषय मेरे लिए और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। और खशोगी की हत्या के संबंध में, मैंने इसे बैठक के दौरान शीर्ष अधिकारियों के सामने उठाया'। बाइडेन ने कहा कि, मैंने सऊदी प्रिंस को बताया, कि उस वक्त मैं इस मुद्दे पर क्या सोचता था और आज मैं इस मुद्दे पर क्या सोचता हूं। उन्होंने कहा कि एक अमेरिकी राष्ट्रपति "मानवाधिकारों के मुद्दे पर चुप" नहीं हो सकता। आपको बता दें कि, शुक्रवार को सऊदी दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति का अभिभादन करने के लिए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पहुंचे थे और दोनों ने हाथ मिलाने की बजाए एक दूसरे से मुट्ठी की टक्कर से अभिभावदन किया, जिसकी राजनीतिक हलकों में आलोचना की गई है और जमाल खशोगी की मंगेतर ने इसे 'शर्मनाक' कहा है।

बाइडेन की हो रही है आलोचना

बाइडेन की हो रही है आलोचना

आपको बता दें कि, सऊदी राज परिवार के बड़े आलोचक रहे सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी वॉशिंगटन पोस्ट के कॉलमनिस्ट थे और उनकी हत्या तुर्की में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में कर दी गई थी, जब वो कुछ जरूरी कागजात लेने के लिए वहां गये हुए थे। इस दौरान उनकी मंगेतर वाणिज्य दूतावास के बाहर थीं और उन्होंने जमाल खशोगी को कई घंटों तक जब बाहर निकलने नहीं देखा, तब उन्होंने तुर्की के अधिकारियों से संपर्क किया था और बात में पता चला था, कि जमाल खशोगी की हत्या हो गई है, हालांकि उनकी बॉडी आजतक नहीं मिली है। वहीं, बाइडेन के सऊदी अरब दौरे को लेकर वॉशिंगटन पोस्ट अखबार के प्रकाशक फ्रेड रयान ने कहा कि, 'जिस तरह से ये मुलाकात की गई है, वो एक गर्मजोशी को दिखाता है और ये सऊदी प्रिंस सलमान को मुश्किलों से बचाया है'। उन्होंने इसे शर्मनाक कहा है और उन्होंने प्रिंस सलमान को जिम्मेदार ठहराने में बाइडेन को 'नाकाम' ठहराया है। साल 2019 में जब बाइडेन राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे थे, तब उन्होंने जमाल खशोगी का मुद्दा काफी जोरशोस से उठाया था और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी। और बाइडेन प्रशासन ने शुरूआत में प्रिंस सलमान से बात करने से इनकार कर दिया था।

बाइडेन की यात्रा का मतलब और मकसद

बाइडेन की यात्रा का मतलब और मकसद

वहीं, अल जजीरा के पत्रकार किम्बर्ली हैल्केट ने कहा कि, बाइडेन ने सऊदी क्राउन प्रिंस के सामने जमाल खशोगी का मुद्दा उठाया, जिसका मतलब उन आलोचनाओं से बचना था, जो सऊदी अरब का दौरा करने के लिए उनकी की जा रही है। उन्होंने कहा कि, ये साफ तौर पर दिख रहा है, कि वो जनसंपर्क यात्रा की स्थिति में हैं। आपको बता दें कि, अमेरिकी राष्ट्रपति की सऊदी अरब की यात्रा रियाद के साथ वाशिंगटन के संबंधों को फिर से स्थापित करने के प्रयासों के बीच हुई है, और दुनिया यूक्रेन में युद्ध से जुड़ी ऊर्जा की बढ़ती लागत से जूझ रही है। सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में से एक है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने जोर देकर कहा है कि, खशोगी की हत्या एक खराब ऑपरेशन था, जो एमबीएस सहित शीर्ष अधिकारियों की मंजूरी या जानकारी के बिना हुआ था। सऊदी क्राउन प्रिंस ने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के निष्कर्षों को खारिज कर दिया है, और उन्होंने ये भी कहा, कि हत्या में शामिल लोगों को जिम्मेदार और दोषी ठहराया गया।

ऊर्जा की सबसे ज्यादा चिंता

ऊर्जा की सबसे ज्यादा चिंता

सऊदी अरब पहुंचने के बाद जेद्दा हवाई अड्डे पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन का जोरदार स्वागत किया है। मक्का के गवर्नर प्रिंस खालिद बिन फैसल और अमेरिका में सऊदी राजदूत ने बाइडेन का स्वागत किया। वहीं, बाइडेन के आने से पहले, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने एयर फ़ोर्स वन में संवाददाताओं से कहा कि बाइडेन सऊदी अरब में अपनी बैठकों के दौरान मध्य पूर्व में वाशिंगटन की भागीदारी को लेकर "स्पष्ट रूप से और पर्याप्त रूप से" अमेरिका का नजरिया रखेंगे। वहीं, बाइडेन की सऊदी यात्रा को लेकर अमेरिका के डेमोक्रेटिक सांसद ब्रैड शेरमैन ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि, 'सऊदी अरब के बाजार में अगर तेल की आपूर्ति बढ़ जाती है, तो लाखों लोगों की जान बच जाएगी।' वहीं, विशेषज्ञों ने कहा है कि ऊर्जा हितों ने बाइडेन को राज्य की यात्रा करने के लिए प्रेरित किया है। दरअसल, अमेरिका चाहता है, कि तेल उत्पादक देश यानि ओपेक कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाए, जिससे तेल की कीमतों में कमी आए, लेकिन सऊदी अरब इसके लिए तैयार नहीं है। जिसके लिए आज भी सऊदी अरब और अमेरिका के बीच बातचीत होगी।

क्या सऊदी अरब होगा तैयार?

क्या सऊदी अरब होगा तैयार?

समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि, वॉशिंगटन को रियाद से फौरन तेल प्रोडक्शन बढ़ाने की उम्मीद भी नहीं है और अमेरिका की नजर 3 अगस्त को ओपेक प्लस की होने वाली बैठक पर है। वहीं, जेद्दा में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि, उनकी यात्रा से पहले ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के काम कम होने लगे हैं। आगे उन्होंने कहा कि, 'सऊदी अरब की मेरी यात्रा का असर शायद अभी नहीं, एक-दो हफ्तों के बाद महसूस किया जा सकता है।' आपको बता दें कि, ओपेक प्लस फिलहाल कच्चे तेल का उत्पादन कम कर रहा है, जबकि डिमांड ज्यादा है। वहीं, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सऊदी अरब कितनी अतिरिक्त आपूर्ति बाजार में ला सकता है और कितनी जल्दी। ओपेक + ने पिछले महीने अगस्त में उत्पादन लक्ष्य को 648,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) बढ़ाने का फैसला किया, जिससे रिकॉर्ड उत्पादन में कटौती हुई, जो कि कोविड महामारी के दौरान लॉकडाउन की वजह से डिमांड कम होने के वक्त लाया गया था।

प्रिंस सलमान का पलटवार

प्रिंस सलमान का पलटवार

रिपोर्ट के मुताबिक, जमाल खशोगी के मुद्दे पर प्रिंस सलमान ने साफ कहा, कि सऊदी अरब ने गुनहगारों को सजा दिलवाई है। वहीं, प्रिंस सलमान ने कहा कि, उस साल दुनिया के कई देशों में पत्रकारों के साथ ऐसा सलूक किया गया, जिनमें अमेरिकन जर्नलिस्ट्स भी थे। वहीं, अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस ने बाइडेन को इराक में मारे गये पत्रकार अबू गुरैब के साथ कई और नाम गिनाए और कहा कि, उसमें अमेरिका ने गलतियां की हैं। इसके साथ ही प्रिंस सलमान ने जो बाइडेन से मुलाकात के दौरान अमेरिकी पत्रकार शिरीन अबू अकलेह की हत्या का भी मुद्दा उठाया और बाइडेन से सवाल पूछा, कि अमेरिका ने इसको लेकर अभी तक क्या किया है? वहीं, जब पत्रकारों ने दोनों नेताओं से जमाल खशोगी को लेकर सवाल पूछा और पत्रकारों ने पूछा, कि क्या आप जमाल के परिवार से माफी मांगते हैं, तो दोनों नेताओं ने चुप्पी साथ ली और सिर्फ थैंक्यू- थैंक्यू की आवाज सुनाई दे रही थी।

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