‘रूस पर लगाम लगाना पूरी दुनिया के लिए जरुरी’, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने एक बार फिर किया यूक्रेन का समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में एक बार फिर से यूक्रेन का समर्थन किया। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अमेरिका, दुनिया भर में अपने सहयोगियों और भागीदारों के साथ, उनकी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में 'यूक्रेन के बहादुर लोगों' के साथ खड़ा रहेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति की ये टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र में आई जो न्यूयॉर्क में हो रही है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों अमेरिका, चीन, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन में से सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ही संयुक्त राष्ट्र महासभा में शिरकत कर रहे हैं।

बाइडेन ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा, "रूस का मानना है कि दुनिया थक जाएगी और उसे बिना परिणाम के यूक्रेन पर क्रूरता करने की अनुमति देगी। लेकिन मैं आपसे यह पूछता हूं, यदि हम किसी हमलावर को खुश करने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों को त्याग देते हैं, तो क्या कोई सदस्य देश आश्वस्त हो सकता है कि वे सुरक्षित हैं?
बाइडेन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व नेताओं से पूछा कि अगर हम यूक्रेन को विभाजित करने की अनुमति देते हैं, तो क्या किसी भी देश की स्वतंत्रता सुरक्षित है? जवाब नहीं है। हमें कल होने वाले संभावित आक्रामक कार्रवाई को रोकने के लिए आज इस नग्न आक्रामकता के खिलाफ खड़ा होना होगा।
बाइडेन ने कहा, "यही कारण है कि अमेरिका अपने सहयोगियों और दुनिया भर के साझेदारों के साथ यूक्रेन के बहादुर लोगों के साथ खड़ा रहेगा क्योंकि वे उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता और उनकी स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया भर में सभी लोगों के लिए अधिक सुरक्षित, अधिक समृद्ध, अधिक न्यायसंगत दुनिया चाहता है, क्योंकि हम जानते हैं कि हमारा भविष्य आपके साथ जुड़ा हुआ है। और कोई भी देश आज की चुनौतियों का सामना अकेले नहीं कर सकता।''
इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाडेन ने जलवायु परिवर्तन और उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी यूरोप में चल रही जंगल की आग के मुद्दे पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है।
जंगल की आग उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी यूरोप को तबाह कर रही है। अफ्रीका में बीते 5 सालों से सूखे की स्थिति है। लीबिया में भयानक बाढ़ ने हजारों लोगों की जान ले ली है। कुल मिलाकर ये स्नैपशॉट एक जरूरी कहानी बताते हैं कि हमें जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता को कम करना कितना जरूरी है।
आपको बता दें कि न्यूयॉर्क शहर में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 78वें सत्र में विश्व के गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए 140 से अधिक विश्व नेता मिल रहे हैं। फरवरी 2022 में रूस द्वारा उनके देश पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की पहली बार महासभा में भाग लेंगे।












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