इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मिले अमेरिकी राष्ट्रपति, क्या जो बाइडेन जाते-जाते खत्म करवा पाएंगे युद्ध?

Biden meets Netanyahu: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत. गाजा युद्ध के बीच इजरायली नेता की अमेरिकी राजधानी की यात्रा के खिलाफ हजारों लोगों के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद हुई है।

5 नवंबर को होने वाले चुनाव में संभावित डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी आज इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगी।

Biden meets Netanyahu

व्हाइट हाउस में मुलाकात से पहले बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी संसद के दोनों सत्रों को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने गाजा में इजराइली युद्ध का जोरदार तरीके से बचाव किया था, जिसमें हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 39 हजार लोगों की मौत हो गई है। इजराइल ने गाजा में भारी तबाही मचाई है, जिससे गाजा में मानवीय संकट उत्पन्न हो गया है।

इजराइली प्रधानमंत्री के भाषण के अमेरिका के कई सांसदों ने बहिष्कार किया था और जिस वक्त उनका भाषण चल रहा था, उस वक्त हजारों प्रदर्शनकारी अमेरिकी संसद के बाहर जमा हो गये थे और अमेरिका से इजराइल को मिलने वाली सहायता बंद करने की मांग कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के पास भी प्रदर्शन करने की कोशिश की गई।

इजराइल का समर्थन करता रहेगा US

बाइडेन प्रशासन ने गाजा में संघर्ष के बीच इजरायल को अटूट समर्थन देना जारी रखा है और अभी भी अमेरिका, इजराइल को अरबों डॉलर की सैन्य सहायता भेजने वाला है। इसके अलावा, अमेरिका ने इजराइल को महत्वपूर्ण राजनयिक समर्थन भी देना जारी रखा है।

हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है, कि बाइडेन ने हमास के साथ तीन-चरणीय युद्धविराम समझौते को अंतिम रूप देने के लिए व्हाइट हाउस की बैठक के दौरान नेतन्याहू पर दबाव डाला है, जिसे बाइडेन ने पहली बार मई में पेश किया था।

बैठक से पहले, व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, कि उनका मानना ​​है कि गाजा युद्धविराम समझौता करीब है।

किर्बी ने एक वीडियो बयान में कहा, कि "हमारा मानना ​​है, कि अंतर कम किया जा सकता है।" उन्होंने कहा, "हमारा मानना ​​है कि उन बंधकों को उनके परिवारों के पास वापस घर पहुंचाना बहुत जरूरी है, जहां वे रहते हैं, युद्धविराम लागू करना है, ताकि हम गाजा में शत्रुता को समाप्त करने की दिशा में काम कर सकें।"

बाइडेन और नेतन्याहू ने गाजा में बंदी बनाए गए अमेरिकियों के परिवारों से भी मुलाकात की है।

इसके अलावा, बेंजामिन नेतन्याहू, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से भी मुलाकात करने वाले हैं, जो संभावित डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति उम्मीदवार हैं।

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, कमला हैरिस गाजा में मानवीय क्षति के बारे में बाइडेन प्रशासन के अन्य अधिकारियों की तुलना में अपेक्षाकृत ज्यादा मुखर रही हैं। वहीं, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, कि इजरायल के मामले में "राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के बीच कोई मतभेद नहीं है"।

क्या बाइडेन सख्त रूख अपना पाएंगे?

कुछ पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है, कि बाइडेन अब चुनाव लड़ने से मुक्त हो गये हैं और अब उनके कंधे पर कोई बोझ नहीं है, इसलिए वो अब सख्त रूख अपना सकते हैं। हालांकि, अभी तक ये जानकारियां सामने नहीं आई हैं, कि बाइडने ने इजराइली प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान क्या कहा है, लेकिन उनकी कोशिश अपना पद छोड़ते छोड़ते एक अपनी छवि एक ऐसे नेता के तौर पर बनाने की होगी, जो फैसले ले सकता हो।

नेतन्याहू ने अभी तक बाइडेन की युद्धविराम की तमाम अपीलों को ठुकराया है और इसको लेकर अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव भी देखने को मिला है। बेंजामिन नेतन्याहू इस साल की शुरूआत में ही अमेरिका की यात्रा करने वाले थे, लेकिन मनमुटाव के बाद उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया था।

हालांकि बुधवार को कांग्रेस के संयुक्त सत्र में नेतन्याहू के भाषण के दौरान गर्मजोशी भरे शब्द थे, लेकिन हकीकत यह है, कि जो बाइडेन और उनके बीच पिछले कुछ समय से युद्ध के ऑपरेशन के तरीके को लेकर मतभेद हैं।

व्हाइट हाउस बार बार संकेत दे रहा है, कि बाइडेन के शब्द इस बार सख्त होने वाले हैं। बाइडेन इस बार युद्धविराम से कम कुछ और नहीं चाहेंगे और माना जा रहा है, कि बाइडेन की टीम ने नेतन्याहू की टीम को इस बारे में मैसेज भी भेजा है।

लेकिन, इजराइली प्रधानमंत्री को बाइडेन के विरोधी डोनाल्ड ट्रंप का पूरा समर्थन मिला हुआ है। नेतन्याहू की डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात होने वाली है, जिनके इस बार 5 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में जीतने की संभावना है और डोनाल्ड ट्रंप, इजराइल के कट्टर समर्थक रहे हैं।

बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अमेरिकी संसद में अपने भाषण के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के कई कामों की जमकर तारीफ की है और बाइडेन से मुलाकात से पहले ये संकेत दिया है, कि वो झुकने के लिए तैयार नहीं है।

बेंजामिन नेतन्याहू ने अब्राहम समझौते की तरफ इशारा किया, जिसके तहत इजराइल के कई मुस्लिम देशों के साथ डिप्लोमेटिक संबंध स्थापित हुए थे और डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में ही अब्राहम समझौता हुआ था। इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप ने ही तेल अवीव से येरूशलम में अमेरिकी दूतावास ट्रांसफर करने की इजाजत दी थी और सीरिया के कब्जे वाले गोलान हाइट्स पर इजराइल के दावे को मान्यता देने का फैसला किया था।

नेतन्याहू शुक्रवार को फ्लोरिडा में अपने मार-ए-लागो एस्टेट में ट्रम्प से मिलेंगे।

और माना जा रहा है, कि इस मुलाकात के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू, डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने रिश्ते को सही करने की कोशिश की थी। डोनाल्ड ट्रंप ने इस वक्त नेतन्याहू की निंदा की थी, जब 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने जो बाइडेन की जीत को स्वीकार कर लिया था, जिसे ट्रंप धोखाधड़ी वाला चुनाव बताते हैं।

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